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इंदौर में पानी में बैक्टीरिया से 15वीं मौत:हाईकोर्ट में सरकार बोली- अबतक केवल 4 मौतें; पाइपलाइन लीकेज से पेयजल में मिला दूषित पानी

इंदौर : इंदौर में गंदे पानी से मौत के मामले में सरकार ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट भी हाईकोर्ट में पेश कर दी है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 6 जनवरी को सुनवाई की अगली तारीख तय की है। स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया है कि गंदे पानी से अबतक सिर्फ चार मौतें हुई हैं। दूसरी तरफ, 15 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।

इस मामले में इंटरविनर (हस्तक्षेप कर्ता) गोविंद सिंह बैस की ओर से मीडिया के पब्लिकेशन पर रोक लगाने की मांग की गई थी। इस पर कोर्ट ने कुछ भी टिप्पणी करना उचित नहीं समझा।

उधर, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मामले में संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।

दूषित पानी से प्रभावित 16 बच्चों समेत 201 लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। सभी 15 लोगों की जान दूषित पानी की वजह से ही गई है। इसकी पुष्टि गुरुवार को महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट से हो गई।

CMHO डॉ. माधव हसानी ने कहा- सैंपल की जांच रिपोर्ट में साफ तौर पर पुष्टि हुई है कि दूषित पानी पीने से ही लोग बीमार पड़े और उनकी जान गई। कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि डिटेल्ड रिपोर्ट का इंतजार है। मेडिकल कॉलेज में कल्चर टेस्ट भी किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहना ठीक होगा।

वहीं, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी माना कि भागीरथपुरा के पेयजल में सीवेज का पानी मिलने से हालात बिगड़े हैं। उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि चौकी के पास जो लीकेज वाली जगह है, वहीं इसकी सबसे प्रमुख आशंका है।

भागीरथपुरा में चौकी के पास बने शौचालय के नीचे से गुजरी पाइपलाइन में लीकेज मिला है। इसकी मरम्मत की जा रही है।

भागीरथपुरा में चौकी के पास बने शौचालय के नीचे से गुजरी पाइपलाइन में लीकेज मिला है। इसकी मरम्मत की जा रही है।

दूषित पानी में हैजा जैसे घातक बैक्टीरिया

एक्सपर्ट्स के मुताबिक दूषित पानी यानी इसमें बैक्टीरिया होना है, लेकिन कौन से बैक्टीरिया ने प्रभावित किया, इसके लिए स्पेशल (कल्चर) जांच होती है। ड्रेनेज के पानी में कई तरह के तत्व होते हैं। इनमें टॉयलेट से निकलने वाला मल-मूत्र, बाथरूम का नहाने का, कपड़े धोने का साबुन, पा‌वडर का पानी भी होता है।

इसके अलावा बर्तन धोने के साबुन, पावडर, फर्श साफ करने का लिक्विड, केमिकल भी होता है। ये सारा वेस्ट ड्रेनेज में मिक्स होता है। ऐसे ही क्षेत्र में अगर कॉमर्शियल में केमिकल संबंधी वेस्ट भी है तो यह सभी मिक्स होकर घातक हो जाते हैं। फिर अगर ये पीने के पानी की लाइन में मिक्स हो जाए तो और टॉक्सिक हो जाते हैं।

ऐसे में फिर Shigella, Salmonella, Salmonella, Cholera (हैजा), Escherichia coli आदि बैक्टीरिया हो जाते हैं। इनमें कोई एक बैक्टीरिया ऐसा हो सकता है, जिसके कारण ऐसी जानलेवा स्थिति बनी।

राहुल बोले- जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा मामले में X पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा- इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी, सरकार ने घमंड परोस दिया।

जिम्मेदार अफसरों-नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की – फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई? सीवर पीने के पानी में कैसे मिला? समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? ये ‘फोकट’ सवाल नहीं- ये जवाबदेही की मांग है।

मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका राहुल ने लिखा- साफ पानी अहसान नहीं, जीवन का अधिकार है। और इस अधिकार की हत्या के लिए BJP का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह ज़िम्मेदार है। मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है।

मंत्री के पुतले को गंदा पानी पिलाया, तालाब में डुबाया भोपाल में शुक्रवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदौर नगर निगम और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को इन मौतों का जिम्मेदार ठहराया। इसे लेकर छोटे तालाब के गंदे पानी में नाव पर बैठकर घंटे वाले मंत्री के पुतले को वही दूषित पानी पिलाया। इसके बाद उसी गंदे पानी में पुतले को डुबाया और नारे लगाए।

मंत्री के पुतले को तालाब का पानी पिलाया और पुतले को डुबाया।

मंत्री के पुतले को तालाब का पानी पिलाया और पुतले को डुबाया।

मंत्री विजयवर्गीय के सामने नाराज हुई महिलाएं

इससे पहले गुरुवार सुबह मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भागीरथपुरा पहुंचे। इस दौरान 7 मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए के चेक दिए जाने थे। परिजन ने मंत्री की मौजूदगी में नाराजगी जताते हुए कहा- हमें आपका चेक नहीं चाहिए।

विजयवर्गीय स्कूटर पर सवार होकर भागीरथपुरा पहुंचे थे। इस दौरान महिलाओं ने नाराजगी जाहिर की। इसका वीडियो कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। वीडियो में एक महिला कहती दिख रही है- पिछले दो साल से गंदा पानी आ रहा है। भाजपा पार्षद को बार-बार बताया गया, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।

जीतू ने X पर लिखा- पूरा मोहल्ला बीमार है, लेकिन सत्ता के अहंकार में चूर मंत्री जी ने गाड़ी आगे बढ़ा ली और बहन की बात तक नहीं सुनी।

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