- जम्मू में चारों तरफ तबाही ही तबाही नजर आ रही है, माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए लैंडस्लाइड में 33 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई लोग घायल हैं
जम्मू : जम्मू-कश्मीर में पिछले 2 दिन से कुदरत का कहर टूटा है और परेशानी की बात ये है कि मौसम विभाग ने अगले 2 दिन तक भारी बारिश और बादल फटने की चेतावनी दी है। साथ ही जम्मू डिवीजन के सभी स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। मंगलवार को माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए लैंडस्लाइड में 33 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई लोग घायल हैं। दूसरी ओर उत्तरी रेलवे ने जम्मू की ओर जाने वाली 22 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है जबकि 27 ट्रेनों को रोक दिया गया है।
वहीं, जम्मू डिविजन में आज स्कूल और सरकारी ऑफिस बंद रहेंगे। इस डिविजन में बहने वाली तीन नदियां खतरे के पर बह रही हैं। मौसम विभाग ने अगले 40 घंटों में जम्मू संभाग में बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। बसंतर, तवी और चिनाब नदियों का जल स्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है। लोगों को नदी के किनारों और बाढ़ संभावित इलाकों से दूर रहने की सख्त सलाह दी गई है।
PM मोदी ने जताया दुख
पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर लिखा है, ”श्री माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर हुए भूस्खलन के कारण हुई जनहानि दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। ईश्वर करे कि घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हों। प्रशासन सभी प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। मैं सभी की सुरक्षा और कुशलक्षेम के लिए प्रार्थना करता हूं।”
अब तक 33 तीर्थयात्रियों की मौत
श्री माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए लैंडस्लाइड में अब तक 33 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। बारिश के बीच बचाव अभियान जारी है। और भी तीर्थयात्रियों के मलबे में दबे होने की आशंका है।
राहत और बचाव सामग्री लेकर जम्मू पहुंचे C130 और IL76 एयरक्राफ्ट
NDRF राहत और बचाव सामग्री लेकर C130 और IL76 एयरक्राफ्ट जम्मू पहुंच गए हैं। चिनूक और Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर जम्मू, उधमपुर, श्रीनगर और पठानकोट सहित आस-पास के ठिकानों पर तैनाती के लिए तैयार हैं। भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर बचाव कार्यों के लिए लगातार उड़ान भर रहे हैं।
जम्मू में चारों तरफ बारिश ने बरपाया कहर
जम्मू में तबाही केवल वैष्णो देवी रूट पर ही नहीं हुई है, भारी बारिश ने चारों तरफ कहर बरपाया है। जम्मू सिटी में 24 घंटे में 320 मिलीमीटर बारिश हुई है जबकि उधमपुर में बारिश ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उधमपुर में 12 घंटे के अंदर 540 मिलीमीटर बारिश हुई जो दिल्ली में एक साल में होने वाली बारिश का 70 फीसदी है।
जम्मू में तवी ब्रिज के पास दूसरी सड़क भी बही
जम्मू शहर और उसके आसपास भी बाढ़ और बारिश की वजह से तबाही हुई है। जम्मू में विक्रम चौक को तवी ब्रिज से जोड़ने वाली सड़क भी बह गई है। इसके बाद इस तरफ गाड़ियों की आवाजाही बंद कर दी गई है। सैकड़ों लोगों को नदी के किनारे से सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। जम्मू और सांबा जिले में निचले इलाकों में रह रहे लोगों को हटाने के लिए लगातार प्रशासन लगा हुआ है। सेना के साथ साथ NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया है।
कश्मीर यूनिवर्सिटी के आज होने वाले एग्जाम पोस्टपोन
मौसम को देखते हुए, कश्मीर यूनिवर्सिटी (KU) की 27 अगस्त, 2025 को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। स्थगित परीक्षाओं की नई तारीख बाद में अलग से अधिसूचित की जाएगी।
लोगों की आपबीती: परिवार साथ था, पल में सब कुछ बिखर गया
- एक श्रद्धालु ने बताया, ‘मैं और मेरा पूरा परिवार साथ जा रहे थे। मेरे बच्चे और पत्नी आगे निकल गए। फिर बहुत जोर से चट्टान गिरी। हमें कुछ समझ नहीं आया। अब मेरा बच्चों का कुछ पता नहीं चल रहा है। हम डरे हुए हैं। पल भर में हमारा सब कुछ बिखर गया।’
- एक और व्यक्ति ने बताया, ‘मैं पीछे था। मेरे साथ आए 6 लोग मेरे आगे थे। आगे करीब 100 से ज्यादा लोग और भी थे। मैं अभी भी कांप रहा हूं। मेरे साथ आए लोगों का अभी तक कुछ पता नहीं चला।’
- एक और महिला ने बताया, ‘हम माता रानी के दरबार में जा रहे थे। हमें कुछ समझ नहीं आया। मैं और मेरे पति तो बच गए पर मेरे तीनों बच्चे दब गए। सब कुछ तुरंत हो गया।’
पंजाब के मोहाली की रहने वाली किरण ने बताया, ‘मैं दर्शन करके पहाड़ से नीचे आ रही थी, तभी अचानक लोग चिल्लाने लगे। मैंने पत्थर गिरते हुए देखे। मैं किसी तरह सुरक्षित जगह की ओर भागी, लेकिन घायल हो गई।’ किरण के साथी एक और महिला ने बताया, ‘हम पांच लोग एक ग्रुप में थे, जिनमें से 3 घायल हैं।’
तस्वीरें…

रेस्क्यू टीम ने बुधवार को मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला।

लैंडस्लाइड से मंगलवार को ट्रैक के टिनशेड गिरे, रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हुई।

पहाड़ से बड़े पत्थर गिरे, जिन्हें हटाने का काम बुधवार को भी किया गया।

वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर काफी दूर तक लैंडस्लाइड का मलबा फैल गया।

