तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान युद्ध में साथ न देने पर NATO सहयोगी देशों पर नाराजगी जताई है। ट्रम्प ने कहा है कि NATO देश कायर हैं और अमेरिका के बिना यह गठबंधन सिर्फ कागजी शेर है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा,

वे न्यूक्लियर ताकत वाले ईरान को रोकने की लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते थे। अब जब यह लड़ाई सैन्य रूप से जीत ली गई है, तो वे तेल की ऊंची कीमतों की शिकायत कर रहे हैं।
ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट का जिक्र करते हुए कहा कि इसे खुला रखने के लिए सैन्य मदद देना आसान है, लेकिन सहयोगी देश इसमें भी पीछे हट रहे हैं।
उन्होंने कहा, “यह बहुत आसान सैन्य कदम है, जिसमें बहुत कम जोखिम है, लेकिन वे मदद नहीं करना चाहते। कायर हैं, और हम इसे याद रखेंगे।”

इजराइल की एक सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्जर तोप ने शुक्रवार को लेबनान के दक्षिणी हिस्से की ओर गोले दागे।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार को अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को निशाना बनाया था।

ईरान ने गुरुवार रात इजराइल पर कई हवाई हमले किए।

कतर के रास लाफान गैस प्लांट पर गुरुवार को ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले के दौरान भीषण आग लग गई।

इजराइल ने बुधवार को ईरान की पार्स गैस फील्ड पर हमला किया था।
ईरानी राष्ट्रपति बोले- हम परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहते
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने साफ किया है कि उनका देश परमाणु हथियार बनाने की कोई योजना नहीं रखता।
नौरोज के मौके पर दिए संदेश में पजशकियान ने कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ युद्ध नहीं चाहता और क्षेत्र में शांति बनाए रखना चाहता है। उन्होंने कहा, “हम परमाणु हथियार हासिल नहीं करना चाहते। हमारे पड़ोसी हमारे भाई हैं और हम सभी मतभेद बातचीत से सुलझाना चाहते हैं।”
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए इस्लामिक देशों का साझा ढांचा बनाया जाना चाहिए और बाहरी ताकतों की जरूरत नहीं है।
पजशकियान ने दोहराया कि सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई पहले ही परमाणु हथियारों को धार्मिक रूप से गलत बता चुके हैं और इस दिशा में कोई नीति नहीं है।

