नई दिल्ली : भारत के स्वाधीनता दिवस पर इस बार लाल किले की प्राचीर पर फहराया जाने वाला राष्ट्रीय ध्वज शाहजंहापुर की आयुध वस्त्र फैक्टरी में तैयार किया जाएगा। इस रेशमी ध्वज को झंडा संहिता के अनुरूप बनाया जाएगा। वहीं देशभर में सार्वजनिक और सरकारी विभागों के लिए राष्ट्रीय ध्वज तैयार कर आपूर्ति करने का जिम्मा ग्वालियर सहित चार खादी संस्थानों का रहेगा।
गृह मंत्रालय के आदेश पर भारतीय झंडा संहिता 2002 में संशोधन किया गया है। संशोधन आदेश के तहत भारत का राष्ट्रीय ध्वज हाथ से काटे गए और हाथ से बुने या मशीन से बने, कपास/पॉलिएस्टर/ ऊन/रेशम/खादी बंटिंग से ही बना होना चाहिए। इसकी गाइडलाइन के हिसाब से अब सभी अवसरों पर आधिकारिक प्रदर्शन के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) के अनुसार मानक चिह्न वाले ध्वज का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इन संस्थानों में हो रहे तैयार
● मध्य भारत खादी संघ, ग्वालियर, मध्य प्रदेश
● कर्नाटक खादी ग्रामोद्योग संयुक्त संघ फेडरेशन, हुबली
● खादी डायर्स एंड प्रिंटर्स, बोरीवली, महाराष्ट्र
● धारवाड़ तालुक गरग क्षेत्रीय सेवा संघ, कर्नाटक

