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‘विश्व में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश को आत्मनिर्भर बनना ही होगा’ : पीएम मोदी

  • पीएम मोदी ने कहा कि समुद्र से समृद्धि कार्यक्रम भले ही गुजरात के भावनगर में हो रहा है, लेकिन इसका वास्ता पूरे देश से है

गुजरात : गुजरात के भावनगर में आयोजित समुद्र से समृद्धि कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर खुलकर निशाना साधा और आत्मनिर्भर भारत की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीतियों ने देश का विकास रोक दिया। इसके साथ ही कहा कि विश्व में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश को आत्मनिर्भर बनना ही होगा। पीएम ने कहा कि ये कार्यक्रम तो भावनगर में हो रहा है, लेकिन ये कार्यक्रम पूरे हिंदुस्तान का है। पूरे भारत में समुद्र से समृद्धि से जाने की ओर हमारी दिशा क्या है, उसके लिए आज इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का केंद्र भावनगर को चुना गया है। गुजरात और भावनगर के लोगों को बहुत बहुत बधाई।

जन्मदिन की शुभकामनाओं के प्रति आभार प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “17 सितंबर को आप सबने अपने नरेन्द्र भाई को जो शुभकामनाएं भेजी हैं, देश और दुनिया से जो मुझे शुभकामनाएं मिली हैं। व्यक्तिगत तौर पर सबका धन्यवाद करना संभव नहीं है, लेकिन भारत के कोने-कोने से, विश्वभर से ये जो प्यार मिला है, आशीर्वाद मिले हैं। ये मेरी बहुत बड़ी संपत्ति है, ये मेरी बहुत बड़ी ताकत हैं। इसलिए मैं आज सार्वजनिक रूप से देश और दुनिया के सभी महानुभावों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।”

सेवा पखवाड़ा में एक लाख से ज्यादा ब्लड डोनर

पीएम ने कहा, “विश्वकर्मा जयंती से हनुमान जयंती तक, 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक पूरे देश भर में लाखों लोग सेवा पखवाड़ा मना रहे हैं। मुझे बताया गया है कि गुजरात में भी, पिछले दो-तीन दिनों में ही सेवा पखवाड़ा के दौरान बहुत जगह कार्यक्रम हुए, सैकड़ों जगहों पर रक्तदान शिविर लगे और इनमें अब तक एक लाख लोग ब्लड डोनेशन कर चुके हैं। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनमें लाखों लोगों ने भाग लिया। आज मैं ऐसे समय में भावनगर आया हूं, जब नवरात्रि का पर्व शुरू होने वाला है। इस बार जीएसटी में कमी की वजह से बाजारों में रौनक भी ज्यादा रहने वाली है। और ये उत्सव के इसी माहौल में आज हम समुद्र से समृद्धि का महा-उत्सव मना रहे हैं।”

समुद्र बहुत बड़ा अवसर

पीएम ने कहा कि 21वीं सदी का भारत आज समुद्र को बहुत बड़े अवसर के रूप में देख रहा है। उन्होंने कहा, “थोड़ी देर पहले यहां पोर्ट लेड डेवलपमेंट को गति देने के लिए हजारों करोड़ रुपए का शिलान्यास और उद्धाटन किया गया है। भारत आज विश्वबंधु की भावना से आगे बढ़ रहा है। दुनिया में हमारा कोई बड़ा दुश्मन नहीं है। सच्चे अर्थ में अगर हमारा कोई दुश्मन है तो वो है दूसरे देशों पर हमारी निर्भरता। यही हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है और हमें मिलकर भारत के इस दुश्मन को हराना ही होगा। जितनी ज्यादा विदेशी निर्भरता, उतनी ज्यादा देश की विफलता। विश्व में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश को आत्मनिर्भर बनना ही होगा।”

आत्मनिर्भर भारत पर जोर

पीएम मोदी ने देश को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देते हुए कहा कि भारत में सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है, लेकिन आजादी के बाद कांग्रेस ने भारत के हर सामर्थ्य को नजरअंदाज किया, इसलिए आजादी के 6-7 दशकों बाद भी भारत वो सफलता हासिल नहीं कर पाया, जिसके हम हकदार थे। इसके दो बड़े कारण रहे- लंबे समय तक कांग्रेस सरकार ने देश को लाइसेंस कोटा राज में उलझाए रखा। दुनिया के बाजार से अलग-थलग रखा। कांग्रेस सरकार की नीतियों ने देश के नौजवानों का बहुत नुकसान किया। उन्होंने कहा, “2047 तक हमें विकसित होना है तो भारत को आत्मनिर्भर होना ही होगा। इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है। 140 करोड़ देशवासियों का एक ही संकल्प होना चाहिए। चिप हो या शिप, हमें भारत में ही बनाने होंगे। इसी सोच के साथ आज भारत मैरिटाइम सेक्टर में भी नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म करने जा रहा है। इसे मजबूती देने के लिए एक बहुत ऐतिहासिक निर्णय हुआ है। अब सरकार ने बड़े जहाजों को इफ्रास्ट्रक्चर के रूप में मान्यता दे दी है।”

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