कराची : पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने शनिवार को कहा कि मई में हुए युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने भारत के आक्रमण का मजबूती से जवाब दिया। इसके बाद भारत सरकार को समझ आ गया कि युद्ध ‘बच्चों का खेल’ नहीं है।
जरदारी शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की पुण्यतिथि पर कराची में एक रैली में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान के संयम के लिए शुक्रगुजार होना चाहिए, क्योंकि अगर पाकिस्तान चाहता तो और भी भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराया जा सकता था। जरदारी ने कहा,

मोदी अब समझ चुके हैं कि पाकिस्तान अपनी रक्षा करना जानता है। अगर दोबारा युद्ध थोपा गया तो पाकिस्तान पूरी तरह तैयार है।
इधर, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तारीफ की। उन्होंने कहा- हमारे फील्ड मार्शल (आसिम मुनीर) का नाम सुनते ही मोदी छिप जाते हैं। अब विदेश में पाकिस्तान को लेकर कुछ नहीं कहते।
बातें…
- भले ही भारत खुद को बड़ी ताकत मानता हो, लेकिन पाकिस्तान के नेतृत्व और सेना जैसी हिम्मत और जज्बा उसमें नहीं है। मोदी को समझना चाहिए कि युद्ध के लिए हिम्मत, संकल्प और बलिदान चाहिए।
- मई में जब संघर्ष शुरू हुआ, तब मुझे बंकर में जाने की सलाह दी गई थी, लेकिन मैंने साफ इनकार कर दिया। मैंने कहा कि नेता बंकरों में नहीं मरते, वे मैदान में मरते हैं। भले ही भारत खुद को बड़ी ताकत मानता हो, लेकिन पाकिस्तान के नेतृत्व और सेना जैसी हिम्मत और जज्बा उसमें नहीं है।
- फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर ने भारत से युद्ध में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। मुनीर ने दुश्मन की आंखों में आंखें डालकर जवाब दिया। अमेरिकी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी मुनीर की तारीफ की है। आज अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान के रुख को स्वीकार कर रहा है।
बिलावल का दावा- पाकिस्तान ने भारत को हराया
वहीं, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने दावा किया कि मई में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तान की जीत हुई थी। यह 2025 की पाकिस्तान की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि बेनजीर भुट्टो की शहादत के 18 साल बाद भी देश के चारों प्रांतों से लोगों का जुटना आतंकवाद के खिलाफ मजबूत संदेश है।
बिलावल ने कहा कि जुल्फिकार अली भुट्टो ने पाकिस्तान को परमाणु शक्ति बनाया और आसिफ अली जरदारी ने चीन के साथ दोस्ती मजबूत करते हुए चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर(CPEC) की नींव रखी।

