ललितपुर : ललितपुर में मधुमक्खियों के हमले में घायल ADM नमामि गंगे राजेश श्रीवास्तव की हालत गंभीर बनी है। डॉक्टरों ने उनके चेहरे से 500 डंक निकाले हैं। कान से 4 मधुमक्खियां भी निकली हैं। एडीएम का झांसी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मयंक सिंह ने बताया- ADM राजेश श्रीवास्तव को सैकड़ों डंक लगे थे। ललितपुर के बाद मेडिकल कॉलेज में भी डंक निकाले गए हैं। उनको आईसीयू में एडमिट किया गया है। उनको ब्लड प्रेशर और शुगर की बीमारी पहले से है। घटना के बाद उनका ब्लड प्रेशर भी बढ़ गया था।
वहीं, सीडीओ कमलाकांत समेत बाकी अफसरों की हालत में सुधार है। सोमवार सुबह सभी को ललितपुर मेडिकल कॉलेज से छुट्टी दे दी गई। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मधुमक्खियां इत्र की खुशबू से उड़कर आ गई होंगी। 25 मई को ललितपुर के देवगढ़ जंगल में अधिकारी पर्यटन और जल जीवन मिशन के लिए सर्वे करने पहुंचे थे। तभी मधुमक्खियों ने उन पर अटैक कर दिया था। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार से सभी घायलों का उचित उपचार कराने की बात कही है।
पहले जानिए क्या है मामला
25 मई को विशेष सचिव अधिकारियों के साथ देवगढ़ एवं आस-पास के क्षेत्र में निरीक्षण करने गए थे। नोडल अधिकारी निरीक्षण के लिए कुछ ही दूर निकले थे कि मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। इसमें मुख्य विकास अधिकारी कमलाकांत पांडेय और अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे राजेश श्रीवास्तव गंभीर रूप से घायल हो गए। साथ ही 3 कर्मचारी सामान्य रूप से घायल हुए थे।
सूचना मिलने पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. इम्तियाज अहमद अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अंकुर श्रीवास्तव, उपजिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह भी सूचना पर पहुंचे। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल लाया गया। मुख्य विकास अधिकारी और अन्य की हालत सामान्य हो गई। जबकि ADM का झांसी मेडिकल कॉलेज के ICU में इलाज चल रहा है।

एडीएम नमामि गंगे राजेश श्रीवास्तव के चेहरे से डॉक्टरों ने करीब 500 डंक निकाले हैं।
अब पढ़िए इलाज करने वाले डॉक्टर की बात
घायलों का इलाज करने वाले चिकित्सक डॉ. पवन सूद ने बताया- एडीएम नमामि गंगे राजेश श्रीवास्तव के चेहरे से करीब 500 डंक निकाले गए हैं। इसके अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में भी डंक लगे थे। उनके कान में भी मधुमक्खी घुस गई थीं। दोनों कान से 4 मधुमक्खियां निकाली गई हैं।
उन्होंने बताया कि 11 घायल आए थे। इनमें 3 को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई थी। बाकी 8 लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें भर्ती किया गया था। एडीएम नमामि गंगे राजेश श्रीवास्तव की हालत ज्यादा गंभीर थी। इसलिए उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था।

