जयपुर : राजस्थान में पिछले 2 साल में पुलिस कस्टडी में 21 मौतें हुई हैं। इनमें अधिकांश मौत तबीयत बिगड़ने से होना बताया गया है। इनमें 4 की हार्ट अटैक से मौत हुई। वहीं, एक ने कुएं में कूदकर सुसाइड कर लिया था। पुलिस कस्टडी में हुई मौतों में 9 केसों की जांच पेंडिंग है। पुलिस कस्टडी में होने वाली मौतों में अभी तक एक भी पुलिसकर्मी दोषी नहीं पाया गया है।
कुछ मामलों में ड्यूटी पर तैनात संतरी की लापरवाही जरूर मानी गई है, जिसके चलते 17 सीसीए के नोटिस दिए गए हैं। राजस्थान विधानसभा में विधायक शांति धारीवाल की ओर से जनवरी-2024 से दिसम्बर-2025 तक पुलिस कस्टडी में मौत के संबंध में प्रश्न रखा गया था। इसके जबाव में पिछले 2 साल में पुलिस कस्टडी में 21 मौतें होना बताया गया है। इनमें से 9 मामले की जांच की जा रही है।

विधानसभा में विधायक शांति धारीवाल ने पुलिस कस्टडी में मौत के संबंध में प्रश्न रखा गया था। फाइल फोटो।
जैसलमेर की तनोट थाना पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिक रूबेल मिआह (29) और मोहम्मद दुलाल मिआह (58) निवासी सुनामगंज बांग्लादेश को अरेस्ट किया गया था। 19 मार्च 2024 को दोनों घूमने के लिए भारत में पर्यटन वीजा पर आए थे। हावड़ा अजमेर से जैसलमेर होते हुए दोनों बस से तनोट पहुंचे थे। तनोट इलाके में विदेशी लोगों के लिए प्रतिबंधित जगह से पूछताछ के लिए पकड़ा गया था। पुलिस कस्टडी के दौरान दुलाल मिआह की तबीयत बिगड़ने पर हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था। डॉक्टर्स ने इलाज के दौरान दुलाल मिआह को मृत घोषित कर दिया था। दुलाल मिआह की मौत हार्ट अटैक से होना बताया गया था। मृतक के साथ पुलिसकर्मियों की ओर से किसी भी प्रकार की शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना देना नहीं पाया गया।
चितौड़गढ़ की राशमी व कोतवाली थाना पुलिस ने 4 अप्रैल-2024 की सुबह करीब 5:30 बजे राशमी इलाके के गांव गुरजानिया में दबिश दी थी। देवा और उसके पिता उंकारलाल को गाड़ी में बैठाकर थाने ले आ रहे थे। बनास नदी के पास से अचानक उंकारलाल की तबीयत खराब हो गई। तुरंत उनको पुलिस टीम हॉस्पिटल ले गई। जहां इलाज करवाने के दौरान उंकारलाल की मौत हो गई थी। पुलिस कस्टडी में मौत की जांच के दौरान कार्डियो पल्मोनरी अरेस्ट होना पाया गया था। मामले की न्यायिक जांच में पुलिस की लापरवाही नहीं मानी गई।

पुलिस कस्टडी में होने वाली मौतों में अभी तक एक भी पुलिसकर्मी दोषी नहीं पाया गया है। फाइल फोटो।
दौसा की लालसोट थाना पुलिस ने हत्या के मामले में आरोपी मनोज कुमार उर्फ गिल्या को अरेस्ट किया था। 18 अप्रैल-2024 को हवालात में गिरफ्तार आरोपी मनोज कुमार ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। संतरी ड्यूटी पर तैनात कॉन्स्टेबल राकेश कुमार की लापरवाही मानते हुए उसे 17 सीसीए नोटिस दिया गया था। एक साल वेतन वृद्धि बिना भविष्य प्रभाव के रोके जाने के दंड से दंडित किया गया था। संतरी कॉन्स्टेबल राजेश कुमार की लापहरवाही मानी गई।
भीलवाड़ा की माण्डल थाना पुलिस एक मामले में पूछताछ के लिए मुकेश पुत्र गिरधारी निवासी माण्डल को थाने लेकर आई थी। 25 अप्रैल-2024 को तबीयत बिगड़ने पर हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया। जहां पर इलाज के दौरान मुकेश की मौत हो गई थी। मृतक के पिता ने पुलिसकर्मियों की पिटाई से बेटे की मौत होने का आरोप लगाते हुए हत्या का मामला दर्ज करवाया था। न्यायिक जांच में मुकेश की मौत हार्ट अटैक से होना पाया गया था। न्यायिक जांच में मृतक मुकेश की मौत पुलिस अभिरक्षा में किसी की लापरवाही से होना नहीं पाया गया।
ब्यावर की जैतारण थाना पुलिस ने गैंगरेप के मामले में आरोपी राकेश (34) पुत्र नाथुराम निवासी जैतारण ब्यावर को अरेस्ट किया था। 24 मई 2024 को हवालात में आरोपी राकेश ने लोहे की रेलिंग से कंबल को फाड़कर बनाई रस्सी से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। निगरानी संतरी कॉन्स्टेबल मनोज व अजीत सिंह की लापरवाही मानते हुए 17 सीसीए का नोटिस (कारण बताओ नोटिस) देकर विभागीय जांच की गई। जांच में पाया गया कि राकेश ने खुद सुसाइड किया था।
झुंझुनूं की कोतवामली थाना पुलिस ने रेप के मामले में आरोपी कुमार गौरव शर्मा (34) पुत्र जगदीश निवासी कोटपूतली को अरेस्ट किया गया। 29 मई-2024 की दोपहर घटनास्थल की तस्दीक के लिए हवालात से आरोपी गौरव को बाहर निकाला गया था। कुछ देर बाद ही गौरव ने जी घबराने के साथ उल्टी होना बताया था।
हॉस्पिटल ले जाकर चेकअप कराने पर डॉक्टर ने हीट स्ट्रोक होना बताया था। इलाज के दौरान कुमार गौरव की मौत हो गई थी। इस संबंध में थानाधिकारी सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मारपीट कर हत्या का मामला दर्ज करवाया गया था। जांच में गर्मी के कारण लू लगने या हीट स्ट्रोक के कारण तबीयत खराब होना पाया गया था।
फलोदी की देचू थाना पुलिस ने रेप और पोक्सो मामले में आरोपी फुलसिंह पुत्र अनोप सिंह निवासी जेठानियां को पकड़ा था। 4 अक्टूबर-2024 को रिकॉर्ड रूम में फूलसिंह ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। मामले की न्यायिक जांच में थाने के किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को दोषी नहीं माना गया।

श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ शहर थाने में फंदा लगाकर नरेश उर्फ नरसी ने सुसाइड कर लिया था।
श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ शहर थाना पुलिस ने हत्या के मामले में आरोपी नरेश उर्फ नरसी (27) पुत्र पालराम निवासी डीडवाना सूरतगढ़ शहर को अरेस्ट किया था। 5 दिसम्बर-2024 की रात हवालात में फंदा लगाकर नरेश उर्फ नरसी ने सुसाइड कर लिया। मामले में संतरी कॉन्स्टेबल विक्रम सिंह की आंशिक लापरवाही मान 17 सीसीए नोटिस दिया गया। एक साल वेतन वृद्धि बिना भविष्य प्रभाव के रोके जाने के दंड से दंडित किया गया। मामले की न्यायिक जांच कोई भी पुलिसकर्मी को दोषी नहीं माना गया।
टोंक की देवली थाना पुलिस ने चोरी के मामले में उमराव मीणा (28) पुत्र बजरंग लाल निवासी घाड़ टोंक को 15 फरवरी 2025 को अरेस्ट किया था। उससे पहले आरोपी उमराव मीणा टोंक जेल में बंद था। देवली पुलिस ने जेल में बंद उमराव मीणा को प्रोडक्शन वारंट पर अरेस्ट किया था। पुलिस कस्टडी के दौरान अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई थी। उसे देवली राजकीय हॉस्पिटल भिजवाया गया था। इलाज के दौरान 16 फरवरी को उसकी मौत हो गई थी। जांच में उमराव मीणा की मौत पुरानी बीमारी और हार्ट अटैक से होना पाया गया।
झुंझुनूं की खेतड़ी थाना पुलिस ने चोरी के मामले में आरोपी पप्पूराम मीणा उर्फ पपला (31) पुत्र हनुमान मीणा निवासी अजीतगढ़ सीकर को राउंडअप किया था। 13 अप्रैल-2025 की रात पुलिस कस्टडी में पूछताछ के दौरान आरोपी पप्पूराम के सीने में तेज दर्द की शिकायत की थी। हॉस्पिटल में इलाज के दौरान डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में CO, थानाधिकारी सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया गया था। मामले की जांच की जा रही है।
बारां के छीपा बड़ौद थाना पुलिस ने 8 मई-2025 की रात हरीश पुत्र मोहन लाल को अरेस्ट किया था। करीब 3 घंटे बाद उसने पेट में दर्द होने की शिकायत की थी। हॉस्पिटल में ड्यूटी डॉक्टर को इलाज करवाकर वापस थाने लाए थे। सुबह दोबारा सीने में दर्द होने पर उसे हॉस्पिटल एडमिट करवाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की न्यायिक जांच की जा रही है।
श्रीगंगानगर की राजियासर थाना पुलिस ने एक प्रकरण में जांच के लिए आरोपी मोहन सिंह (27) पुत्र गोदम सिंह को अरेस्ट किया था। 7 जून-2025 को हवालात में तबीयत खराब होने पर CHC राजियासर में एडमिट करवाया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मामले की न्यायिक जांच की जा रही है।

दौसा की बसवा थाना पुलिस की गिरफ्त से भागकर गुड्डू मीना कुएं में कूद गया था।
दौसा की बसवा थाना पुलिस ने चोरी के मामले में आरोपी गुड्डू मीना को पकड़ा था। 16 जून-2025 को मौका तस्दीक कराने के दौरान वह भागकर पास ही एक सूखे कुएं में कूद गया था। घायल गुड्डू की इलाज के दौरान हॉस्पिटल में मौत हो गई थी। मामले की न्यायिक जांच में पुलिस से बचकर भागते हुए फिसलकर कुएं में गिरने से उसके लीवर में चोट लगने और ज्यादा खून बहने के कारण होना पाया गया। जिसके लिए कोई भी व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं मना गया।
जयपुर पश्चिम की सदर थाना पुलिस ने एक मामले में आरोपी मनीष पाण्डे (28) पुत्र साधु पाण्डेय निवासी मांग्यावास मानसरोवर को 21 जून 2025 को डिटेन किया था। पुलिस कस्टडी के दौरान मनीष पाण्डेय ने थाने के कमरे में फंदा लगा लिया था। सुसाइड के प्रयास के बाद SMS हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। डीसीपी वेस्ट के आदेश पर SHO (सदर) देवेन्द्र प्रताप, SI मुकेश व निरमा पुनियां, हेड कॉन्स्टेबल सुभाष चन्द, कॉन्स्टेबल नरेश व दिलीप कुमार को पुलिस लाइन भेजा गया था। मामले की न्यायिक जांच की जा रही है।

भरतपुर के उद्योग नगर थाना पुलिस की गिरफ्त में गब्बर उर्फ बंटी ने सुसाइड कर लिया था।
भरतपुर के उद्योग नगर थाना पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में गब्बर उर्फ बंटी (22) को 11 जुलाई 2025 को अरेस्ट किया था। गब्बर ने थाने के अंदर फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। परिजनों ने पुलिस पर फंदे से लटकाकर हत्या करने का आरोप लगाया था। मामले की न्यायिक जांच की जा रही है।

बारां के किशनगंज थाना में युवक की तबीयत बिगड़ने के बाद हॉस्पिटल में मौत हो गई थी। बड़ी संख्या में लोगों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया था।
बारां के किशनगंज थाना पुलिस ने 28 जुलाई-2025 की रात आरोपी लोकेश सुमन हवालात में बंद था। लोकेश की अचानक तबीयत बिगड़ने पर हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद SI राजेश कुमार मीणा को निलम्बित कर दिया गया था। मामले की न्यायिक जांच की जा रही है।
उदयपुर के ऋषभदेव थाना पुलिस ने 4 अगस्त-2025 को सुरेश पंचाल को पकड़ा था। चोरी के सामान के बारे में पूछताछ के लिए उसे थाने लगाया गया था। कुछ समय बाद उल्टी होने व तबीयत बिगड़ने पर हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मामले की न्यायिक जांच की जा रही है।
राजसमंद के कांकरोली थाने में 10 अगस्त-2025 को चोरी का माल खरीदने के आरोपी खुबचन्द्र सोनी से पूछताछ की गई थी। पुलिस कस्टडी में पूछताछ के दौरान अचानक सीने में दर्द होने पर उसे हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुबचन्द्र सोनी की हार्ट अटैक से मौत होना बताया गया था। मामले की न्यायिक जांच में भी हार्ट अटैक से मौत होना पाया गया।
पाली के औद्योगिक क्षेत्र की पुलिस चौकी मीलगेट पर 15 अगस्त-2025 को एक परिवाद की जांच के दौरान विक्रम सिंह की तबीयत खराब हो गई थी। हॉस्पिटल में एडमिट करवाने के बाद विक्रम सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। विक्रम सिंह की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया था। मामले की न्यायिक जांच में भी हार्ट अटैक से मौत होना पाया गया। जिसमें किसी भी पुलिसकर्मी को दोषी नहीं माना गया।
डूंगरपुर के दोवडा थाना पुलिस ने चोरी के मामले में संदिग्ध आरोपी दिलीप पुत्र जीवराज निवासी कलारिया को डिटेन किया था। जांच के दौरान 27 सितम्बर-2025 को तबीयत खराब होने पर उसे हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया। इलाज के दौरान तीन दिन बाद उसकी मौत हो गई। मामले की न्यायिक जांच की जा रही है।
श्रीगंगानगर के हिन्दुमलकोट थाना इलको में डीएसटी प्रभारी जयकुमार भादु ने 26 दिसम्बर-2025 को बार्डर तस्करी की सूचना मिली थी। डीएसटी ने बलदेव सिंह को पकड़ने पहुंची। पुलिस को देखकर बलदेव सिंह खेतों की तरफ भाग निकला। पीछ करने पकड़ने के बाद उसकी तबीयत खराब होना बताया। हॉस्पिटल में इलाज के दौरान बलदेव सिंह की मौत हो गई। मामले की न्यायिक जांच की जा रही है।

