- जीएलए के छात्रों ने किया एयर ड्रायर के आविष्कार का आईडिया
दैनिक उजाला, मथुरा : अक्सर लोगों की जिंदगी में अधिक व्यस्तता होने के कारण कपड़े समय से नहीं धुल पाते या फिर सूख नहीं पाते। इसी समस्या को मद्देनजर रखते हुए जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा के मैनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों ने 10 मिनट में कपड़ों को पूर्ण तरीके से सुखाने के लिए आईएसपी एयर ड्रायर आविष्कार का आईडिया सुझाया है। इस विचार का पेटेंट प्रकाशित हो चुका है।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र चिराग गोयल, साकेत शर्मा और यश अग्रवाल ने डा. विकास शर्मा के दिशा-निर्देशन में एक विचार सुझाया कि इस भागमभग भरी जिंदगी में लोगों के पास समय न होने के कारण तथा कपड़ों के जल्द न सुखने की वजह से वह धुल नहीं पाते हैं। ऐसी ही समस्या के समाधान हेतु सर्दियों तथा बारिश के मौसम में छात्रों ने एक आविष्कार का आईडिया सुझाया। छात्रों ने बताया कि अब हर व्यक्ति जल्द कपड़े धुलकर उन्हें 8 से 10 मिनट के अंतराल में सुखा भी सकता है।
छात्र चिराग गोयल ने बताया कि जब आप अपने कपड़ों को वाशिंग मशीन में ड्रायर होने के बाद सुखाते हैं तो, उन कपड़ों में काफी नमी रह जाती है और हल्की सी नमी बारिश और सर्दी के मौसम अधिक देर मालूम पड़ती है। ऐसे में बाहर घंटों तक सुखाने की जगह मात्र 10 मिनट के अंतराल में इस मशीन में सूख जायेंगे। छात्र ने बताया कि धुलने के बाद जब कपड़ों को एयर ड्रायर मशीन में डालेंगे और दरवाजा बंद करेंगे। उसके बाद इसका हीटर और एक्जस्ट फैन, सेंसर की मदद से चालू हो जाएंगे। इस मशीन में अलग-अलग प्रकार के कपड़ों के लिए समय दर्शाया गया है, जो कि मात्र 8 से 10 मिनट अंतराल में कपड़ों को बिल्कुल सुखा देता है। इस टेक्नोलॉजी को छात्र ‘आईएसपी एयर ड्रायर फॉर क्लॉथ‘ के नाम से पेटेंट प्रकाशित करा चुके हैं।
डीन रिसर्च प्रो. कमल शर्मा ने बातया कि यह टेक्नोलॉजी ठंडे मौसम और आवश्यकतानुसार कपड़े सुखाने में बहुत कारगर साबित होगी।
विभागाध्यक्ष प्रो. पीयूष सिंघल ने बताया कि शोध के क्षेत्र में जितना आगे बढ़ा जाए वह कम है। उन्होंने बताया कि छात्रों द्वारा साझा की टेक्नोलॉजी में हीटिंग, एक्जस्ट फेन, टेम्परेचर सेंसर, वोल्टेज रेगुलेटर और टाइमर का प्रयोग किया गया है। जिसका कुल लोड़ तकरीबन 800 वाट है और इसकी एक बार की सुखाने की क्षमता लगभग 4 जोड़ी है।
हैकफेड हैकथॉन में GLA के छात्रों ने हासिल किया श्रेष्ठ स्थान

मथुरा : असाधारण प्रतिभा और नवाचार के प्रदर्शन में, जीएलए विश्वविद्यालय के कंप्यूटर इंजीनियरिंग और एप्लिकेशन विभाग के छात्रों ने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में ग्लिच टेकफेस्ट के हिस्से के रूप में आयोजित प्रतिष्ठित हैकफेड हैकथॉन में श्रेष्ठ स्थान हासिल किया।
बीटेक का प्रतिभाशाली समूह। सीएसई द्वितीय वर्ष के छात्रों ने कोडिंग और समस्या-समाधान में अपनी कौशल का प्रदर्शन करते हुए, कुशल प्रतिभागियों के एक समूह के खिलाफ प्रतिस्पर्धा की। हैकथॉन में उनकी सफलता उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और नवीन भावना का प्रमाण है।
हैकफेड हैकथॉन, ग्लिच टेकफेस्ट का एक मुख्य आकर्षण, प्रतिभागियों को प्रौद्योगिकी का उपयोग करके वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने की चुनौती देता है। डीसीईए के छात्रों ने अपने अभिनव समाधानों से न्यायाधीशों को प्रभावित किया, जिससे उन्हें शीर्ष प्रदर्शन करने वालों के बीच एक योग्य स्थान प्राप्त हुआ।
कंप्यूटर इंजीनियरिंग और एप्लीकेशन विभाग के डीन डॉ. अशोक भंसाली ने छात्रों की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया और प्रतिभा के पोषण और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विभाग की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।

