Breaking
Thu. Feb 12th, 2026

दर्जी समय पर ब्लाउज नहीं दे सका, अदालत ने 7,000 रुपये का जुर्माना लगाया; जानें पूरा मामला

  • अहमदाबाद में एक महिला की शिकायत पर कोर्ट ने एक दर्जी पर सात हजार रुपये जुर्माना लगाया है, दर्जी ने महिला का ब्लाउज समय पर सिलकर नहीं दिया था

अहमदाबाद: एक दर्जी का टूटा हुआ वादा उसे 7,000 रुपये का घाटा करा गया, क्योंकि वह शादी के लिए ब्लाउज समय पर नहीं दे सका। इस घटना ने एक खुशहाल पारिवारिक समारोह को उपभोक्ता अदालत के मामले में बदल दिया। उपभोक्ता अदालत ने टेलर पर सात हजार रुपये जुर्माना लगाया है।

अहमदाबाद की एक महिला ग्राहक ने अपने रिश्तेदार की शादी के लिए 24 दिसंबर 2024 को पहनने हेतु एक पारंपरिक ब्लाउज सिलवाने का ऑर्डर दिया था। उसने पिछले महीने ही दर्जी को ₹4,395 अग्रिम में दे दिए थे। लेकिन जब वह 14 दिसंबर को ऑर्डर लेने गई, तो पाया कि ब्लाउज उसकी बताई गई डिज़ाइन के अनुसार नहीं सिला गया था। दर्जी ने उसे भरोसा दिलाया कि वह गलती सुधार देगा, लेकिन 24 दिसंबर बीत गया और ब्लाउज कभी नहीं मिला।

कोर्ट ने इस वजह से दर्जी को दोषी ठहराया

इसके बाद महिला ने दर्जी को कानूनी नोटिस भेजा, उपभोक्ता शिकायत दर्ज की लेकिन दर्जी उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, अहमदाबाद (अतिरिक्त) में पेश नहीं हुआ। आयोग ने दर्जी की ओर से ब्लाउज न देने को “सेवा में स्पष्ट कमी” माना, जिससे शिकायतकर्ता को “मानसिक उत्पीड़न” झेलना पड़ा। अदालत ने आदेश दिया कि दर्जी 4,395 रुपये राशि 7% वार्षिक ब्याज सहित लौटाए, साथ ही मानसिक कष्ट और वाद व्यय के लिए अतिरिक्त मुआवजा भी अदा करे।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *