Breaking
Fri. Feb 20th, 2026

Paris Olympics 2024: भारत ने जीता पहला मेडल, अब नजर राजस्थान के इन युवाओं पर; जानिए कौन हैं ये 2 प्रतिभाशाली खिलाड़ी

दैनिक उजाला, स्पोर्ट्स डेस्क : पेरिस शहर में ओलंपिक का आगाज हो चुका है। इस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। भारत से 16 स्पोर्ट्स डिसिप्लिन में 117 एथलीट शामिल हैं, जिनमें 70 पुरुष और 47 महिलाएं हैं। वे 95 पदकों के लिए 69 स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा करेंगे। राजस्थान की बात करें तो यहां से इस बार सिर्फ 2 प्रतिभाशाली खिलाड़ी इस खेलों के महाकुंभ में हिस्सा ले रहे हैं। दोनों निशानेबाज हैं, जो पहले भी कई बड़ी प्रतियोगिताओं में देश और प्रदेश का नाम रोशन कर चुके हैं। ये दोनों खिलाड़ी हैं अनंतजीत सिंह नरुका और माहेश्वरी चौहान। माहेश्वरी और अनंत दोनो स्कीट मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को लीड करेंगे। सबसे बड़ी बात ये है कि इस खेल में यह एक मात्र भारतीय जोड़ी है। आइए जानते हैं कौन हैं ये प्रतिभाशाली खिलाड़ी।

अनंतजीत सिंह नरुका

राजस्थान के जयपुर के रहने वाले अनंतजीत सिंह नरूका अंतराष्ट्रीय स्तर के प्रतिभाशाली एथलीट हैं। जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी चमक बिखेरकर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। 2015 में, उन्होंने जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय शॉटगन चैंपियनशिप में पुरुषों की स्कीट स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी पहली बड़ी सफलता हासिल की। इस जीत ने उन्हें भारतीय निशानेबाजी के शिखर की ओर अग्रसर कर दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनंतजीत ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है और दुनिया भर के प्रतिष्ठित कार्यक्रमों में भाग लिया है।

अनंत जीत सिंह नरूका ने एशियन गेम्स 2023 में पुरुष स्कीट व्यक्तिगत स्पर्धा में देश के लिए पहला रजत पदक जीतकर भारत का झंडा चीन में फहराया था। पेरिस ओलंपिक 2024 (Paris Olympic 2024) के लिए क्वालिफाई कर चुके भारतीय स्कीट शूटर अनंतजीत सिंह नरुका की गिनती मेडल के प्रमुख दावेदार में हो रही है। उम्मीद है कि वह इस पर खरा उतरकर एक बार फिर से विश्व में देश का मान बढ़ाएंगे।

माहेश्वरी चौहान

माहेश्वरी चौहान का जन्म राजस्थान में जालोर जिले के सियाना में 4 जुलाई 1996 को हुआ। माहेश्वरी चौहान के दादा और पिता दोनों नेशनल स्तर तक खेल चुके हैं। माहेश्वरी का भी दादा और पिता की तरह निशानेबाजी का बचपन से शौक था। माहेश्वरी बचपन से ही पढ़ाई के साथ-साथ शूटिंग में बेहतर थी। यही वजह रही कि उनके पिता ने सियाणा से 6 किमी दूर आकोली रोड पर 18 बीघा जमीन में बेटी के लिए शूटिंग रेंज बनवा दी।

माहेश्वरी नेशनल और इंटरनेशल स्तर की कई बड़ी चैंपियनशिप में मेडल जीत चुकी हैं। साल 2012, 2013 2014 में गोल्ड जीतने वाली माहेश्वरी चौहान अब तक दर्जनों अवार्ड अपने नाम कर देश का नाम रोशन कर चुकी है। माहेश्वरी चौहान ने दोहा में आईएसएसएफ शॉटगन ओलंपिक क्वालीफिकेशन चैंपियनशिप में महिलाओं की स्कीट स्पर्धा में सिल्वर जीता। साथ ही पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए क्वालीफाई किया। इस उपलब्धि के बाद अब सबकी नजर माहेश्वरी के पेरिस ओलंपिक 2024 के प्रदर्शन पर है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *