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Thu. Feb 12th, 2026

आगरा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में नहीं चली AC:गर्मी और उमस से बेहाल दिखे स्टूडेंट्स; राज्यपाल बोलीं- केजी टू पीजी का ध्येय लेकर चलिए

आगरा : आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 91वां दीक्षांत समारोह में बुधवार को राज्यपाल आंनदीबेन पटेल पहुंचीं। दीक्षांत समारोह में इंडियन हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. केजी सुरेश भी मौजूद रहे। इस दौरान शिवाजी मंडपम में एसी नहीं चला। इससे गर्मी और उमस के चलते उपाधि वाले स्टूडेंट परेशान रहे और इन्विटेशन कार्ड से हवा किया।

राज्यपाल आंनदीबेन पटेल ने कहा- रिसर्च पर फोकस करना होगा। यूनिवर्सिटी में पेपर बदलना, बार कोड बदलना जैसे काम बंद कराने होंगे। ऐसे देश विकसित नहीं होगा। फर्जी डिग्री लेकर घूमने से देश को लाभ नहीं मिलेगा। यूनिवर्सिटी में ऐसी कई चीजें हैं, जिन्हें बंद कराने की जरूरत है। केजी टू पीजी का ध्येय लेकर चलिए। सिलेबस पर मंथन हो। 10 साल का विजन होना चाहिए।

वहीं कुलपति प्रो. आशु रानी ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा- इस साल दीक्षांत समारोह दीक्षोत्सव के रूप में मनाया है। विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित कराई गईं। 82 हजार से ज्यादा डिग्रियां दी जाएंगी। 144 पीएचडी डिग्रियां दी जाएंगी। नैक में विश्वविद्यालय को ए प्लस ग्रेड मिला, जो टीम वर्क का नतीजा है।

विश्वविद्यालय की उपलब्धियां गिनाते हुए कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि इस साल समर्थ से एडमिशन लिए गए। सेंट्रल लाइब्रेरी के बारे में जानकारी दी। कहा कि हम वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए छात्रों को तैयार कर रहे हैं। पांडुलिपियों का संरक्षण शुरू हो चुका है। 15 से अधिक इंटरनेशनल एमओयू किए हैं।

छात्रों का इसरो में भी चयन हुआ है। खेलो इंडिया के लिए 13 खिलाड़ियों का चयन हुआ है। एक लाख से ज्यादा छात्रों को मोबाइल दिए गए हैं। 22 पेटेंट हुए हैं। दीक्षांत समारोह में बेस्ट टीचर रिसर्च डॉ. जैसवार गौतम, बेस्ट टीचर सोशल वर्क डॉ. अर्चना और बेस्ट टीचर ओवर ऑल प्रो. मनु प्रताप सिंह को अवॉर्ड मिला।

आगरा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल।

आगरा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेधावियों को मेडल और डिग्री प्रदान किया।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेधावियों को मेडल और डिग्री प्रदान किया।

राज्यपाल बोलीं- केजी टू पीजी का ध्येय लेकर चलिए

राज्यपाल ने कहा- हम रिसर्च में पीछे हैं, लेकिन अब मैंने आदेश दिए हैं कि छात्र या शिक्षकों को रिसर्च के लिए एक लाख रुपए तक दो। सरकार की ग्रांट वापस नहीं जाना चाहिए। इसके लिए बदलाव जरूरी है, रिसर्च पर फोकस करना होगा। समर्थ पोर्टल से 200 करोड़ रुपए बचे हैं। इसके सभी मॉड्यूल का इस्तेमाल करना है।

यूनिवर्सिटी में पेपर बदलना, बार कोड बदलना जैसे काम बंद कराने होंगे। ऐसे देश विकसित नहीं होगा। फर्जी डिग्री लेकर घूमने से देश को लाभ नहीं मिलेगा। यूनिवर्सिटी में ऐसी कई चीजें हैं, जिन्हें बंद कराने की जरूरत है। केजी टू पीजी का ध्येय लेकर चलिए। सिलेबस पर मंथन हो। 10 साल का विजन होना चाहिए।

केजी सुरेश बोले- नौकरी के लिए बल्कि नौकरी देने लायक बनना चाहिए

मुख्य अतिथि प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि- मेरी दो बेटियां हैं, आज यहां छात्राओं को मेडल लेते देख बहुत गर्व महसूस हुआ। बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ का संदेश यहां सार्थक हुआ है। बाबा साहब के सामने बहुत चुनौतियां थी, लेकिन उन्होंने अपनी पढ़ाई बंद नहीं की। उन्होंने संविधान लिखा। इसी तरह देने की प्रवृत्ति को खत्म नहीं करना चाहिए। शिक्षा हो या धन, उसे समाज में देने से ही समाज का कल्याण होता है। जीवन को सकारात्मक रखें। मूर्खों से कभी बहस न करें। सब कुछ नकारात्मक नहीं होता है। आपको तय करना है, कि नौकरी के लिए नहीं बल्कि नौकरी देने लायक बनना है। जीवन की अंधी दौड़ में न भागें। मनुष्य जीवन सौभाग्य से मिला है। इसलिए जीवन का आनंद लेते हुए काम करें।

उच्च शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा- डिग्री केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि यह जिम्मेदारी

उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा- दीक्षांत समारोह शिक्षण यात्रा का समापन नहीं, बल्कि शुरुआत है। डिग्री केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि यह जिम्मेदारी है। यहां के छात्र देश विदेश में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। शिक्षा, नवाचार, डिजिटल तकनीक में भारत आगे बढ़ रहा है। एनईपी ने नए द्वार खोले हैं। शिक्षा केवल नौकरी पाने का जरिया नहीं, बल्कि नवाचार, देश प्रेम का रास्ता है। छात्र राष्ट्र के विकास में सहयोग करें। हमारा प्रदेश शिक्षा का हब बन रहा है।

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