झांसी : झांसी में महिला सिपाही ने शादी से इनकार किया तो उसके बॉयफ्रेंड ने खुदकुशी कर ली। वह एक्सरे टेक्नीशियन था। दोनों के बीच करीब 2 साल से अफेयर चल रहा था। 19 सितंबर को वह प्रेमिका से मिलने इटावा गया था।
वहां से लौटने के बाद उसने जहर खा लिया। घरवाले उसे अस्पताल लेकर गए, लेकिन सोमवार को उसकी मौत हो गई। मामला नवाबाद थाना क्षेत्र का है।

अपने इकलौते बेटे की मौत से पिता गमगीन हैं। (हाफ पैंट में दाएं)
पत्नी को देना चाहता था तलाक
साहित्य खरे (25) मोंठ के अखाड़ापुरा मोहल्ले का रहने वाला था। पिछले 8 साल से वह कुरगुंआजी में परिवार के साथ रह रहा था। उसके पिता महेंद्र खरे ने बताया- मेरा बेटा मेडिकल कॉलेज में मां भद्रकाली डायग्नोसिस में एक्सरे टेक्नीशियन था। बेटे की शादी 2019 में नंदनी से हुई थी।
लेकिन, दोनों के बीच मनमुटाव चल रहा था। इस बीच उसकी दोस्ती बिजौली में रहने वाली एक महिला सिपाही से हो गई। उसकी पोस्टिंग इटावा में है। जल्द ही ये दोस्ती प्यार में बदल गई। महिला सिपाही ने बेटे से शादी का वादा किया। बेटा भी पत्नी नंदनी से तलाक लेकर महिला सिपाही से शादी करना चाहता था।

पुलिस जब साहित्य की लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए ले गई, तो घरवाले भी वहां पहुंच गए।
शादी से मुकर गई थी सिपाही
पिता ने बताया- बेटे ने हम लोगों को सब कुछ बताया था। महिला सिपाही दूसरे समाज की है। इसलिए उसके परिवार के लोग इस शादी के लिए राजी नहीं थे। इसको लेकर बेटा 2 महीने से परेशान था। पहले महिला सिपाही शादी करने का वादा करती थी। अब उसने भी शादी करने से मना कर दिया था। शुक्रवार को साहित्य महिला सिपाही से मिलने इटावा गया था। वहां से वह घर लौटा।
रविवार को बेटा महिला सिपाही के पिता से मिलने बिजौली गया था। पिता शादी को तैयार नहीं हुए। इस वजह से बेटे साहित्य ने जहर खा लिया। घर आया, तो उसकी तबीयत खराब थी। हम लोग तुरंत उसे ओरछा तिगैला के एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए। तब पता चला कि बेटे ने सल्फास की गोली खाई है। इलाज के दौरान आज बेटे ने दम तोड़ दिया।
माता-पिता का इकलौता बेटा था
साहित्य खरे अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन शालिनी की 8 महीने पहले ही शादी हुई है। साहित्य की कोई संतान नहीं है। इकलौते बेटे की मौत के बाद मां किरन समेत अन्य घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता महेंद्र का कहना है कि मेरे बेटे की मौत हो गई है। हम लोग न्याय चाहते हैं, महिला सिपाही पर कार्रवाई की जाए।

यह साहित्य खरे है, जिसने एक महिला सिपाही के प्यार में सल्फास खाकर जान दे दी।

