मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में 79वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने ध्वजा रोहण किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुति दी।
विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम को संबांधित करते हुए कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले वीर सेनानियों को याद करते हुए कहा कि आज का दिन सिर्फ जश्न का नहीं, बल्कि उन अमर बलिदानियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें आज़ादी का अमूल्य उपहार दिया। उन्होंने भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, चंद्रशेखर आज़ाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और खुदीराम बोस जैसे महान क्रांतिकारियों का उल्लेख करते हुए उनके त्याग और कम उम्र में दिए गए बलिदान को भावपूर्ण शब्दों में याद किया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सपना केवल अंग्रेज़ों से मुक्ति नहीं था, बल्कि एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और न्यायपूर्ण भारत का निर्माण करना था। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं तक सीमित न रहें, बल्कि सामूहिक प्रयासों से राष्ट्र की प्रगति में योगदान दें।
कार्यक्रम में देशभक्ति गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रशांत शुक्ला, श्रीकांत चौबे, स्वप्निल दयाल, आशीष कुमार, हर्षित सिंह, अस्मिता जैन, कृष्णा बंसल, रूपम गांगुली, आर्यन यदुवंशी आदि द्वारा आयोजित की गईं। कार्यक्रम का संचालन वैधई पांडेय द्वारा किया गया। एनसीसी के छात्रों ने एएनओ अरूणांशु दुबे के निर्देशन में परेड की। इस अवसर पर कुलसचिव अशोक कुमार सिंह, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डा. हिमांशु शर्मा, डा. ब्रजेश गोस्वामी तथा विश्वविद्यालय के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

वहीं जीएलए विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए विद्यालयों में स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय जैंत द्वितीय में तपेश भारद्वाज, दीपांश गोयल, प्रधानाध्यापिका अनीता राठौड ने किया। उच्च प्राथमिक विद्यालय आझई खुर्द में जीएलए के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, प्रो. अनुराग सिंह, प्रधानाध्यापिका अनामिका सक्सेना ने किया। प्राथमिक विद्यालय आझई खुर्द द्वितीय में जीएलए सीएसईडी सहनिदेशक पुष्कर शर्मा, सह डीन रिसर्च कुशाग्र कुलश्रेष्ठ, सह परीक्षा नियंत्रक विवेक अग्रवाल, प्रधानाध्यापक कर्मवीर सिंह ने किया। स्कूल प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर राहुल अरोरा का सहयोग सराहनीय रहा।

