- महाराष्ट्र में पुलिस ने बेहद दुर्गम इलाकों में की गई साहसिक कार्रवाई में पुलिस ने मौके पर ही करीब 1 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का गांजा जलाकर खाक कर दिया
धुले : महाराष्ट्र के धुले जिले के शिरपुर तालुका में पुलिस प्रशासन ने नशा तस्करों की कमर तोड़ते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने वन विभाग की जमीन पर अवैध रूप से की जा रही गांजा की खेती का पर्दाफाश करते हुए करोड़ों रुपये की फसल को नष्ट कर दिया है। जामण्यापाणी क्षेत्र के बेहद दुर्गम इलाकों में की गई इस साहसिक कार्रवाई में पुलिस ने मौके पर ही करीब 1 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का गांजा जलाकर खाक कर दिया।
शिरपुर पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक जयपाल हिरे को खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली थी कि जामण्यापाणी गांव की सीमा में वन विभाग की आरक्षित भूमि पर कुछ अज्ञात लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर गांजा की खेती की जा रही है। चूंकि यह इलाका पहाड़ियों और जंगलों के बीच स्थित था, वहां से जब्त किए गए गांजे के पौधों को पुलिस स्टेशन या शहर तक परिवहन करके लाना एक बड़ी चुनौती थी। इस समस्या को देखते हुए, पुलिस निरीक्षक जयपाल हिरे ने तत्काल न्यायालय से संपर्क किया। न्यायालय से विशेष अनुमति मिलने के बाद, कार्यकारी दंडाधिकारी (Executive Magistrate) की उपस्थिति में पुलिस ने जंगल में ही पंचनामा कर गांजा नष्ट करने का निर्णय लिया।

2 स्थानों पर कार्रवाई: 40 हजार स्क्वायर फीट में फैला था नशा
पुलिस की यह कार्रवाई मुख्य रूप से दो अलग-अलग स्थानों पर की गई। पहली कार्रवाई जामण्यापाणी वन क्षेत्र के भोरखेड़ा में हुई। यहां लगभग 40 हजार स्क्वायर फीट जमीन पर गांजा उगाया गया था। पुलिस ने यहां कार्रवाई करते हुए 42 लाख 45 हजार रुपये मूल्य का गांजा जब्त किया और उसे जला दिया।
वहीं, दूसरी कार्रवाई बभलाज क्षेत्र में की गई। यहां तस्करों को पुलिस की छापेमारी की भनक शायद पहले ही लग गई थी। पुलिस की कार्रवाई के डर से अज्ञात आरोपियों ने 82 गुंठा क्षेत्र में लगी गांजे की फसल को खुद ही काटकर जमीन पर गिरा दिया था, ताकि वे सबूत मिटा सकें। लेकिन पुलिस ने वहां पहुंचकर भारी मात्रा में काटा हुआ गांजा बरामद कर लिया। इस स्थान से मिले गांजे का वजन 1,276 किलोग्राम था, जिसकी बाजार में कीमत करीब 63 लाख 80 हजार रुपये आंकी गई। पुलिस ने इसे भी एक जगह इकट्ठा कर आग के हवाले कर दिया।
आंकड़ों में कार्रवाई-
इस पूरे ऑपरेशन में धुले पुलिस ने वन विभाग की सीमा के भीतर कुल 122 गुंठा जमीन को नशा मुक्त कराया है। दोनों स्थानों से मिलाकर कुल 2,125 किलोग्राम (21 क्विंटल से अधिक) गांजा के पौधे नष्ट किए गए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, नष्ट किए गए गांजे की कुल कीमत 1 करोड़ 6 लाख 25 हजार रुपये है।
इस अवैध कारोबार के पीछे कौन?
जंगल के बीचों-बीच चल रहे इस अवैध कारोबार के पीछे कौन लोग थे, पुलिस इसकी गहन जांच कर रही है। फिलहाल, शिरपुर तालुका पुलिस स्टेशन में हेड कॉन्स्टेबल सागर ठाकुर की शिकायत पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। धुले पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है।

