मथुरा : मथुरा में साधु-संतों के विरोध के बाद न्यू ईयर पर होने वाला एक्ट्रेस सनी लियोनी का प्रोग्राम कैंसिल कर दिया गया। इसे लेकर संत समाज ने कड़ी नाराजगी जताई थी। संतों का कहना था कि ब्रज भूमि में इस तरह के कार्यक्रम धार्मिक परंपराओं के खिलाफ हैं। फूहड़ता और अश्लीलता परोसने वाले कार्यक्रम स्वीकार नहीं किए जा सकते। इससे श्रद्धालुओं की आस्था को चोट पहुंचेगी।
दरअसल, मथुरा के द ट्रंक होटल में 1 जनवरी को रात 9 बजे एक्ट्रेस सनी लियोनी की DJ परफॉर्मेंस थी। उनके आने का पूरा प्लान तैयार हो गया था। कार्यक्रम के लिए बतौर दर्शक 300 लोगों के आने की भी व्यवस्था की गई थी। उसके एंट्री टिकट तय किए गए थे। टिकट की कीमत 20 हजार से 2 लाख रुपए तक थी।
बताया गया कि 4 कैटेगरी के टिकटों में ‘हट’ की कीमत 2 लाख, ‘कबाना’ की एक लाख, ‘हाई टेरेस सिटिंग’ की 60 लाख और ‘कपल स्टैंडिंग’ की कीमत 20 हजार रुपए तय की गई थी। हालांकि, टिकट को लेकर आयोजकों ने कुछ भी जानकारी नहीं दी थी।
कार्यक्रम कैंसिल होने के बाद होटल के मालिक मितुल पाठक ने बताया- सनी लियोनी को DJ पर परफॉर्मेंस करती हैं। देश भर में वो ऐसे कई इवेंट में हिस्सा ले चुकी हैं। हम सभी नॉर्म्स को पूरे कर रहे थे। लेकिन, जब संतों की रजामंदी नहीं है तो हमें फैसला वापस लेना पड़ा।

कार्यक्रम 1 जनवरी को मथुरा के होटल में होना था।

इस तरह सिटिंग प्लान था। चार कैटेगरी तय की गई थी। इसकी कीमत 20 हजार से 2 लाख तक फिक्स की गई थी।
कार्यक्रम की जानकारी मिलते ही संत और धर्माचार्य नाराज हो गए। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी ने भी इसका कड़ा विरोध किया। सोमवार को साधु-संतों ने प्रदर्शन किया और आयोजकों के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। डीएम को पत्र लिखकर कार्यक्रम को रद्द करने की मांग।
दिनेश फलाहारी का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम मथुरा नगरी की मर्यादा, संस्कृति, गरिमा और आध्यात्मिक पहचान को नुकसान पहुंचाते हैं। युवाओं को भक्ति के मार्ग से दूर ले जाते हैं। सनातन धर्म में नए साल की शुरुआत धार्मिक कार्यों और अनुष्ठान से होनी चाहिए। इसलिए लाखों श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन में आते हैं। ऐसे में ऐसे कार्यक्रम यहां की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाते हैं।

साधु संतों ने कार्यक्रम को लेकर नाराजगी जताई थी।
मधुबन में राधिका नाचे का भी विरोध हुआ था
इसे बॉलीवुड कोरियोग्राफर गणेश आचार्य ने कोरियोग्राफ किया था। यह गाना साल 1960 की फिल्म ‘कोहिनूर’ में मोहम्मद रफी के गाने ‘मधुबन में राधिका नाचे’ रिक्रिएट किया गया था।
इससे पहले मथुरा में साधु-संतों ने सनी लियोनी के ‘मधुबन में राधिका नाचे’ गाने को लेकर विरोध किया था। संतों ने वीडियो अलबम को बैन करने की मांग की थी। गाना 22 दिसंबर 2021 को रिलीज हुआ था।
वृंदावन के संत नवल गिरी महाराज ने सरकार से इस गाने के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की थी। कहा था कि इससे हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। मधुबन को सिंगर कनिका कपूर और अरिंदम चक्रवर्ती ने गाया था।

