वॉशिंगटन डीसी : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को रूस पर यूक्रेन से जंग खत्म करने का दबाव डालने के लिए भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी। ट्रम्प ने कहा- मैं ट्रेड को कई चीजों के लिए इस्तेमाल करता हूं, लेकिन यह युद्ध खत्म करने के लिए बहुत अच्छा है।
ट्रम्प ने कहा कि अगर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 50 दिन में यूक्रेन के साथ शांति समझौता नहीं किया, तो उस पर 100% टैरिफ लगेगा। ट्रम्प ने बताया कि यह ‘सेकेंडरी टैरिफ’ होगा, जिसका मतलब रूस से तेल खरीदने वाले देशों, जैसे भारत और चीन, पर भी प्रतिबंध लगेगा।
ट्रम्प ने व्हाइट हाउस स्थित ओवल ऑफिस में नाटो महासचिव मार्क रुटे के साथ बैठक की। इस दौरान ट्रम्प ने यूक्रेन को और हथियार देने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को रूस के हमलों से बचने के लिए हथियारों की जरूरत है।
ट्रम्प ने बताया कि उनकी प्लानिंग के तहत यूरोपीय देश अमेरिका से हथियार खरीदकर यूक्रेन को देंगे। यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, शॉर्ट-रेंज मिसाइलें, हॉवित्जर गोले और मिडिल रेंज की एयर-टु-एयर मिसाइलें दी जा सकती हैं।

व्हाइट हाउस स्थित ओवल ऑफिस में नाटो महासचिव मार्क रुटे के साथ ट्रम्प।
ट्रम्प बोले- पुतिन मुझे बेवकूफ नहीं बना सकते
ओवल ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, ट्रम्प ने पुतिन के प्रति बार-बार अपनी निराशा जाहिर की। ट्रम्प ने कहा, ‘मेरी पुतिन से हमेशा अच्छी बातचीत होती है। मैं घर जाता हूं, फर्स्ट लेडी से कहता हूं कि मैंने आज पुतिन से बात की, हमारी बातचीत बहुत अच्छी रही।’
‘फिर वो कहती हैं, ओह, सच में, अभी-अभी यूक्रेन के एक और शहर पर हमला हुआ है।’ ट्रम्प ने आगे कहा, ‘पुतिन ने क्लिंटन, बुश, ओबामा, बाइडेन को मूर्ख बनाया। मुझे बेवकूफ नहीं बना सकते। अब एक्शन लेना जरूरी है। पुतिन को पता है कि क्या डील है।’
ट्रम्प ने पुतिन पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, ‘मुझे लगा था कि हमने चार बार शांति समझौता कर लिया था, लेकिन युद्ध चलता रहा। मैं युद्ध के लिए जिम्मेदार नहीं हूं, लेकिन अब मैं वह खत्म करने के लिए काम कर रहा हूं।’
रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर सेकेंडरी टैरिफ का असर होगा
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने CNN को बताया कि ये ‘सेकेंडरी टैरिफ’ रूस से तेल खरीदने वाले देशों को निशाना बनाएंगे, क्योंकि अमेरिका और रूस के बीच बहुत कम व्यापार है। इससे रूस की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।
नाटो के अमेरिकी राजदूत मैट व्हिटेकर ने कहा- ये प्रतिबंध रूस को सीधेतौर पर निशाना नहीं बनाते, बल्कि उन देशों को प्रभावित करेंगे जो रूस से तेल खरीदते हैं। यह कदम रूस की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए उठाया गया है।

