वाराणसी : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट आ गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नाबालिगों के साथ कुकर्म की पुष्टि हुई है। बुधवार को पुलिस ने पीड़ित नाबालिगों का मेडिकल परीक्षण कराया था। गुरुवार को रिपोर्ट जांच अधिकारी को सौंप दी गई। अब यह रिपोर्ट शुक्रवार को कोर्ट में पेश की जाएगी।
इधर, पीड़ित बटुक पहली बार मीडिया के सामने आया है। उसने आज तक को दिए इंटरव्यू में दावा किया है कि हम अध्ययन के लिए गए थे, तभी से हमारा शोषण किया है। हमारे साथ और भी बच्चे हैं, उनका वो लगातार शोषण किया। कौन शोषण किया? इस पर पीड़ित ने कहा- अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकानंद।
क्या आप माघ मेले की आप कर रहे हैं। इस पर उसने कहा-जी, वहां पर भी उन्होंने मेरे शोषण किया। माघ मेले में इन्होंने मेरे साथ 16 जनवरी को शोषण किया। शंकराचार्य के शिष्य प्रकाश और अरविंद बाहर से बच्चों को बाहर से लाते हैं। इसके बाद बच्चों के साथ यौन शोषण किया जाता है।
इधर, प्रयागराज पुलिस चार दिनों से वाराणसी में डेरा डाले हुए है। पुलिस शंकराचार्य से पूछताछ कर सकती है, हालांकि अभी तक आश्रम नहीं पहुंची है। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण माना जा रहा है कि पुलिस पूरी तैयारी और होमवर्क के बाद ही उनसे पूछताछ करेगी।

शंकराचार्य के वकी श्रीनाथ त्रिपाठी ने मैसेज का स्क्रीन शॉट शेयर किया है।
- प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। इसके 8 दिन बाद 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। इसमें माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए थे।
- पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई।
- FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात आरोपी बनाए गए। 24 फरवरी को शंकराचार्य ने प्रयागराज एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।
शंकराचार्य के वकील को जान से मारने की धमकी
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के वकील को जान से मारने की धमकी मिली है। उनके मोबाइल पर बुधवार देर रात करीब ढाई बजे धमकी भरा मैसेज आया। लिखा था- वाराणसी की कचहरी को बम से उड़ा देंगे, तुम्हें भी। शंकराचार्य पर लगे बच्चों के यौन शोषण के मामले की पैरवी वकील श्रीनाथ त्रिपाठी ही कर रहे हैं।
त्रिपाठी ने धमकी भरे SMS का स्क्रीनशॉट अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया और प्रशासन से संज्ञान लेने की मांग की। धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मैसेज भेजने वाले की पहचान की जा रही है। 14 दिनों में यह चौथी बार है, जब वाराणसी की कचहरी को उड़ाने की धमकी मिली है।
शंकराचार्य के वकील श्रीनाथ त्रिपाठी वाराणसी के रहने वाले हैं। जिले के कचहरी में प्रैक्टिस करते हैं। वे क्रिमिनल लॉयर हैं। साथ ही वे बार काउंसिल ऑफ इंडिया के मेंबर भी हैं।
आशुतोष ब्रह्मचारी बोले- माघ मेला साजिश में यूपी के डिप्टी CM शामिल
- आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में सपा और कांग्रेस से जुड़े कई नेता आते-जाते थे। उन्होंने कहा कि कुछ नाम सामने आए हैं और यह भी जांच का विषय है कि कहीं वे बटुकों के साथ हुए कुकर्म में शामिल तो नहीं थे।
- उन्होंने यूपी के डिप्टी सीएम पर भी कई गंभीर आरोप लगाए। जब उनसे पूछा गया कि वे बृजेश पाठक या केशव प्रसाद मौर्य में से किसकी बात कर रहे हैं, तो उन्होंने नाम बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि “यूपी के डिप्टी सीएम शंकराचार्य से मिले थे और माघ मेला साजिश में शामिल थे। इसकी भी जांच चल रही है।”
- आशुतोष ब्रह्मचारी का यह भी दावा है कि डिप्टी सीएम ने कथित तौर पर कहा था- अभी धरना दो, जब हम आएं तब खत्म करना। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि डिप्टी सीएम ने अपने हाथों से पानी पिलाकर धरना समाप्त कराने को कहा था। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।
मठ के CEO और अरविंद की भूमिका जांच के घेरे में
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि बटुकों ने अपने बयानों में अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद के साथ दोनों मठों के CEO प्रकाश उपाध्याय और अरविंद का भी नाम लिया है। उन्होंने बताया कि अब प्रकाश उपाध्याय और अरविंद की भूमिका की जांच की जा रही है।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने प्रकाश उपाध्याय पर बच्चों के यौन शोषण का आरोप भी लगाया है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और पूरे मामले की जांच जारी है।
चौथे दिन पुलिस शंकराचार्य से कर सकती है पूछताछ
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर प्रयागराज के झूसी थाने में पाक्सो एक्ट में FIR दर्ज होने के बाद आज चौथा दिन है। इस मामले में पीड़ितों और उनके परिजनों से प्रयागराज पुलिस ने पूछताछ की है। पिछले 3 दिनों से प्रयागराज पुलिस के वाराणसी में होने की सूचना बीच अभी तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुलानंद का बयान नहीं लिया है।
बताया जा रहा है प्रयागराज पुलिस आज शंकराचार्य के विद्या मठ पर पहुंचकर पूछताछ कर सकती है। केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का आशीर्वाद लेने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही है।
शंकराचार्य आरोप लगा रहे हैं कि आशुतोष ब्रह्मचारी और पुलिस के बीच साठगांठ है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई उन्हें डराने और गौ माता की हत्या के विरोध में चल रहे अभियान को रोकने के लिए की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसा नहीं होगा और सभी संतों के साथ 11 मार्च को लखनऊ में प्रस्तावित प्रदर्शन किया जाएगा।

