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Wed. Feb 11th, 2026

एआई नवाचार और युवा प्रतिभाओं से सजा जीएलए विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा का राष्ट्रीय मंच

दैनिक उजाला, ग्रेटर नोएडा : जीएलए विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में आयोजित पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन 2026 अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का महत्वपूर्ण प्री-इवेंट रहा। “इम्पैक्ट ऑफ एआई ऑन पीपल, प्लैनेट एंड प्रोग्रेस” थीम पर आधारित इस दो दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश से शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और तकनीकी नवप्रवर्तकों ने भाग लिया। पूरे भारत से 1024 टीमों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 89 टीमों को 24 घंटे की एआई हैकाथॉन के लिए चयनित किया गया।

उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी डॉ. जितेंद्र मोहन भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि एआई का विकास तभी सार्थक है, जब उसमें सुरक्षा, विश्वसनीयता और नैतिकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा प्रणालियों और महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं में एआई के उपयोग के लिए साइबर सुरक्षा अनिवार्य आधार है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नवाचार के साथ-साथ जिम्मेदार और भरोसेमंद एआई समाधान विकसित करें।

सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि वैश्विक प्रौद्योगिकी क्षेत्र के सॉल्यूशन इंजीनियर अनमोल कृष्ण सचदेवा ने उद्योग जगत में एआई के व्यावहारिक उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एआई आधारित समाधान वास्तविक जीवन की जटिल समस्याओं को सरल और प्रभावी ढंग से हल कर रहे हैं तथा छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के वैज्ञानिक सुरेंद्र सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने विजेता टीमों को सम्मानित करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्री-समिट आयोजन देश के डिजिटल भविष्य को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन फरवरी में नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की मजबूत नींव रखता है और युवा प्रतिभाओं की भागीदारी भारत के एआई विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

आयोजन नवाचारी एआई के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि

सम्मेलन की सफलता पर जीएलए ग्रेटर नोएडा के प्रतिकुलपति प्रो. दिवाकर भारद्वाज ने कहा कि यह आयोजन जिम्मेदार और नवाचारी एआई के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि देशभर से 1024 टीमों की भागीदारी ने यह सिद्ध किया है कि भारत में एआई को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह है और उद्योग तथा शिक्षण संस्थानों के सहयोग से अनुसंधान को व्यावहारिक दिशा मिल रही है।

शिखर सम्मेलन के दौरान चार प्रमुख पैनल चर्चाओं में सेफ एंड ट्रस्टेड एआई, एआई फॉर सोशल गुड, डेमोक्रेटाइजिंग एआई रिसोर्सेज तथा ह्यूमन कैपिटल जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। देश और विदेश के विशेषज्ञों ने एआई की सुरक्षा, नैतिकता, समावेशिता और भविष्य की रणनीतियों पर अपने विचार साझा किए।
सम्मेलन का मुख्य आकर्षण 24 घंटे की एआई हैकाथॉन रही, जो पहले दिन दोपहर से शुरू होकर अगले दिन दोपहर तक चली। हैकाथॉन में प्रतिभागियों ने ग्लोबललॉजिक, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और एचसीएल जैसी प्रमुख कंपनियों द्वारा दी गई वास्तविक समस्याओं पर समाधान प्रस्तुत किए। तीन चरणों के मूल्यांकन के बाद विभिन्न विषयों में विजेता टीमों को चुना गया।

चारों विषयों में विजेताओं को कुल 3.60 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की गई, जबकि कंसोलेशन पुरस्कार के रूप में उपहार दिए गए। इसके अतिरिक्त एआई आइडिया पिचिंग प्रतियोगिता में भी जीएलए विश्वविद्यालय के मथुरा और ग्रेटर नोएडा परिसरों की टीमों को सम्मानित किया गया। कुल मिलाकर सम्मेलन में 4.50 लाख से अधिक की पुरस्कार राशि के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया गया।

टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के सहयोग से आयोजित इस वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत एआई नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश की युवा प्रतिभाएं वास्तविक समस्याओं के लिए प्रभावी और व्यवहारिक समाधान विकसित करने में पूरी तरह सक्षम हैं।

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