नई दिल्ली : मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका के चीतों को छोड़ा गया। अब एक बार फिर कूनो नेशनल पार्क सुर्खियों में आ रहा है। चिलचिलाती गर्मी के बीच मादा चीता ज्वाला के दूसरे शावक ने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि, वो कमजोर था। और डाक्टरों के निगरानी में था। 24 मार्च को मादा चीता ज्वाला ने तीन शावकों को जन्म दिया था। उसके पहले शावक की 23 मई को मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि, प्रथमदृष्टया शावक की मृत्यु कमजोरी से होना माना जा रहा है। शुरू से ही यह शावक सुस्त रहता था। सबसे छोटा और कम सक्रिय था और आज फिर एक शावक ने दम तोड़ दिया।
कूनो नेशनल पार्क में बीते दो माह में तीन चीतों की मौत हो चुकी है, साथ ही दो शावक ने भी दम तोड़ दिया है। अब एक बार फिर चीता प्रोजेक्ट की सफलता पर सवाल पर उठ रहे हैं। चीतों की मौत से अधिकारी भी चिंतित हैं। शावक से पहले चीता साशा, दक्षा और नर चीते उदय की मौत हो चुकी है। तीन चीतों और 2 शावक की मौत के बाद अब कूनो में 17 चीते और 2 शावक शेष बचे हैं।
देश में चीतों को एक बार फिर से बसाने की कवायद के साथ ही नामीबिया और साउथ अफ्रीका से कुल 20 चीते लाए गए थे। पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन पर चीतों को बाड़े में आजाद कर देश को चीतों की सौगात दी थी।


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