वाराणसी : ‘गैंगरेप के बाद मैंने अपना सब कुछ खो दिया। सात लोगों ने मेरे साथ रेप किया, लेकिन, न्याय नहीं मिला। बेटी हुई तो उसे सीने से लगाया। उसे पालने के लिए सबसे कहा। कल हमने काजल लगाया तो वह रोने लगी, तो हमने दूध पिलाया। फिर अचानक दूध उलटने लगी। बिट्टी को हिचकी आई और उसने प्राण छोड़ दिए। उसे देखकर मैं जिंदा थी, लेकिन वह भी छिन गई। ‘
यह कहते हुए वाराणसी की 16 साल की गैंगरेप पीड़ित की आंखें भर आईं। दरअसल, दिसंबर 2024 में उसके साथ 7 आरोपियों ने गैंगरेप किया। गैं 25 अगस्त की शाम को उसने बेटी को जन्म दिया। रविवार यानी 31 अगस्त को बच्ची की मौत हो गई।
पुलिस ने मृत बच्ची का पोस्टमॉर्टम कराया, जिसकी रिपोर्ट में पता चला कि बच्ची के गले में दूध फंसने से उसकी जान गई। आरोपियों को सजा दिलाने के लिए बच्ची का डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा। उसका बिसरा भी सुरक्षित रखा गया है।
दोपहर में परिजनों ने गौरा उपरवार घाट पर उसका शव प्रवाहित कर दिया। बच्ची की मौत के बाद पीड़ित के घर पर पुलिस सुरक्षा लगा दी गई है। एक महिला कॉन्स्टेबल और एक पुरुष कॉन्स्टेबल को घर के बाहर तैनात किया गया है।

रेप पीड़ित के घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है।
पुलिस ने आरोपियों की मदद की
पीड़ित ने कहा- मेरी जिंदगी को बर्बाद करने वालों पर पुलिस ने एक्शन लेने की जगह उन्हें मदद की। मैं थाने, चौकी और कचहरी में अधिकारियों के चक्कर लगाती रही, लेकिन किसी ने नहीं सुना। हम गरीब हैं, इसलिए सुनवाई में देरी हुई, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। मेरी बेटी का पिता कौन है? इसके लिए मैं पुलिस के जरिए DNA टेस्ट की मांग करूंगी।
गैंगरेप के 6 महीने बाद दर्ज हुआ था मुकदमा
चौबेपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में दिसंबर, 2024 को 16 साल की लड़की को गांव के ही 2 युवक अपहरण कर सुनसान जगह पर ले गए। वहां उसके साथ गैंगरेप किया, फिर छोड़कर भाग गए। इस दौरान उसके फोटो और वीडियो भी बना लिए।
फिर दोनों युवकों ने वीडियो से लड़की को ब्लैकमेल किया। इसके बाद अपने दोस्तों को भी इसमें शामिल किया। फिर गांव के 7 युवकों ने कई दिनों तक लड़की के साथ गैंगरेप किया। इसके बाद शिकायत करने पर लड़की और उसके घरवालों को जान से मारने की धमकी दी गई।
गैंगरेप के बाद लड़की प्रेग्नेंट हो गई। आरोप था कि पीड़ित ने पुलिस ने कई दिन तक थाने के चक्कर लगवाए। SO ने चौकी इंचार्ज से जांच कराने की बात कही। फिर गैंगरेप के 6 महीने बाद केस दर्ज किया गया।
ऑटो में दिया था बेटी को जन्म, फिर पहुंची अस्पताल
गैंगरेप पीड़ित ने 25 अगस्त की शाम को उसे प्रसव पीड़ा उठी। घंटों इंतजार के बाद एक एंबुलेंस तक नहीं मिल सकी। परिवार के मुताबिक, ऑनलाइन नंबर पर कॉल किया गया। थाने में भी गुहार लगाई, मगर कोई मदद के लिए आगे नहीं आया।
इसके बाद पिता और रिश्तेदार उसे एक ऑटो में लिटाकर चौबेपुर से वाराणसी लाए। रास्ते में प्रसव पीड़ा के बीच उसने बेटी को जन्म दिया। परिवार ने सड़क पर ही लोगों से मदद मांगी। पास में एक क्लिनिक पर पीड़ित युवती को ले जाकर बच्चे की नाल काटी गई।
यहां प्राथमिक इलाज कराने के बाद परिवार बेटी को लेकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय सरकारी अस्पताल पहुंचा। वहां वह रातभर एडमिट रही। अगले दिन उसे छुट्टी दे दी गई। 31 अगस्त को बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।

बच्ची की मौत के बाद पड़ोसी महिलाएं पहुंची हैं।
गैंगरेप आरोपी की गिरफ्तारी पर पिता की हार्ट अटैक से मौत
पुलिस ने शनिवार (30 अगस्त) को गैंगरेप के आरोपी रोहित विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया। इसके करीब ढाई घंटे बाद सदमे में उसके पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई।आरोपी के भाई ने बताया- पुलिस ने मेरे भाई रोहित को 30 अगस्त सुबह 11 बजे घर से पकड़ा।
जब पुलिस उसे लेकर जा रही थी, तब मेरे पिता ने पुलिस से कहा कि बेटा बेकसूर है। वह हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन पुलिस नहीं मानी। इस पर वह बेटे के सीने से लगकर रोने लगे। मगर पुलिस भाई को जबरदस्ती साथ ले गई। तभी पिता को हार्ट अटैक आ गया। म लोग उन्हें अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
वहीं, थाना चौबेपुर पुलिस का दावा है कि आरोपी को सारनाथ मोड़ से गिरफ्तार किया गया है।

