ढाका : बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में एक कपड़ा फैक्ट्री के अंदर हिंदू कर्मचारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बीते 12 दिनों में बांग्लादेश में हिंदू की हत्या की यह तीसरी घटना है।
घटना सोमवार शाम करीब 6:45 बजे भालुका उपजिला की सुलताना स्वेटर्स लिमिटेड फैक्ट्री में हुई। मृतक की पहचान बजेंद्र बिस्वास (42) के रूप में हुई है, जो फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड था। आरोपी नोमान मिया (29) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों फैक्ट्री में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। बातचीत के दौरान नोमान मिया ने बजेंद्र पर सरकारी शॉटगन तान दी। कुछ ही देर में बंदूक चल गई और गोली बजेंद्र की बायीं जांघ में लगी, जिससे उसकी मौत हो गई।

बजेंद्र को गंभीर हालत में भालुका उपजिला स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
बांग्लादेश में 2 हफ्तों में 3 हिंदू मारे गए
24 दिसंबर बुधवार रात 11:00 बजे एक हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। घटना राजबाड़ी जिले के होसेनडांगा गांव में हुई। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान 29 वर्षीय अमृत मंडल उर्फ सम्राट के तौर पर हुई।
पुलिस ने बताया कि अमृत को भीड़ ने जबरन वसूली के आरोप में मार डाला। वह होसेनडांगा गांव का ही निवासी था। पुलिस ने बताया कि अमृत के खिलाफ पांगशा पुलिस स्टेशन में दो मामले दर्ज हैं। इनमें एक हत्या का मामला भी शामिल है।
इससे पहले 18 दिसंबर को ढाका के पास हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ ने हत्या कर दी थी। बाद में उसे पेड़ पर लटकाकर जला दिया था।

वीडियो में दिख रहा है कि भीड़ ने दीपू चंद्र की डेडबॉडी में आग लगा दी। आसपास मौजूद लोग मोबाइल से वीडियो बनाते रहे।
दीपू दास की ईशनिंदा के झूठे आरोप में हत्या
इस मामले की जांच में यह सामने आया कि जिस दावे के आधार पर भीड़ ने हमला किया था, उसके कोई सबूत नहीं मिले।
दरअसल, सोशल मीडिया पर यह आरोप लगाया जा रहा था कि दीपू चंद्र दास ने फेसबुक पर ऐसी टिप्पणी की थी, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं, लेकिन जांच एजेंसियों का कहना है कि अब तक ऐसी किसी भी पोस्ट या टिप्पणी के प्रमाण नहीं मिले हैं।
बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) के कंपनी कमांडर मोहम्मद शम्सुज्जमान ने बांग्लादेशी अखबार ‘द डेली स्टार’ को बताया कि जांच में यह साबित करने वाला कोई साक्ष्य नहीं मिला है कि दीपू दास ने फेसबुक पर कोई आपत्तिजनक या धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला कंटेंट डाला था।

प्रदर्शनकारी युवक के शव पर पैर रखकर उसे कुचलते रहे।
स्टूडेंट लीडर उस्मान हादी की हत्या के बाद हिंसा भड़की
दीपू चंद्र की हत्या जिस वक्त हुई, उस दौरान बांग्लादेश में हिंसा भड़की हुई थी। इंकलाब मंच के लीडर 32 साल के शरीफ उस्मान बिन हादी की मौत के बाद से राजधानी ढाका समेत 4 शहरों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई हैं।
उस्मान हादी अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के विरोध में हुए छात्र आंदोलन के लीडर थे। वे शेख हसीना और भारत विरोधी माने जाते थे। 12 दिसंबर को उन्हें चुनाव प्रचार के दौरान गोली मार दी गई थी। यूनुस सरकार ने उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर भेजा था, लेकिन 18 दिसंबर को हादी की मौत हो गई।
इससे भड़की भीड़ ने बांग्लादेश के दो बड़े अखबारों द डेली स्टार और प्रथोम आलो के ऑफिस में आग लगा दी। आरोप है कि हादी के समर्थक इलियास हुसैन ने फेसबुक पोस्ट के जरिए लोगों से राजबाग एरिया में इकट्ठा होने के लिए कहा था। बांग्ला अखबार प्रथोम आलो और अंग्रेजी अखबार द डेली स्टार के दफ्तर इसी जगह हैं।
उस्मान हादी अपनी तकरीरों में प्रथोम आलो और द डेली स्टार अखबार की आलोचना करते थे। उन्हें हिंदुओं का पक्षधर बताते थे और इन अखबारों के सेक्युलर होने पर आलोचना करते थे।

