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Wed. Feb 11th, 2026

IIT-BHU के इंजीनियरिंग छात्र की सोते-सोते मौत:आज एग्जाम था, सुबह 3 बजे तक पढ़ाई की; हॉस्टल में सोया, जगाने पर उठा नहीं

वाराणसी : IIT BHU के हॉस्टल में बुधवार सुबह एक छात्र की सोते-सोते मौत हो गई। मंगलवार की रात खाना खाकर छात्र हॉस्टल के अपने कमरे में आया। आज बुधवार को सुबह 8 बजे से एग्जाम था। एक कमरे में 3 छात्र रहते थे। तीनों ने सुबह 3 बजे तक पढ़ाई की, इसके बाद सो गए।

सुबह दोस्तों ने एग्जाम के लिए उठाया तो उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। तत्काल यूनिवर्सिटी प्रशासन को सूचना दी। उसे BHU के सर सुंदरलाल हॉस्पिटल की इमरजेंसी लाया गया। यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित की दिया।

पुलिस के मुताबिक, डॉक्टरों ने कार्डियक अरेस्ट से मौत होना बताया है। 29 वर्षीय छात्र अनूप सिंह चौहान आजमगढ़ में मेहनाजपुर के मऊपरासिन का रहने वाला था।

IIT BHU पहुंची अनूप की मां कार में बैठी रो रही हैं।

IIT BHU पहुंची अनूप की मां कार में बैठी रो रही हैं।

दोपहर 12 बजे छात्र के पिता आजमगढ़ से हॉस्टल पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में कमरा चेक किया।

दोपहर 12 बजे छात्र के पिता आजमगढ़ से हॉस्टल पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में कमरा चेक किया।

आजमगढ़ के रहने वाले अनूप सिंह चौहान एमटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग फर्स्ट ईयर के छात्र थे।

आजमगढ़ के रहने वाले अनूप सिंह चौहान एमटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग फर्स्ट ईयर के छात्र थे।

एमटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग फर्स्ट ईयर का था स्टूडेंट

अनूप के पिता विनोद सिंह चौहान आजमगढ़ में वकील हैं। उन्होंने बताया- अनूप मेरा बड़ा बेटा था। वह IIT BHU में एमटेक फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट था। मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर रहा अनूप, पीसी रे हॉस्टल के रूम नंबर 313 में रहता था।

छोटा बेटा दिल्ली में PCS की तैयारी कर रहा है। छोटे बेटे ने रात 11.30 बजे के आसपास अनूप से बात की थी। उसने बताया कि सब ठीक था। भैया ने कोई दिक्कत नहीं बताई।

आज सुबह 8 बजे से अनूप की परीक्षा थी। मुझे सुबह 7.30 बजे फोन यूनिवर्सिटी की ओर से मौत की जानकारी दी गई। बाकी पोस्टमॉर्टम से मौत की वजह स्पष्ट होगी। हमारा किसी पर कोई आरोप नहीं है।

लंका थाने की पुलिस प्रॉक्टर और IIT BHU के स्टाफ के साथ हॉस्टल पहुंची।

लंका थाने की पुलिस प्रॉक्टर और IIT BHU के स्टाफ के साथ हॉस्टल पहुंची।

छात्रों ने CPR दिया, बॉडी से कोई हरकत नहीं हुई

हॉस्टल के छात्रों ने बताया- मंगलवार रात 11 बजे अनूप खाना खाकर आया। तड़के 3 बजे तक तीनों दोस्तों ने एक साथ पढ़ाई की। सुबह जगाने पर अनूप बेहोशी की हालत में बेड पर पड़ा था। उसकी बॉडी से कोई हरकत नहीं हुई। दोस्तों ने CPR दिया, फिर भी कोई हरकत नहीं हुई।

यूनिवर्सिटी की एंबुलेंस से उसे सर सुंदरलाल हॉस्पिटल लाया गया। डॉक्टर्स ने चेकअप किया। चेकअप के बाद डॉक्टर्स ने स्टूडेंट को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर्स ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट से अनूप सिंह चौहान की मौत हुई है।

परिजन बोले- तबीयत खराब होती तो रात में बताता

दोपहर करीब 12 बजे यूनिवर्सिटी प्रशासन, लंका पुलिस और छात्र के माता-पिता उसके हॉस्टल पहुंचे। कमरे में एक-एक सामान चेक किया। पिता ने पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन से मौत की वजह जानी। हॉस्टल के छात्रों ने बताया कि रात में अनूप ने हॉस्टल के मेस से दाल, रोटी और सब्जी खाई थी।

पिता ने बताया- रात में अनूप की उसके भाई से बात हुई थी। उसकी तबीयत खराब होती तो बताता। उसे ऐसी कोई बीमारी नहीं थी। रात 11 बजे वह खाना खाने के लिए गया था।

उधर, IIT BHU प्रशासन ने बताया कि बुधवार सुबह लगभग 6.30 बजे कंट्रोल से सूचना मिली कि पीसी रे हॉस्टल का एक छात्र जग नहीं रहा है। सूचना मिलते ही एंबुलेंस मौके पर पहुंची। 20 मिनट के अंदर इमरजेंसी पहुंचाया गया। यहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

लंका SHO राजकुमार ने बताया- छात्र के माता-पिता की मौजूदगी में शव का पंचनामा किया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी।

इसी हॉस्टल में अनूप सिंह चौहान रहता था।

इसी हॉस्टल में अनूप सिंह चौहान रहता था।

कार्डियक अरेस्ट क्या होता है

कार्डियक अरेस्ट का मतलब है हार्ट खून को पंप करके फेंक नहीं पा रहा है। हार्ट के पंप करने से पूरी बॉडी में ब्लड जाता है और एक बार हार्ट के पंप करने से 60 से 70 ML खून पूरी बॉडी में जाता है। इसे इजेक्शन कहते हैं। हार्ट जब इजेक्ट करना बंद कर देता है तो उसे कार्डियक अरेस्ट कहते हैं।

कार्डियक अरेस्ट में पेशेंट तुरंत उसी जगह पर ही गिर जाएगा, बेहोश हो जाएगा। ऐसी स्थिति में मरीज को फ्लैट जगह पर लिटाकर तुरंत सीपीआर देना चाहिए। सीपीआर गलत देने से कुछ नहीं होगा, लेकिन न देने से जरूर फर्क पड़ेगा।

प्रसिद्ध मेडिकल जर्नल ‘दे लैसेंट’ के मुताबिक भारत में हर साल लगभग 5-6 लाख लोग अचानक हुए कार्डियक अरेस्ट (SCD) के कारण दम तोड़ देते हैं और उनमें से बड़ी संख्या 50 वर्ष या उससे कम आयु के लोगों की होती है।

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