नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव के दौरान विभिन्न राजनैतिक दलों एवं निर्वाचन लड़ने वाले उम्मीदवारों के व्यय पर कड़ी नजर रखी जाएगी। सभी केबल आपरेटर एवं प्रिंटिंग प्रेस मालिकों को मुद्रित सामग्री की जानकारी देनी होगी। भारत निर्वाचन आयोग ने इसके निर्देश दिए हैं। पालन नहीं करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लोकसभा चुनाव के दौरान केबल आपरेटर एवं प्रिटिंग प्रेस मालिकों को विशेष एहतियात बरतनी है। उनके किसी भी प्रसारण एवं मुद्रण से शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका होगी, तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रिटिंग प्रेस मालिकों से कहा गया है कि उनके द्वारा चुनाव संबंधी जो सामग्री प्रकाशित की जाती है, उसकी चार प्रतियां मय घोषणा पत्र, जिला निर्वाचन कार्यालय को शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।
प्रकाशित की गई सामग्री में प्रिटिंग लाइन अवश्य दी जाए, जिसमें मुद्रक, प्रकाशक का नाम, पता और प्रकाशित सामग्री की संख्या दर्ज हो। इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाले प्रिटिंग प्रेस मालिकों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पेड न्यूज पर भी नजर
लोकसभा चुनाव के दौरान केबल आपरेटरों को पेड न्यूज के संबंध में सजग और सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला एवं राज्य स्तर पर मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति का गठन किया गया है। यह समिति 24 घंटे इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रसारण पर नजर रखने के लिए गठित की गई है। केबल आपरेटरों से कहा गया है कि वे आयोग के निर्देशों का आवश्यक रूप से पालन करें। केबल आपरेटर द्वारा जिस सामग्री का प्रसारण किया जाता है उसके प्रसारण पूर्व प्रसारणकर्ता से घोषणा पत्र भी प्राप्त करें।

