- 1000 क्विंटल फूलों से सजाया
अयोध्या : अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज फहराने की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। शहर को 100 टन फूलों से सजाया जा रहा है। सड़कों पर लाइट और बैनर लगाए जा रहे हैं। नगर निगम की टीम मंदिर के आसपास एरिया से स्ट्रीट डॉग और छुट्टा जानवरों को पकड़कर दूसरी जगहों पर भेज रही है। आज सुबह 20 स्ट्रीट डॉग पकड़े गए।
मंदिर पर फहराने वाला धर्मध्वज जन्मभूमि पहुंच चुका है। मंगलवार को PM मोदी मंदिर के 191 फीट ऊंचे शिखर पर पहली बार ध्वज फहराएंगे। सीएम योगी आज समारोह की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचेंगे। संघ प्रमुख मोहन भागवत भी आ रहे हैं। कथावाचक देवकीनंदन का हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास ने गदा देकर स्वागत किया।
राम जन्मभूमि और आसपास के एरिया की सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। हेलिकॉप्टर से निगरानी की जा रही है। ATS कमांडो और CRPF के जवानों ने मंदिर को घेर रखा है। मंदिर सुरक्षा 5 लेयर में की गई है। इसमें SPG, NSG, ATS, CRPF और PAC जवान शामिल हैं। यूपी पुलिस और स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) की टीम भी लगी है।
समारोह में उन 100 दानदाताओं को आमंत्रित किया गया है, जिन्होंने राम मंदिर निर्माण में 2 करोड़ से ज्यादा दान दिया था। हालांकि, शंकराचार्यों को नहीं बुलाया गया है। ट्रस्ट ने अपील की है कि 25 नवंबर को आम श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए न आएं। 23 नवंबर की रात 11 बजे से अयोध्या की तरफ लोडर गाड़ियां जैसे- ट्रक, ट्रैक्टर, DCM रोक दी गई हैं। यह सख्ती 26 नवंबर की आधी रात तक रहेगी।

महिला SSF जवानों को भी तैनात किया है। सुबह जवानों ने फ्लैग मार्ग भी किया।

राम मंदिर की हेलिकॉप्टर से निगरानी की जा रही है।

नगर निगम की टीम मंदिर के आसपास एरिया से स्ट्रीट डॉग और छुट्टा जानवरों को पकड़कर दूसरी जगहों पर भेज रही है। आज सुबह 20 स्ट्रीट डॉग पकड़े गए।

आज सुबह रामलला का दर्शन करने भारी संख्या में लोग पहुंचे। पूरे शहर को 100 क्विंटल फूलों से सजाया जा रहा है।

कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर अयोध्या पहुंचे हैं। हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास ने गदा देकर उनका स्वागत किया।

राम मंदिर को फूलों से सजाया जा रहा है।
अयोध्या सांसद बोले- भाजपा के लोग राम के ठेकेदार बने, मुझे भी नहीं बुलाया
अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भास्कर से बातचीत में कहा- राम तो सबके थे, लेकिन भाजपा के लोग राम के ठेकेदार बने हैं। राम किसी एक जाति, किसी धर्म के नहीं हैं। राम पूरे विश्व के लिए हैं। राम का दर्शन, राम के भव्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तो सबका हक है। अब पता नहीं इनकी क्या सोच है।
अयोध्या के लोगों की एंट्री बैन की गई है। उनको ना कोई कार्ड मिला है, ना कोई प्रवेश पत्र मिला है, ना कोई इनविटेशन मिला है। हमको भी नहीं बुलाया गया है। जबकि, यहां के देवतुल्य नागरिकों, प्रभु राम और हनुमान जी की कृपा से अयोध्या का सांसद बना हूं। इसकी चर्चा पूरे देश-दुनिया में रही।
निमंत्रण का हम इंतजार कर रहे हैं। अभी भी 24 घंटे बचे हैं, यदि निमंत्रण मिलेगा तो हम नंगे पांव अपने घर से समारोह में शामिल होने के लिए जाएंगे। मैं चाह भी लूं तो समारोह में शामिल नहीं हो सकता। सुना है कि समारोह में शामिल होने के लिए अलग से पास वितरित किया जा रहा है, जो पास लेकर जाएंगे, उन्हें ही अंदर प्रवेश मिलेगा।
ध्वजारोहण में शंकराचार्यों को न्योता नहीं, अविमुक्तेश्वरानंद भड़के

ध्वजारोहण समारोह में शंकराचार्यों को नहीं बुलाया गया है। इसको लेकर ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा- मैंने तो शास्त्रों में ऐसा कहीं उल्लेख पढ़ा नहीं कि ध्वजारोहण किया जाए। शिखर की प्रतिष्ठा होती है।
शिखर की प्रतिष्ठा तो हुई नहीं। इसीलिए मैं कह रहा हूं कि शास्त्र के अनुसार कुछ होता हुआ दिखाई दे, तो हम लोग उसमें भाग लें। मनमाना कुछ हो रहा है, तो उसमें हमारे भाग लेने का कोई मतलब नहीं।

