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आगरा में चोटी नहीं बनाने पर प्रबंधक ने घूंसे मारे:टीचर ने छात्रा के मुहं पर लोटा फेंका; नाक-कान से खून निकला, अस्पताल में हुई बेहोश

आगरा : आगरा में दो चोटी नहीं बनाकर आने पर छात्रा को प्रबंधक और टीचर ने पीटा। छात्रा को घूंसे मारे। इससे छात्रा के नाक और कान से खून निकल आया। सूचना पर पहुंचे छात्रा के परिजनों ने कालेज में हंगामा किया। बेटी की हालत बिगड़ती देख उसे प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां से एसएन मेडिकल कालेज में रेफर किया गया है।

भाई अमित तोमर ने कहा- मेरी बहन ने दो चोटी नहीं किया तो उसके साथ मारपीट की। ऐसे टीचर पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस स्कूल को सीज करना चाहिए। स्कूल हर रोज हजार नियम बनाता है। स्कूल के प्रबंधक और उनकी पत्नी ने बहन को मारा है। हमने पुलिस कार्रवाई के लिए शिकायत की है।

छात्रा को अस्पताल ले जाते समय उसकी हालत बिगड़ गई। वह बेहोश हो गई।

छात्रा को अस्पताल ले जाते समय उसकी हालत बिगड़ गई। वह बेहोश हो गई।

छात्रा ने बताया- मैं आज जल्दी में 2 चोटी करना भूल गई थी। स्कूल वालों ने मुझे बहुत मारा है।

एक चोटी करके स्कूल पहुंचने पर प्रबंधक और उसकी पत्नी ने छात्रों से मारपीट की।

छात्रा को एसएन अस्पताल लाते समय उसकी हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। पिटाई से छात्रा बेहोश हो गई।

सैंया के मोहनपुर में पं. मूंगाराम बाबूजी इंटर कॉलेज है। कॉलेज के प्रबंधक श्रीभगवान शर्मा हैं। कॉलेज में 11वीं क्लास में छात्रा संध्या तोमर पढ़ती हैं। रोज की तरह छात्रा संध्या स्कूल पहुंची। छात्रा ने बताया- स्कूल के गेट पर पहुंची। उसे दो चोटी नहीं बनाने की बात कहकर रोक दिया गया।

तभी वहां प्रबंधक श्रीभगवान शर्मा भी पहुंच गए। उन्होंने उसे रोक दिया। बोले एक तो लेट आई हो और दो चोटी भी नहीं बनाई हो। तुम्हें एंट्री नहीं मिलेगी। इस दौरान प्रबंधक की पत्नी भी मौजूद थीं।

छात्रा ने कहा- मैंने एक चोटी बनाई है। आज दो चोटी बनाना भूल गई। इस पर उसकी प्रबंधक से बहस हो गई। तभी प्रबंधक की पत्नी ने मेरे बाल पकड़ लिए। प्रबंधक ने मुझे थप्पड़ मारा। मैंने भी इसका विरोध किया तो एक टीचर भी आ गए। उन्होंने मेरे चेहरे पर लोटे से मार दिया। मेरे नाक और कान से खून निकलने लगा। मैंने अपने पापा को भी फोन कर दिया। घर से परिवार के लोग पहुंचे और विरोध जताया।

पिता बोले- स्कूल पहुंचे तो देखा बेटी के नाक-कान से खून बह रहा था

पिता ने बताया- जब हम लोग स्कूल पहुंचे तो बेटी के नाक और कान से खून बह रहा था। बेटी की तबीयत खराब होने लगी। उसे सैंया के निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां से उसे आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां पहुंचकर छात्रा बेहोश हो गई।

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