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जीएलए पॉलीटेक्निक के शिक्षक और छात्रों का ‘एक्सीडेंट डिटेक्शन‘ पेटेंट ग्रांट

  • जीएलए का पॉलीटेक्निक संस्थान प्रगति की ओर अग्रसर एक और पेटेंट ग्रांट

दैनिक उजाला, मथुरा : सड़क दुर्घटना होने के बाद व्यक्ति को तत्काल इलाज न मिल पाने के कारण उसकी जान चली जाती है। इसी मृत्यु दर को कम करने के प्रयास हेतु जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के पॉलीटेक्निक संस्थान के लेक्चरर और छात्रों ने एक आधुनिक खोज की है। इसका पेटेंट भी ग्रांट हो गया है।

जीएलए पॉलीटेक्निक संस्थान लेक्चरर रोहिणी शर्मा, छात्र भानु प्रताप सिंह चौहान एवं कृष्णा शर्मा ने जीएलए के डीन रिसोर्स जनरेशन एंड प्लानिंग प्रो. दिवाकर भारद्वाज के दिशा-निर्देशन में एक्सीडेंट डिटेक्शन एंड मैसेजिंग सिस्टम यूजिंग जीएसएम के तहत के आधुनिक डिवाइस की खोज की है।

डिवाइस के बारे में जानकारी देते हुए प्रो. दिवाकर भारद्वाज ने बताया कि एक रिसर्च के मुताबिक देश में हर मिनट के अंतराल में एक गंभीर सड़क दुर्घटना होती है और हर घंटे भारतीय सड़कों पर तकरीबन 16 लोगों की मौत हो जाती है। इनमें से अधिकतर मौतें वह होती है, जिन्हें गंभीर चोटें होने के बाद तत्काल इलाज नहीं मिल पाता। ऐसी ही घटनाओं से व्यथित होकर शिक्षक और छात्रों ने एक्सीडेंट डिटेक्शन डिवाइस पर बेहतर तरीके से कार्य किया है। यह डिवाइस किसी भी वाहन में लगायी जा सकती है, जो कि कम कीमत पर तैयार होगी।

पॉलीटेक्निक संस्थान की लेक्चरर रोहिणी शर्मा ने बताया कि एक्सीडेंट डिटेक्शन डिवाइस को जीपीएस और जीएसएम मोड़ पर तैयार किया गया है। साथ ही एक कंपन सेंसर का प्रयोग किया गया है, जो कि एक्सीडेंट को भांपने का काम करेगा। इस डिवाइस को ड्राइवर साइड की तरफ लगाया जायेगा। इस डिवाइस में सभी पुलिस थाने, चौकी एवं संबंधित पुलिस अधिकारियों के अलावा चालक के परिवारजनों के नंबर होंगे। जैसे कोई दुर्घटना घटित होगी, तो तत्काल ही इस डिवाइस के माध्यम से संबंधित पुलिस थाने और परिवारजनों के पास बतौर लोकेशन एसएमएस पहुंचेगा। इस प्रकार पुलिस को जानकारी मिलते ही घायल व्यक्ति को तत्काल इलाज मुहैया हो सकेगा।

प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने इस पेटेंट ग्रांट की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी आधुनिक रिसर्च देश के विकास को गति देने वाली होती हैं। घायल व्यक्ति को समय पर एक डिवाइस के माध्यम से इलाज मुहैया होने के साथ उसके परिवारजनों को भी घटना का सन्देश पहुंच सकेगा। यह अपने आप में एक बड़ी बात है। उन्होंने रिसर्च करने वाले शिक्षक और छात्रों के इस प्रयास सराहना करते हुए अन्य छात्रों को भी प्रेरित करते हुए कहा कि जरूरत है तो सिर्फ ऐसे रिसर्च कि जो लोगों की सहायता और देष के विकास में सहायक सिद्ध हों।

पॉलीटेक्निक संस्थान प्रगति की ओर अग्रसर

पिछले वर्षों में जीएलए पॉलीटेक्निक संस्थान के शिक्षकों ने प्रो. दिवाकर भारद्वाज एवं डा. विकास कुमार शर्मा के दिशा-निर्देशन में कई 12 से अधिक आधुनिक रिसर्च पर कार्य किया है। साथ ही सभी रिसर्च में पॉलीटेक्निक संस्थान के विद्यार्थियों ने भी अपने ज्ञान का अच्छा प्रदर्शन किया है। सभी आधुनिक रिसर्च का पेटेंट पब्लिश और कई का ग्रांट भी हो चुका है। पेटेंट पब्लिश और ग्रांट होना इस बात का प्रमाण है कि पॉलीटेक्निक संस्थान विद्यार्थियां को उत्कृष्ट और रोजगारपरक शिक्षा प्रदान कर रहा है।

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