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राजनीति के दवाब में बेसिक शिक्षा में परिवर्तन नहीं ला पा रहे मथुरा बीएसए

  • मथुरा बीएसए बोले बेसिक शिक्षा में तो राजनीति चलती ही रहती है

मथुरा : सैकड़ों शिकायतें, सबूत भी, फेसबुक पर जमकर शिक्षक की नेतागिरी, स्कूल से अलग हटकर मंदिर में पूरा समय व्यतीत, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के बेसिक शिक्षा अधिकारी इस शिक्षक पर राजनीतिक दवाब के चलते कार्यवाही करने से डर रहे हैं ! इसी कारण हालात ये हैं कि मथुरा जिले की बेसिक शिक्षा राजनीतिक दवाब में बंध कर रह गई है। यानि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बेसिक शिक्षा सुधार के दावे भी राजनीतिकरण में फंस कर रह गए हैं। आखिर बच्चों की जिंदगी से ऐसा खिलावाड़ क्यों ?

हम बात कर रहे हैं मथुरा जिले की बेसिक शिक्षा की। गोकुल प्रथम, चैमुंहा और जैंत स्थित कुछ स्कूलों को छोड़कर जिले की बेसिक शिक्षा का बेड़ागर्क हुआ पड़ा है। इसका मुख्य कारण शिक्षकों का स्कूल न पहुंचना। हालात ये हैं कि नौहझील ब्लाॅक के भैरई में जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापक रामकटोर पांडेय बीते 9 वर्षों से दाऊजी मंदिर के रिसीवर पद पर तैनात हैं। मंदिर में इनका पूरा समय व्यतीत करना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इस शिक्षक के द्वारा मंदिर के प्रसाद को राजनेताओं तक पहुंचाने के कारण इनकी बेसिक शिक्षा विभाग में तूती बोल रही है। बीएसए से लेकर एडी बेसिक तक इस शिक्षक के खिलाफ कार्यवाही करने से कतरा रहे हैं। सूत्रों के हवाला से बताया गया कि बीते दिनों इस शिक्षक के खिलाफ कार्यवाही के लिए बीएसए द्वारा पत्र भी तैयार करा दिया गया, लेकिन बीएसए ने किसी राजनेता के दवाब के चलते पत्र को फिर उठाकर भी नहीं देखा।

मथुरा के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भी फोटो खिंचवाकर और फेसबुक पर शेयर कर शिक्षक के द्वारा लोगों को अंदेशा जताया जाता है कि उनके संबंध प्रशासनिक अधिकारियों से भी हैं। सपा सरकार में भी कई मंत्रियों के साथ इस शिक्षक के बतौर प्रसाद देते हुए के फोटो खुद शिक्षक रामकटोर पांडेय ने अपनी फेसबुक वाॅल पर शेयर कर रखे हैं।

ऐसे कैसे सुधरेगी बेसिक शिक्षा ?
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार बेसिक शिक्षा सुधार को तवज्जो दे रहे हैं, लेकिन उनकी ही पार्टी के मथुरा जिले के कुछ नेता बीएसए पर दवाब बनाकर शिक्षक रामकटोर के खिलाफ कार्यवाही अंजाम तक नहीं पहुंचने दे रहे हैं। यही कारण है कि शिक्षक की जमकर बेसिक शिक्षा विभाग में तूती बोल रही है। स्कूल से मोह भंग कर शिक्षक नेतागिरी में चमक रहे हैं। यही नहीं बीते दिनों गोकुल नगरपंचायत के अध्यक्ष पद प्रत्याशी के पक्ष चुनाव प्रचार करते हुए भी शिक्षक की फोटो फेसबकु वाॅल पर शेयर हुई।

कुलदीप पांडेय की शिकायत पर बीएसए मौन
मथुरा जिला निवासी कुलदीप पांडेय एवं विष्णु पांडेय सहित कईयों ने दर्जनों से अधिक शिकायतें शिक्षक रामकटोर पांडेय के खिलाफ बेसिक शिक्षा लखनऊ और मथुरा में बैठे अधिकारियों को ईमेल तथा वाट्सएप पर भेजी हैं, लेकिन मथुरा में बैठे अधिकारियों उन शिकायतों का संज्ञान तक नहीं लिया। दैनिक उजाला लाइव ने बीएसए वीरेन्द्र सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग में राजनीति चलती रहती है। बीएसए की इसी बात से साफ अंदेशा जताया जा सकता है कि बीएसए द्वारा बच्चों के भविष्य को लेकर कितनी घोर लापरवाही की जा रही है।

रामकटोर जैसे कई शिक्षक जो स्कूल नहीं पहुंचते
मथुरा जिले के अधिकतर स्कूलों के हालात ये हैं कि यहां प्रतिदिन अधिकतर स्कूलों से एक या दो शिक्षक गायब ही रहते हैं, जो कि अच्छी नेतागिरी की पकड़ चलते है बेसिक शिक्षा अधिकारी पर दवाब बनाकर स्कूल जाने से कतराते हैं और कार्यवाही का कोई डर नही। ऐसे हालात अधिकतर जिले के देहात क्षेत्र के स्कूलों में देखने को मिलते हैं। साथ ही भारी राजनीति भी।

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