अलवर : अलवर के विशिष्ट न्यायालय पॉक्सो कोर्ट ने मंदबुद्धि महिला से रेप करने वाले गार्ड को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जज हिमांकनी गौड़ ने फैसला सुनाते हुए कहा- एक रक्षक ही भक्षक बन गया। इस अपराध की प्रकृति को देखते हुए सजा में नरमी का रुख अपनाया जाना उचित नहीं है, क्योंकि इससे समाज पर गलत प्रभाव पड़ेगा। न्यायालय ने दोषी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है
सरकारी वकील सुनील कुमार शर्मा ने बताया- यह मामला अलवर के विजय मंदिर थाना क्षेत्र का है। महिला (50) एक संस्थान में रहकर अपना जीवन यापन कर रही थी। नवंबर 2024 में वहीं पर गार्ड की नौकरी कर रहे सुरेश मुंडा (50) ने महिला को अकेली देख उसके साथ रेप किया।
सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि रेप करते हुए संस्थान के दूसरे कर्मचारियों ने देख लिया। गवाहों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 50 हजार रुपए के आर्थिक दंड से दंडित किया है। आरोपी पश्चिम बंगाल का रहने वाला था।

विशिष्ट न्यायालय पॉक्सो कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।
सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि कोर्ट में यह तथ्य पेश किया गया कि आरोपी सुरेश एक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। तब उसका इलाज भी इसी संस्थान में रहकर हुआ था। जब वह ठीक हो गया तो उसे गार्ड की नौकरी दे दी गई। यहां संस्थान में बेसहारा महिला और पुरुष रहते हैं। गार्ड का काम वहां रहने वालों की सुरक्षा करना है।
इसके बावजूद सुरेश ने मानसिक रूप से कमजोर महिला के साथ रेप किया, जिसके कारण कोर्ट ने उसे सजा देने में नरमी बरतना उचित नहीं समझा और आजीवन कारावास के अलावा 50 हजार रुपए के आर्थिक दंड से भी दंडित किया।

