कुरुक्षेत्र : हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक दलित युवक ने पुलिस पर थाने में नंगा कर मारपीट करने और प्राइवेट पार्ट में डंडा डालने के आरोप लगाए हैं। जब वह बेहोश हुआ तो उसे उठाकर अस्पताल ले गए। युवक की पत्नी ने 3 पुलिसकर्मियों समेत पड़ोसी के खिलाफ कुरुक्षेत्र के SP नीतीश अग्रवाल को शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। हालांकि SHO का कहना है कि इस तरह की कोई घटना नहीं हुई।
महिला ने कहा कि विवाद 30 जुलाई को शुरू हुआ। रात को गली में कुत्ते भौंक रहे थे। शोर सुनकर पति बाहर आए और उन पर पत्थर उठाकर मारा। पत्थर से पड़ोसी की खिड़की का शीशा टूट गया। इस पर पत्नी ने माफी भी मांगी, लेकिन पड़ोसी ने डायल 112 बुला ली। इसके बाद पुलिस कर्मचारी पति को पकड़कर अपने साथ ले गए।

बाजू पर लगी चोट दिखाता युवक।
घायल युवक की पत्नी के पुलिस पर आरोप जानिए…
- घसीटते हुए गाड़ी में बैठाया: ईस्माइलाबाद के निकटवर्ती गांव की रहने वाली महिला का कहना है कि पिछले महीने 30 जुलाई की रात को पड़ोसी की शिकायत पर डायल-112 की टीम गांव में पहुंची थी। पुलिसकर्मियों ने घसीटते हुए मेरे पति को गाड़ी में बैठाने की बजाय गिरा दिया। वे मारते-पीटते हुए थाने में ले गए। वहां उसे नंगा कर दिया और हाथ-पैर पीछे बांधकर डंडे व पट्टे बरसाने लगे।
- ब्लीडिंग होने पर बेहोश हुआ: महिला ने आरोप लगाया कि एक पुलिसकर्मी ने पति के प्राइवेट पार्ट में डंडा डाल दिया। ज्यादा ब्लीडिंग होने की वजह से वह बेहोश हो गया। फिर आरोपी पुलिसकर्मी पति को पिहोवा के सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाने के लिए लेकर आए। यहां उन्होंने पति को डॉक्टर को बताने पर नहर में डुबोकर जान से मारने की धमकी दी। फिर पति को थाने में ले आए और फिर उसके पति को डंडे से पीटना शुरू कर दिया।
- शिकायत देने पर धमकाया: महिला ने यह भी कहा कि आरोपी पुलिसकर्मियों ने पति से खाली कागजों पर साइन भी करवाए। सूचना पाकर सुबह मैं अपने पति को लेने थाने पहुंची तो पति से चला भी नहीं जा रहा था। मारपीट की वजह से उसके पति की बांह भी टूट गई। थाने से आते हुए पुलिसकर्मियों ने शिकायत देने पर फिर से धमकाया।
- प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा: उसने कहा कि घर आने के बाद पति ने मुझे पूरी बात बताई, जिसके बाद मैंने 3 अगस्त को अपने पति का मेडिकल करवाया। हालांकि 3-4 दिन बाद डॉक्टरों ने मेडिकल करने से इनकार कर दिया था, लेकिन एफिडेविट देने के बाद डॉक्टरों ने पति का मेडिकल किया। फिलहाल पति का कुरुक्षेत्र के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है।

SHO राजेश कुमार का कहना है कि इस तरह की कोई घटना नहीं हुई।
पूरे विवाद पर पुलिस ने क्या कहा…
पिटाई जैसी कोई घटना नहीं हुई: SHO ने आगे कहा कि इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। ये आरोप गलत हैं। पुलिस ऐसा क्यों ही करेगी। शिकायत 4 अगस्त को दी गई और मेडिकल 3 अगस्त को करवाया गया, जबकि पुलिस ने आरोपी को 30 जुलाई को हिरासत में लिया था। इस दौरान शिकायतकर्ता पुलिस के सामने क्यों नहीं आया और शिकायत क्यों नहीं दी।
समझौते के बाद पुलिस ने छोड़ा: थाना ईस्माइलाबाद के SHO राजेश कुमार ने कहा कि हंगामे की सूचना पर डायल-112 गांव में गई थी। हंगामा करने वाले आरोपी को साथ लेकर थाने में आई थी। यहां आरोपी के खिलाफ BNS 172 के तहत कार्रवाई की गई। अगले दिन शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच समझौता हो गया। उसी दिन पुलिस ने उसे परिजनों को सौंप दिया था।

