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कनाडाई PM का आरोप- भारतीय डिप्लोमैट्स अपराधों में शामिल:ट्रूडो बोले- हमारे लोगों की हत्या को समर्थन देना भारत की गलती

नई दिल्ली : कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत सरकार के एजेंट्स पर खुफिया जानकारी जुटाने, टारगेट किलिंग, कनाडा के नागरिकों को धमकाने और हिंसा में शामिल होने का आरोप लगाया है।

रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के सबूतों का हवाला देते हुए ट्रूडो ने दावा किया कि कनाडा से निकाले गए भारत सरकार के 6 एजेंट्स उन गतिविधियों में शामिल थे, जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं।

ट्रूडो ने यह भी कहा कि कनाडा ने इन मामलों पर भारत सरकार के साथ काम करने की कई कोशिशें कीं, लेकिन भारत ने हर बार मदद करने से इनकार कर दिया। दरअसल, यह पूरा मामला ट्रूडो सरकार की भेजी एक चिट्ठी के बाद गरमाया।

चिट्‌ठी में भारतीय हाई कमिश्नर और कुछ दूसरे डिप्लोमैट्स को कनाडाई नागरिक की हत्या में संदिग्ध बताया था। इसके बाद कनाडा ने भारत के 6 डिप्लोमैट्स को देश छोड़कर जाने के लिए कहा। जवाब में भारत ने कनाडा के कार्यकारी हाई कमिश्नर स्टीवर्ट रॉस व्हीलर समेत 6 कनाडाई डिप्लोमैट्स को देश छोड़ने कहा है।

ट्रूडो ने ब्रिटेन के PM स्टार्मर से बात की

ट्रूडो ने इस मुद्दे पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से भी बात की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने अपने नागरिकों की सुरक्षा और कानून का शासन बनाए रखने के मुद्दे पर चर्चा की।

कनाडा पुलिस ने कहा, भारतीय एजेंट्स ने कई जानकारियां जुटाईं

कनाडाई पुलिस के कमिश्नर माइक दुहेमे ने प्रेस कॉन्फ्रेस भी की। उन्होंने कहा कि कनाडा में भारतीय राजनयिक और अधिकारियों ने अपने पद का गलत इस्तेमाल कर गुप्त तरीके से भारत सरकार के लिए जानकारियां जुटाई हैं। इसके लिए भारतीय अधिकारियों ने एजेंट्स का इस्तेमाल किया। इनमें से कुछ एजेंट्स को भारत सरकार के साथ काम करने के लिए धमकाया गया और उन पर दबाव बनाया गया।

उन्होंने बताया कि भारत ने जो जानकारी जुटाई, उसका इस्तेमाल दक्षिण एशियाई लोगों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है। हमने भारत सरकार के अधिकारियों को इसके सबूत दिए थे और उनसे हिंसा को रोकने और सहयोग करने की अपील की थी।’

कनाडाई पुलिस ने 14 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेस भी की।

कनाडाई पुलिस ने 14 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेस भी की।

दोनों देशों के बीच तनाव की वजह खालिस्तानी आतंकी निज्जर, पिछले साल हत्या हुई थी

18 जून 2023 की शाम को कनाडा के सरे शहर के एक गुरुद्वारे से निकलते समय निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो ने पिछले साल 18 सितंबर को भारत सरकार पर निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था, जिसे भारत ने खारिज किया था।

इसके बाद 3 मई को निज्जर की हत्या के 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ये तीनों आरोपी भारतीय हैं। कनाडाई पुलिस ने कहा कि इन पर पुलिस कई महीनों से नजर रखे हुई थी। उन्हें यकीन है कि इन्हें भारत ने निज्जर को मारने का काम सौंपा था। तब भारत ने इस मामले पर कहा था कि यह कनाडा का आंतरिक मामला है।

हरदीप सिंह निज्जर की हत्या 18 जून 2023 को हुई थी। सितंबर में कनाडाई PM ने इस हत्या का आरोप भारत पर मढ़ा था।

हरदीप सिंह निज्जर की हत्या 18 जून 2023 को हुई थी। सितंबर में कनाडाई PM ने इस हत्या का आरोप भारत पर मढ़ा था।

ट्रूडो के लिए निज्जर का मुद्दा अहम क्यों

कनाडा में अक्टूबर 2025 में संसदीय चुनाव हैं। खालिस्तान समर्थकों को कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की पार्टी का बड़ा वोट बैंक माना जाता है। हालांकि, पिछले महीने ही ट्रूडो सरकार में शामिल खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह की NDP पार्टी ने अपना समर्थन वापस ले लिया है।

गठबंधन टूटने की वजह से ट्रूडो सरकार अल्पमत में आ गई थी। हालांकि 1 अक्टूबर को हुए बहुमत परीक्षण में ट्रूडो की लिबरल पार्टी को एक दूसरी पार्टी का समर्थन मिल गया था। इस वजह से ट्रूडो ने फ्लोर टेस्ट पास कर लिया था।

2021 की जनगणना के मुताबिक, कनाडा की कुल आबादी 3.89 करोड़ है। इनमें 18 लाख भारतीय हैं। ये कनाडा की कुल आबादी का 5% हैं। इनमें से 7 लाख से अधिक सिख हैं, जो कुल आबादी का 2% हैं।

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