मथुरा : मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन से 22 अगस्त को चोरी हुई बच्ची के 5 दिन बाद भी मां को नहीं मिल सकी। मासूम को मां की गोद मिलने में अब कानूनी अड़चन आ रही है। माता पिता के पास वैध पहचान पत्र न होने के कारण उनको मासूम की सुपुर्दगी नहीं मिल पा रही।
अब बच्ची को देखभाल के लिए राजकीय शिशु सदन भेज दिया गया है। अब बच्ची के माता पिता जीआरपी और बालकल्याण समिति के सामने अपनी बच्ची के लिए गुहार लगा रहे हैं। लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।

समिति ने माता पिता से पहचान पत्र मांगा लेकिन वह कोई वैध पहचान पत्र नहीं दिखा सके
माता-पिता के पास नहीं हो कोई पहचान पत्र
एक साल की बच्ची सरस्वती की बरामदगी के बाद GRP ने उसे और उसके माता पिता को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने GRP से पूछा कि क्या यह वही बालिका है जिसे चोरी किया गया था। जिस पर GRP ने मौखिक रूप से सहमति जताई। इस पर समिति ने कहा आप लिख कर दे दीजिए। जिस पर राजकीय रेलवे पुलिस तैयार नहीं हुई और लिखित में देने से मना कर दिया।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने बताया कि इस मामले में GRP द्वारा लाई गई महिला से जब उसकी पहचान और बच्ची से संबंध के दस्तावेज मांगे तो वह कोई भी कागज नहीं दिखा सकी। जिसके बाद बच्ची के हित को ध्यान में रखते हुए उसे राजकीय शिशु सदन भेज दिया गया। राजेश दीक्षित ने बताया कि माता पिता से आधार कार्ड,वोटर कार्ड आदि कोई भी पहचान पत्र मांगा गया था जिसे वह दिखा नहीं सके।

GRP ने बालिका को बरामद करने के बाद बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया
माता पिता ने लगाई गुहार
कानूनी पेचीदगियों की बजह से बच्ची की सुपुर्दगी न मिलने से परेशान मासूम के माता पिता बाल कल्याण समिति और GRP पुलिस से गुहार लगा रहे हैं। बाल कल्याण समिति के ऑफिस पहुंची बच्ची की मां पूजा ने बताया कि वह 12 दिन पहले मथुरा घूमने आए थे। लेकिन पैसा चोरी हो गया। जिसके बाद उनके पति ने बच्चों के खाने-पीने के लिए बोतल बीनने का काम किया।
पूजा ने बताया कि जिस रात उसकी बेटी चोरी हुई उसी रात पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। इसके बाद बच्ची को उसकी गोद में दे दिया लेकिन उसे और बच्चे को थाना से बाहर नहीं निकलने दिया। पूजा ने बताया कि इसके दो दिन बाद पुलिस बच्ची को यहां कोर्ट लेकर आई। पूजा का कहना है कि उसके पास पहचान पत्र नहीं है लेकिन बच्ची उसी की है।

बालिका को संरक्षण के लिए फिलहाल राजकीय शिशु सदन भेज दिया गया है
GRP पर लग चुका है फर्जी खुलासा का आरोप
मथुरा GRP पर 2023 में सर्कुलेटिंग एरिया से चोरी हुई बच्ची के मामले में फर्जी खुलासे का आरोप लग चुका है। इस मामले में अपनी ही बच्ची के चोरी के आरोप में मां को जेल में रहना पड़ा था। जबकि स्टेशन से चोरी हुई मासूम का GRP अभी तक पता नहीं लगा सकी थी। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने बताया कि पूर्व में GRP के द्वारा एक मामला अनुचित किया जा चुका है उसी को देखते हुए इस मामले में सतर्कता बरती जा रही है।
पूरा मामला
मथुरा जंक्शन से 22 अगस्त को चोरी हुई एक साल की बच्ची को आगरा से बरामद कर लिया गया था। पुलिस ने आरोपी सतीश को भी गिरफ्तार कर लिया है। वह धौलपुर का रहने वाला है। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था।
वारदात के समय मां दो बेटियों के साथ प्लेटफार्म पर सो रही थी। रात 10 बजे बच्चियों को छोड़कर मां वॉशरूम चली गई। वापस आई तो देखा बेटी को आरोपी ले जा रहा था। महिला ने शोर मचा दिया। इसके बाद आरोपी बच्ची को लेकर भागने लगा।
महिला भी उसे पकड़ने के लिए पीछे-पीछे दौड़ी, तभी जंक्शन पर खड़ी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस चल दी। आरोपी चलती ट्रेन में दौड़कर चढ़ गया। इसके बाद रोती-बिलखती मां रेलवे पुलिस के पास पहुंची और पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने स्टेशन पर लगे CCTV कैमरे चेक किए। इसमें आरोपी बच्ची को गोद में ले जाते हुए दिखा था।

मथुरा जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर मां अपनी दो बेटियों के साथ सो रही थी।
मां ने बताई पूरी घटना
जबलपुर की रहने वाली पूजा ने कहा- मैं अपनी दो बेटियों सरस्वती (1) और गौरा (8) के साथ प्लेटफॉर्म-2 पर RPF थाना के सामने सो रही थी। रात में 10 बजे मैं वॉशरूम गई थी। दो मिनट बाद ही वापस आ गई।
देखा तो एक व्यक्ति मेरी बेटी सरस्वती को लेकर जा रहा था। मैंने शोर मचाया तो आरोपी भागने लगा। मैं और प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य लोग उसके पीछे दौड़े, लेकिन आरोपी आगरा की तरफ जा रही संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में चढ़कर भाग गया।

पिता ने कहा- पानी की बोतलें बिनकर घर का खर्च चलाता हूं।
पिता बोला- मुझे मेरी बेटी चाहिए
मेरे पति आनंद स्टेशन पर ही कचरा बीनते हैं। घटना के बाद मैं आनंद के पास गई और उनसे पूरी बात बताई। फिर हम लोग जीआरपी थाने पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। बच्ची के पिता का कहना है कि मैं स्टेशन पर कूड़ा-कचरा और पानी की बोतलें बीनता हूं। इससे ही परिवार का पालन-पोषण करता हूं। एक व्यक्ति मेरी बच्ची को उठा ले गया। मुझे मेरी बेटी चाहिए।
शिकायत के बाद GRP और RPF की टीम आरोपी की तलाश में जुट गई। GRP पुलिस की 3 टीमें बच्ची की तलाश में लगी हैं। थाना प्रभारी यादराम ने बताया- जल्द आरोपी का पता लगाया जाएगा। संभावित जगह टीम रवाना कर दी गई है।

पुलिस ने बच्ची को आगरा से बरामद करने के बाद उसकी मां पूजा को सौंप दिया।
आरोपी बोला- बच्चे की चाहत में वारदात को दिया अंजाम
आरोपी सतीश ने बताया- वह धौलपुर के मोहल्ला मदीना का रहने वाला है। दिल्ली में मजदूरी करता है। उसकी 2016 में शादी हुई थी। पत्नी चार बार गर्भवती हुई लेकिन बच्चों की गर्भ में ही मौत हो जाती थी। दोनों एक बच्चा चाहते थे। 22 अगस्त को सतीश उत्तर प्रदेश संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से दिल्ली से आ रहा था। मथुरा में जब ट्रेन रुकी तो उसके कोच के सामने पूजा की दो बेटियां सोए हुए थीं। उसने बिना सोचे समझे छोटी बेटी सरस्वती को उठाया और ट्रेन में सवार होकर भाग गया।
GRP ने सतीश को आगरा के कैंट रेलवे स्टेशन के पास खेरिया पुल के नीचे से पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि अभी मामले में कोई और वजह का पता नहीं चल पाया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

आरोपी सतीश ने बताया कि वह दिल्ली में मजदूरी करता है।

