Breaking
Sun. Mar 1st, 2026

‘करो या मरो’ वाले मुकाबले से पहले टीम इंडिया से जुड़ेंगे रिंकू

अलीगढ़ : क्रिकेटर रिंकू सिंह शनिवार को अलीगढ़ से कोलकाता के लिए रवाना हो गए हैं। टी-20 वर्ल्ड कप में वेस्ट इंडीज के खिलाफ ‘करो या मरो’ वाले मुकाबले से पहले टीम इंडिया के साथ जुड़ेंगे। इससे पहले BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया था कि रिंकू शनिवार को टीम में शामिल हो रहे हैं।

दरअसल, कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में वेस्ट इंडीज के खिलाफ मैच एक वर्चुअल नॉकआउट है, जिसमें जीतने वाली टीम ग्रुप-1 से साउथ अफ्रीका के साथ सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करेगी। रिंकू ने अब तक टूर्नामेंट की 5 पारियों में 24 रन बनाए हैं। यह रिंकू का पहला ही वर्ल्ड कप है।

इससे पहले शुक्रवार को रिंकू के पिता खानचंद सिंह का नोएडा के अस्पताल में निधन हो गया था। वे 60 साल के थे। उन्हें फोर्थ स्टेज लिवर कैंसर था। रिंकू पिता के अंतिम संस्कार के लिए चेन्नई से सीधे अलीगढ़ पहुंच गए थे। रिंकू के बड़े भाई सोनू ​शनिवार सुबह पिता की अस्थियां गंगा में विसर्जित करने राजघाट गए थे।

सोनू के वापस लौटने के बाद रिंकू दोपहर 12 बजे अलीगढ़ से दिल्ली के लिए निकले। वहां से शाम 5 बजे फ्लाइट पकड़कर कोलकाता पहुंचेंगे। रिंकू के घर के बाहर सांत्वना देने पहुंचे रिश्तेदारों का कहना है कि उन्हें अब मम्मी की चिंता सता रही है। उन्होंने बताया कि रिंकू पिता की तेरहवीं के लिए वापस अलीगढ़ आएंगे।

रिंकू के आवास पर शनिवार सुबह से ही शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। इस दौरान रिंकू काफी भावुक नजर आए।

पिता के आखिरी शब्द- तेरे जैसा बेटा हर बाप को मिले, तू मैच खेल, मैं हॉस्पिटल से दुआ करूंगा

रिंकू सिंह 24 फरवरी को भी चेन्नई से फ्लाइट लेकर नोएडा पहुंच गए थे। उन्हें टी-20 वर्ल्ड कप का प्रैक्टिस सेशन छोड़ना पड़ा था। करीब 6 घंटे वह पिता के पास हॉस्पिटल में रहे थे। इसके बाद वह चेन्नई वापस जाने लगे। उन्होंने पिता को बताया कि 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच है, मुझे देश के लिए खेलना होगा।

तब पिता ने रिंकू सिंह के सिर पर हाथ फेरते हुए आशीर्वाद दिया और कहा था कि तुम एक दिन बुलंदियों को छूना। खुद को कभी अकेला मत समझना…। तेरे जैसा बेटा हर बाप को मिले।

रिंकू सिंह ने पिता की अर्थी को कंधा दिया था। इस दौरान उनकी आंखें नम हो गईं।

रिंकू सिंह ने पिता की अर्थी को कंधा दिया था। इस दौरान उनकी आंखें नम हो गईं।

सचिन-विराट भी पिता के निधन के अगले दिन मैच खेलने पहुंच गए थे

सचिन तेंदुलकर: 1999 में वनडे वर्ल्ड कप के दौरान सचिन के पिता का निधन हो गया था। वे भारत लौटे, अंतिम संस्कार में शामिल हुए और फिर इंग्लैंड वापस जाकर केन्या के खिलाफ शतक बनाया। उन्होंने 140 रन की नाबाद पारी खेली। यह शतक उन्होंने पिता को समर्पित किया था।

सचिन तेंदुलकर के पिता का निधन वनडे वर्ल्ड कप के दौरान हो गया था।

सचिन तेंदुलकर के पिता का निधन वनडे वर्ल्ड कप के दौरान हो गया था।

विराट कोहली: दिसंबर 2006 में रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान उनके पिता का निधन हो गया था। विराट अंतिम संस्कार के बाद अगले दिन बल्लेबाजी करने दिल्ली के लिए मैदान पर उतरे और 90 रन बनाए। यह घटना उनके करियर की सबसे चर्चित और प्रेरणादायक घटनाओं में गिनी जाती है।

विराट कोहली पिता के निधन के बाद रणजी ट्रॉफी मैच खेलने पहुंचे थे।

विराट कोहली पिता के निधन के बाद रणजी ट्रॉफी मैच खेलने पहुंचे थे।

रिंकू के पिता गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे

क्रिकेटर रिंकू का बचपन काफी कठिनाई भरा रहा है। मां वीना देवी घर संभालती हैं। रिंकू 5 भाई और एक बहन में चौथे नंबर हैं। बड़े भाई सोनू, मुकुल और शीलू हैं। बहन नेहा और भाई जीतू, रिंकू से छोटे हैं। मूल रूप से वह बुलंदशहर के दान गढ़ के रहने वाले हैं।

KKR को दिए एक इंटरव्यू में रिंकू ने अपनी जिंदगी के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था-

QuoteImage

परिवार में 5 भाई हैं। पापा सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे। हम पांचों भाइयों से भी काम करवाते। हम बाइक पर 2-2 सिलेंडर रखकर होटलों और घरों में डिलीवर करने जाते थे। मैच खेलने के लिए पैसे लगते थे। घरवालों से मांगो तो कहते कि पढ़ाई करो। पापा खेलने के लिए मना करते थे, मम्मी सपोर्ट करती थीं।QuoteImage

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *