सीहोर : सीहोर में पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम में कांवड़ यात्रा में शामिल होने आए दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों के नाम चतुर सिंह (उम्र 50 वर्ष) पिता भूरा पांचवल गुजरात और ईश्वर सिंह (उम्र 65 वर्ष) रोहतक हरियाणा के निवासी हैं।
बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति की मौत कुबेरेश्वर धाम में अचानक खड़े-खड़े चक्कर आकर गिरने से हुई है, जबकि दूसरे व्यक्ति की मौत एक होटल के सामने खड़े-खड़े गिर जाने से हुई है। इससे पहले बुधवार को कुबेरेश्वर धाम में मची भगदड़ में दो लोगों की मौत हुई थी।
बता दें कि सीहोर में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा भव्य कांवड़ यात्रा निकाल रहे हैं। ये यात्रा कुबेरेश्वर धाम पहुंच गई है। यहां हेलिकॉप्टर से कांवड़ियों पर फूल बरसाए गए। यात्रा सीवन नदी के तट से शुरू हुई थी।
कांवड़ यात्रा में शामिल होने देशभर से करीब ढाई लाख श्रद्धालु पहुंचे। मंगलवार देर रात से ही यहां इंदौर-भोपाल हाईवे पर लंबा जाम लगा हुआ है। यात्रा शहर की सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक 11 किलोमीटर चली। बता दें, कल दोपहर में भीड़ में दबने से दो महिलाओं की मौत हो गई थी।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने बुधवार को कहा, शिव पुराण के अनुसार श्रावण मास में भगवान शिव और माता पार्वती पृथ्वी पर निवास करते हैं। इस मास में पूजन, उपवास और सेवा का विशेष फल मिलता है। कलयुग में यह शिव युग की वापसी का प्रतीक है।
‘भीड़ है, लेकिन आनंद भी आ रहा’
श्रद्धालु बोलीं, हम 7-8 लोग कांवड़ यात्रा में आए हैं। भीड़ तो इतनी है कि पैर रखने की जगह नहीं है। यहां आने-जाने वाली गाड़ियों में लोग खचाखच भरे हुए हैं, लेकिन यहां पहुंचकर कुबेरेश्वर धाम के दर्शन किए। इतना भव्य आयोजन देखकर आनंद आ रहा है।
तस्वीरें…

कावड़ यात्रा देखने के लिए लोग पेड़ पर चढ़ गए।

11 किलोमीटर तक चलने वाली कांवड़ यात्रा में हनुमान जी की झांकी भी शामिल है।

मंगलवार रात की तस्वीर। एक दिन पहले ही यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए थे।

कांवड़ यात्रा में भगवान शिवजी की झांकियां चल रही हैं। श्रद्धालु नाचते-गाते आगे बढ़ रहे हैं।

बुधवार सुबह तक भी कई किलोमीटर तक छोटे-बड़े वाहन जाम में फंसे हैं।

जहां से रूट डायवर्ट किया गया है, वहां भी वाहन रेंगते हुए चल रहे हैं।

