जमुई : जमुई में ग्रामीणों ने पुलिस टीम को दौड़ा-दौड़ा कर लाठी-डंडों से पीटा। घटना बरहट थाना क्षेत्र के कद्दुआ तरी गांव की है। पुलिस को इलाके में देसी शराब बनाने की सूचना मिली थी।
थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम रेड करने गांव पहुंची थी। जांच के दौरान ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पुलिस पर हमला बोल दिया।
उन्होंने पुलिस टीम को घेर लिया। लाठी-डंडों से पुलिसकर्मियों पर हमला किया। पुलिस के हथियार छीनने की भी कोशिश की गई।
इस दौरान भीड़ ने एक कॉन्स्टेबल को पकड़ लिया। भीड़ के आगे सिपाही बेबस दिखाई दिए। वो हाथ जोड़कर लोगों के आगे गिड़गिड़ाते नजर आए।
वही महिला SI उर्मिला कुमारी और SI शुभम झा को भी भीड़ ने घेर लिया। इस दौरान महिला SI रोती नजर आईं।
हमले में महिला SI उर्मिला कुमारी, SI शुभम झा समेत 6 से ज्यादा पुलिस वाले घायल हुए हैं। घटना शुक्रवार की है, इसका वीडियो आज यानी शनिवार को सामने आया है।

पुलिस टीम को गांव वालों ने दौड़ा-दौड़ा कर लाठी-डंडे से पीटा।

भीड़ ने सिपाही से हथियार छीनने की कोशिश भी की।

इस दौरान सिपाही खुद को बचाने के लिए भीड़ के आगे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते नजर आए।
50 लोगों की भीड़ ने किया हमला
पुलिस पर हमले के वीडियो में दिख रहा है कि महिला-पुरुष समेत 50 के लगभग ग्रामीणों ने पुलिस टीम को भगा-भगाकर लाठी-डंडे से पीटा।
इस बीच कुछ पुलिस कर्मी ने भागकर अपनी जान बचाई। वहीं एक सिपाही को एक युवक ने पकड़ लिया। इसके बाद भीड़ वहां पहुंची और पुलिसकर्मी को डंडे से मारने लगे।
एक शख्स उनके सिर पर हमला करता है, दूसरा युवक उनका हथियार छीनने की कोशिश करता नजर आ रहा है। इस दौरान जवान हाथ जोड़े माफी मांगते नजर आ रहा है।
वो हाथ जोड़कर बार-बार भीड़ से छोड़ देने की मिन्नतें कर रहा है। इस दौरान ग्रामीणों की ओर से गाली-गलौज किया जाता है।
भीड़ ने घेरा तो महिला SI रोने लगी
ग्रामीणों ने SI शुभम झा को 200 मीटर तक दौड़ाया। वहीं महिला SI भीड़ का हिंसक रूप देखकर रोने लगी।
दरअसल, कद्दुआ तरी गांव एक आदिवासी बहुल गांव है। जब पुलिस रेड के लिए पहुंची, लोग करमा पर्व को लेकर पूजा-पाठ में जुटे हुए थे। इसी बीच माहौल बिगड़ गया और हमला हो गया।

भीड़ ने महिला SI उर्मिला कुमारी को घेर लिया। जिसके बाद वो ‘मम्मी-मम्मी’ कह कर रोने लगी।
ग्रामीण बोले- पहले पुलिस ने मारपीट की
ग्रामीणों ने बताया कि करमा पर्व के बाद वे लोग अपना डीजे लगाकर गाना-बजाना कर रहे थे। तभी शुक्रवार की शाम बरहट थाने की पुलिस शराब की सूचना पर कदुआतरी गांव पहुंची।
पुलिस टाम ने आदिवासी महिला और बच्चों के साथ मारपीट की। इसके बाद ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर पुलिस के साथ मारपीट की।
पुलिस हिरासत में 13 लोग
पुलिस टीम पर हमले के बाद बरहट थाने की पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों के साथ कदुआतरी गांव में छापेमाली अभियान चलाया। जहां से 13 लोगों को हिरासत में लिया गया और उसे थाने लाकर पूछताछ की जा रही है।
जिसके बाद स्थानीय ग्रामीण आक्रोशित हो गए और ढोल-नगाड़े और पारंपरिक हथियार के साथ बरहट थाने पहुंचकर घेराव करने के लिए जुट रहे थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रोक दिया है।
बरहट थाना प्रभारी संजीव कुमार ने कहा, ‘वीडियो फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है और जल्द ही नामजद प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पर हमला करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।’
100 दिनों में 8 बड़े हमले, एक पुलिसकर्मी की मौत- 15 घायल
बिहार में पुलिस टीम के ऊपर पिछले 100 दिनों में 8 बड़े हमले हुए हैं। मुंगेर, गयाजी, रोहतास और पटना में बुरी तरह से पुलिस वालों को लाठी-डंडे से पीटा गया।
पटना में ही एक जगह पर स्कॉर्पियो से पुलिस वालों को रौंद दिया गया तो इस घटना के महज 13वें दिन पटना में ही पुलिस की दूसरी टीम को थार से कुचलने की कोशिश की गई।
जून से लेकर अब तक में पुलिस पर हुए हमलों में एक महिला सिपाही की मौत हो चुकी है। जबकि, एक थानेदार, 6 सब इंस्पेक्टर और 4 ASI समेत कुल 15 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

