पाली : वर्तमान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और तत्कालीन सुमेरपुर विधायक मदन राठौड़ ने विदेश यात्रा के लिए भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) से सिम खरीदी, लेकिन वह शुरू ही नहीं हुई। इसके बावजूद BSNL ने उन्हें 1 लाख 9 हजार 654 रुपए का बिल थमा दिया।
राठौड़ ने जनवरी 2017 में बिल मिलने के बाद उसे जमा कराया, फिर जून 2017 में वकील के जरिए पाली जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में बीएसएनएल के खिलाफ परिवाद दर्ज करवाया, जिसका फैसला 9 साल बाद 13 नवंबर 2025 को आया।
इसमें आयोग ने बीएसएनएल को 1 लाख 8 हजार 540 रुपए 9 जून 2018 से 6 प्रतिशत ब्याज दर के साथ वापस लौटाने और 30 हजार रुपए मानसिक क्षति और परिवाद व्यय के देने के आदेश दिए है। साथ ही लापरवाही बरतने पर बीएसएनएल पर जुर्माना भी लगाया गया।
2016 में खरीदी थी इंटरनेशनल रोमिंग वाली सिम
तत्कालीन सुमेरपुर विधायक और उपमुख्य सचेतक मदन राठौड़ ने दिसम्बर 2016 में विदेश यात्रा के लिए इंटरनेशनल रोमिंग सुविधा लेने के लिए बीएसएनएल से निश्चित चार्ज देकर सिम खरीदी। लेकिन विदेश यात्रा के दौरान वह सिम एक्टिव नहीं हुई। इस असुविधा को लेकर उन्होंने लिखित में बीएसएनएल ऑफिस में शिकायत भी दर्ज करवाई थी।
सिम चालू नहीं हुई, लेकिन एक लाख का बिल भेज दिया
बीएसएनएल ने इसके बाद भी राठौड़ को 1 लाख 8 हजार 540 रुपए का बिल थमा दिया। इस पर उन्होंने अपने वकील मनीष ओझा के जरिए 6 अप्रैल 2017 को परिवाद पेश किया। मामले में 13 नवंबर 2025 को पाली जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष अजय कुमार बंसल और सदस्य शिवराम महिया की ओर से फैसला सुनाया गया।
आयोग ने कंपनी पर लगाया जुर्माना
वकील मनीष ओझा ने बताया कि कोर्ट के फैसले में बीएसएनएल को बिल निरस्त करने, सिम शुरू करने और इंटरनेशनल रोमिंग के पेटे दिए गए 10 हजार साधारण ब्याज के साथ दो महीने में परिवादी को देने के आदेश दिए गए।
साथ ही परिवादी की ओर से जमा करवाई गई 1 लाख 8 हजार 540 रुपए 9 जून 2018 से 6 प्रतिशत ब्याज दर के साथ वापस लौटाने और 30 हजार रुपए मानसिक क्षति और परिवाद व्यय के देने के आदेश दिए गए। इसके अलावा उपभोक्ता के हितों को लेकर लापरवाही बरतने पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी BSNL पर लगाया गया।

