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आझई प्रधान पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने पहुंचे अधिकारियों को एक-एक कर गिनाईं कमियां

  • जांच करने आये अधिकारी को ग्रामीणों ने घेरा, फिर जगह-जगह ले जाकर दिखाई प्रधान की कमियां

दैनिक उजाला, मथुरा/चौमुहां : बीते माह चौमुहां के ग्राम आंझई खुर्द के ग्राम प्रधान के खिलाफ विकास कार्यों को लेकर गांव वासियों द्वारा 81 बिन्दुओं पर की गयी शिकायत का जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए जांच अधिकारियों को मौके पर भेजा।

शनिवार को जांच अधिकारी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. विपिन कुमार व पीडब्लूडी के जूनियर इंजीनियर मोहम्मद आरिफ ग्राम पंचायत आंझई खुर्द पहुंचे। जहां उन्होंने ग्राम पंचायत सेक्रेटरी हरेन्द्र सिंह को तलब करते हुए गांव के विकास कार्यों में लगी धनराशि की जांच की। जांच करके जांच अधिकारी गाड़ी में बैठकर निकलने ही वाले थी कि वहां मौके पर गांव वासियों सहित शिकायतकर्ता भी जा धमके।

इसके बाद तो गांव वासियों ने अधिकारियों को साथ ले जाकर प्रधान द्वारा विकास कार्यों में किए भ्रष्टाचार के तमाम आरोप जड़ते हुए एक-एक कर कमियां गिनाईं। शिकायतकर्ता देवेन्द्र ने बताया कि ग्राम पंचायत की बैठक का वर्तमान वर्ष का रजिस्टर मिला था, लेकिन पिछले 2 वर्षों का कोई रिकाॅर्ड सचिव द्वारा नहीं दिखाया गया। वर्तमान रजिस्टर में भी सेक्रेटरी द्वारा स्वीकार्य किया गया है कि बैठक उपस्थिति रजिस्टर में कराए गए हस्ताक्षर फर्जी हैं।

गाड़ी में बैठकर ग्रामवासियों की शिकायत सुनते जाँच अधिकारी।

श्मशान भूमि पर 3 फुट मिट्टी होने का दावा किया जा रहा था, जिसमें मौके पर 6 इंच मिट्टी डलवायी गयी है। सामुदायिक शौचालय की दयनीय स्थिति को दिखाया, जबकि इसके रखरखाव के लिए हर माह केयर टेकर को 6000 रुपये दिये जाते हैं। सामुदायिक शौचालय जिसका निर्माण पूर्व प्रधान श्रीदेवी के कार्यकाल में हुआ था, लेकिन वर्तमान प्रधान ने उसके स्थान पर अपना नाम धर्मवती देवी अंकित कर दिया। इसमें भी धनराशि हड़पने का आरोप शिकायतकर्ता ने लगाए। ग्राम पंचायत में 18 लाख रुपये के हैंडपम्प नये व पुराने रीबोर दिखाये गए, लेकिन एक भी नल नहीं लगा हुआ और न ही कोई नल सही कराया गया है।

ग्राम प्रधान द्वारा लाखों की धनराशि से नल सही दिखाए गए, लेकिन मौके पर पड़ा ख़राब नल।

ज्यादातार आरसीसी सड़कों के ऊपर इंटरलॉकिंग करके सरकारी पैसे का दुरुपयोग ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा किया गया। इसके अलावा मनरेगा द्वारा गूल खुदाई का कार्य दिखाया गया है, जो कि हुआ ही नहीं है।

नेशनल हाइवे से सीताराम गौशाला तक इंटरलॉकिंग का कार्य पूर्व ब्लॉक प्रमुख पातीराम द्वारा फरवरी 2021 में चुनाव के समय आचार संहिता में कराया गया था। जिसका भुगतान 7 लाख 14 चैदह हजार 25 रुपये ग्राम पंचायत व सचिव द्वारा ग्राम पंचायत के खाते से अक्टूबर 2021 में कराया गया।
जांच अधिकारियों के साथ शिकायतकर्ता सौदान सिंह, लोकेश, अमित कुमार, अनिल कुमार, सूरजभान, बनवारी, रवि कुमार एवं गांववासी उपस्थित रहे।

क्या बोले जांचकर्ता
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. विपिन कुमार ने बताया कि ग्राम आंझई खुर्द में विकास कार्यों की जांच करने के लिए मैं और जेई पीडब्लूडी मोहम्मद आरिफ गए थे। कई बिंदुओं पर जांच होनी थी, जो कि पूरी नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।

आझई ग्राम पंचायत में जाँच करते अधिकारी।

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