सीकर : राजस्थान में अरावली पर्वत श्रंखला में खनन को मंजूरी मिलने से नाराज लोगों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। कांग्रेस और सामाजिक संगठनों के लोगों की उदयपुर कलेक्ट्रेट में पुलिस से धक्का-मुक्की हुई।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। यहां पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को अरेस्ट भी कर लिया। सीकर में 945 मीटर ऊंचाई पर स्थित हर्ष पर्वत पर प्रदर्शन किया गया।
अलवर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा- राजस्थान के लिए अरावली फेफड़े के समान है। इस फैसले को वापस लेना होगा, नहीं तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी।
जोधपुर में एनएसयूआई कार्यकर्ता प्रदर्शन के दौरान बेरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिस ने लाठी चलाकर भीड़ को खदेड़ा।
अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन की PHOTOS

उदयपुर में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई।

उदयपुर में विभिन्न संगठन से जुड़े लोग अरावली बचाने के लिए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए।

उदयपुर में अरावली बचाने के लिए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया।

सीकर में हर्षपर्वत पर पर्यावरण प्रेमियों ने एकजुट होकर अरावली बचाने की अपील की।
अरावली बचाओ अभियान की 4 बड़ी बातें…
1- अरावली को बचाने के लिए एकजुट हुए सभी 20 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार जमीन से 100 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली भू-आकृति को ही अरावली पहाड़ी माना जाएगा। इस मानक से अरावली की 90% से ज्यादा पहाड़ियां संरक्षण के दायरे से बाहर हो जाएगी। इस फैसले के बाद अरावली को बचाने की आवाजें तेज हो गई।
2- उदयपुर में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन उदयपुर में कई संगठन कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर अरावली बचाने के लिए एकजुट हुए। कांग्रेस कार्यकर्ता, करणी सेना, फाइनेंस ग्रुप और कई समाजों के लोगों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को वापस लिया जाए, नहीं तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इस बीच कलेक्ट्रेट पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हो गई।
3-अलवर में जूली बोले-अरावली को खत्म नहीं होने देंगे अलवर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि अरावली राजस्थान का फेफड़ा है। सरकार इसे खत्म करना चाहती है। मैं चैलेंज करता हूं, इस अरावली को खत्म नहीं होने देंगे।
4- पर्यावरण प्रेमी बोले-जीव-जंतु क्या करेंगे सीकर में पर्यावरण प्रेमी पवन ढाका ने कहा कि इंसान को निकालकर उसके घर को तोड़ दिया जाए, तो वह कहां पर जाएगा। इंसान तो फिर भी कोई झोपड़ी बना लेगा, लेकिन यह जीव-जंतु क्या करेंगे।

