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यूपी में TET से डरे 2 टीचर ने जान दी:उम्र 52 और 49 साल; बेटे बोले-एग्जाम को लेकर परेशान थे

हमीरपुर/महोबा : यूपी के टीचर्स में TET एग्जाम का खौफ बढ़ता जा रहा है। शनिवार को हमीरपुर में 52 साल के एक सरकारी टीचर ने सुसाइड कर लिया। इससे पहले सोमवार को महोबा में 49 साल के टीचर ने फंदे पर लटककर जान दी थी।

दोनों टीचर के परिवारों ने दावा किया कि जब से टीईटी एग्जाम की अनिवार्यता का सुप्रीम कोर्ट से आदेश आया, तब से परेशान थे। एग्जाम के प्रेशर में आकर जान दी है।

यानी, यूपी में 5 दिन में TET के डर से 2 टीचर ने फंदे पर लटककर अपनी जान दे दी। दोनों ही मामलों में टीचर की उम्र 49-52 के बीच रही है। हालांकि, दोनों मामलों में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

हमीरपुर : टीचर स्कूल जाने के लिए निकले, शाम तक घर नहीं लौटे

हमीरपुर में शनिवार शाम 52 साल के सरकारी टीचर ने सुसाइड कर लिया। गांव से डेढ़ किमी दूर घर में फंदे से लटकता शव मिला है। गणेशीलाल मूल रूप से पनवाड़ी गांव के रहने वाले थे। घर में पत्नी ऊषा देवी, दो बेटियां स्वाती- अंशिका और बेटा पीयूष रहते हैं।

टीचर गणेशीलाल के सुसाइड की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य दौड़े-भागे पहुंचे।

टीचर गणेशीलाल के सुसाइड की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य दौड़े-भागे पहुंचे।

शनिवार सुबह गणेशीलाल सो कर उठे। घर का कुछ काम किया, फिर 7:30 बजे घर से निकल गए। घर वालों से बोला कि स्कूल जा रहे हैं। छुट्टी के बाद देर शाम तक जब घर नहीं लौटे तो उनका बेटा पीयूष ढूंढते हुए स्कूल गया। वहां पता चला अपने घर चले गए हैं। इसके बाद वह अपने दूसरे घर गया, जो घर से डेढ़ किलोमीटर दूर है।

उसने देखा कि पिता का शव बिजली के तार के सहारे फंदे से लटक रहा। उसने तुरंत चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया। आसपास लोगों के भीड़ जुट गई। तुरंत गणेशीलाल को फंदे से उतारकर अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

गणेशीलाल का बेटा बोला-टेट को लेकर परेशान रहते थे। कई किताब पढ़ने के लिए लाए थे।

गणेशीलाल का बेटा बोला-टेट को लेकर परेशान रहते थे। कई किताब पढ़ने के लिए लाए थे।

तीन दिन पहले पिंडदान कर गयाजी से लौटे

बेटे पियूष ने बताया-तीन दिन पहले हम पापा-मम्मी सब लोग गयाजी गए थे, दादा-दादी का पिंडदान करने। वहां से कल (शनिवार) रात को लौटे थे। हम लोग थके हुए थे। पापा से कुछ बात नहीं हुई। हम लोग सो गए। वह कभी-कभी हमारे दूसरे घर आते थे।

वह आज सुबह घर से निकले। फिर हमने पापा को कई बार फोन मिलाया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। हमने शाम को उनको फिर फोन लगाया तो उन्होंने इस बार भी नहीं रिसीव किया। फिर हमने सोचा घर जाकर देखते हैं। हम लोग इस घर पहुंचे तो देखा वह फंदे के सहारे लटक रहे थे।

पियूष ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने टेट को लेकर फैसला सुनाया था। तब से बहुत टेंशन में रहते थे। उसके बारे में लोगों से चर्चा भी करते थे। वह कई किताबें घर पर लाए थे और पढ़ते थे। हमारे दीदी की शादी भी नहीं हो रही थी, उसको लेकर भी वह टेंशन में रहते थे।

महोबा- योग करने उठे, छत पर बने कमरे में लगाई फांसी

मृतक मनोज कुमार के परिवार ने बताया-सुबह उठने के बाद सबको गुड मार्निंग मैसेज भेजा था और योग करने छत पर चले गए थे।

मृतक मनोज कुमार के परिवार ने बताया-सुबह उठने के बाद सबको गुड मार्निंग मैसेज भेजा था और योग करने छत पर चले गए थे।

महोबा में सोमवार को 49 साल के प्राइमरी स्कूल के प्रिंसिपल ने सुसाइड कर लिया। उनका शव कमरे में फंदे से लटका मिला। प्रिंसिपल ने सोमवार सुबह 4:17 बजे उन्होंने वॉट्सऐप ग्रुप में ‘गुड मॉर्निंग’ मैसेज भेजा और योग करने छत पर चले गए।

काफी देर तक नीचे नहीं लौटे तो पत्नी देखने गई। वहां कमरे में वह फंदे पर लटके थे। पत्नी ने शोर मचाकर परिजनों को बुलाया। परिजन उन्हें फंदे से उतारकर अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक का नाम मनोज कुमार साहू था। वे शहर कोतवाली क्षेत्र के गांधीनगर मुहाल में रहते थे।

मनोज के पिता बाबूराम साहू भी शिक्षक थे। 30 साल पहले हार्टअटैक से उनकी मौत हो गई थी। मनोज को मृतक आश्रित कोटे से टीचर की नौकरी मिली थी। वह पूर्व माध्यमिक विद्यालय कंपोजिट प्रेमनगर में प्रिंसिपल थे। दो महीने पहले ही यहां ट्रांसफर होकर आए थे। इससे पहले, मामना के जूनियर विद्यालय कंपोजिट में थे।

टीचर की मौत सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ लग गई।

टीचर की मौत सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ लग गई।

पति का शव देखकर पत्नी बेहोश हुई

मनोज कुमार मूलरूप से सदर तहसील के भडरा गांव के रहने वाले थे। कई साल से वे शहर के गांधी नगर इलाके में रह रहे थे। परिवार में पत्नी चंद्रवती (48) और दो बेटे- सूर्यांश (22) और दिव्यांश (19) हैं। पत्नी ने बताया था- सोमवार सुबह करीब 4 बजे पति उठे। इसके बाद छत पर योग करने चले गए।

काफी देर तक नीचे नहीं लौटे तो मैंने आवाज दी। जवाब न मिलने पर मैं छत पर देखने गई। वहां जाकर देखा तो पति का शव फंदे से लटक रहा था। घरवालों का कहना है कि पति का शव देखकर पत्नी चीखने लगी और बेहोश होकर गिर पड़ी। शोर सुनकर हम लोग दौड़कर पहुंचे और उन्हें फंदे से उतारा। तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

परिजनों का कहना है कि मनोज घर की जिम्मेदारियों और नौकरी की चिंता में रहते थे। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद TET परीक्षा पास करना अनिवार्य हो गया था। इसी वजह से वह तनाव में थे। इसके चलते ही उन्होंने जान दी।

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