नालंदा : बिहार के नालंदा में बुधवार (27 अगस्त) को ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और हिलसा विधायक कृष्ण मुरारी उर्फ प्रेम मुखिया पर लोगों ने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने दोनों को लाठी-डंडे लेकर दौड़ाया। जान बचाने के लिए दोनों नेता एक किलोमीटर भागे और 3 गाड़ियां बदलीं। नालंदा सीएम नीतीश कुमार का गृह जिला है।
बिहार में 3 दिन में दूसरे मंत्री पर हमला हुआ है। 25 अगस्त को पटना के अटल पथ पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे की गाड़ी पर पथराव हुआ था।
23 अगस्त को पटना के फतुहा में हिलसा के 9 लोगों की सड़क हादसे में मौत हुई थी। विधायक और मंत्री मलामा गांव में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। मुलाकात के थोड़ी देर बाद दोनों नेता वहां से लौटने लगे।
गांव वालों ने उन्हें कुछ देर और रुकने को कहा। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, ‘सभी पीड़ित परिवारों से मुलाकात हो गई है, उन्हें आगे के कार्यक्रम में जाना है।’ इस पर ग्रामीण नाराज हो गए।
भीड़ ने पहले स्थानीय पत्रकार और विधायक कृष्ण मुरारी को घेर लिया। लाठी-डंडे निकालकर ले आए। गांववालों का कहना था कि विधायक के कहने पर ही घटना के दिन किए गए जाम को हटाया था, आज तक सही मुआवजा नहीं मिला। ये कहते हुए ग्रामीण उग्र हो गए।

धोती पकड़कर भागते मंत्री श्रवण कुमार।

मंत्री और विधायकों को भीड़ ने करीब 1 किलोमीटर कर दौड़ाया।

पुलिस और बॉडी गार्ड्स मंत्री विधायक को स्कॉट कर के लाते हुए।
अब जानिए सुबह से अब तक मलामा गांव में क्या-क्या हुआ
23 अगस्त को सड़क जाम कर रहे लोगों को हिलसा के विधायक ने वादा किया था कि मैं आपका सही मुआवजा दिलवाऊंगा। मैं आपके गांव भी मिलने आऊंगा। अपना यही वादा पूरा करने के लिए विधायक, मंत्री जी के साथ मलामा गांव पहुंचे थे।
सुबह करीब 10 बजे दोनों गांव में पहुंचे। गांव में घुसते ही भीड़ ने दोनों को घेर लिया। अपनी-अपनी समस्याएं बताईं। इसके बाद मंत्री और विधायक को उन घरों की ओर ले जाया गया, जहां सड़क हादसे में मौतें हुई थीं।
दोनों ने एक-एक कर मृतकों के परिवार से मुलाकात की और जल्द मुआवजा दिलवाने का वादा किया। इस दौरान मंत्री और विधायक के साथ गांव के लोग चलते रहे।

मलामा गांव में पीड़ित परिवारों से मिलते मंत्री श्रवण कुमार।
मंत्री जाने लगे तो ग्रामीण नाराज हुए
थोड़ी देर बात विधायक ने कहा कि अब हम निकलते हैं दूसरी जगह भी कार्यक्रम है। गांव वालों को लगा कि मंत्री और विधायक आए हैं तो मुआवजे को लेकर मौके पर ही कोई ठोस कार्रवाई करवाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
जाने की बात सुनते ही गांव वालों ने विधायक और एक पत्रकार को घेर लिया। उन्होंने कहा कि हम आपको नहीं जाने देंगे। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में गांव वाले मौके पर जुट गए।
कुछ लोग घरों से लाठी-डंडे लेकर आए गए। मंत्री और विधायक को लगा कि हमला हो जाएगा। दोनों मौके से भागने लगे। मंत्री-विधायक को करीब 700 मीटर स्कॉट करते हुए बॉडी गार्ड्स गांव के बाहर कार तक लाए।

मंत्री जाने लगे तो गांव वालों ने गाड़ी को घेर लिया।
3 गाड़ियां बदलकर भागे मंत्री-विधायक
मंत्री जैसे ही कार में बैठे 10 से ज्यादा लोग उनकी गाड़ी के सामने आ गए। 20-25 लोग पीछे खड़े हो गए। इसी बीच कुछ लोगों ने लाठी-डंडे से गाड़ी पर हमला कर दिया।
पुलिस जवानों ने मंत्री को तुरंत गाड़ी से बाहर निकाला। दौड़ते हुए वो करीब 500 मीटर दूर खड़ी दूसरी गाड़ी तक पहुंचे। इस दौरान गांव वालों की भीड़ भी मंत्री के पीछे-पीछे थी।
मंत्री जैसे ही दूसरी गाड़ी के पास पहुंचे, भीड़ ने फिर से उन्हें घेर लिया। लाठी-डंडे से हमले शुरू कर दिए। इस दौरान बॉडी गार्ड्स ने उन्हें बचाने की कोशिश की तो वो भी घायल हो गए।
बॉडी गार्ड्स मंत्री और विधायक को तीसरी गाड़ी तक दौड़ाते हुए लाए। इस गाड़ी से दोनों को रवाना किया गया। इस दौरान भी ग्रामीण पीछे से उनकी गाड़ी पर पत्थर और डंडे फेंकते रहे।
गांव में अभी भारी पुलिस फोर्स तैनात है। मंत्री और विधायक पर हमला करने वालों की पहचान की जा रही है।

