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Wed. Mar 11th, 2026

जीएलए में रोटेरियन बोले युवाओं को अंगदान के ब्रांड एंबेसडर बनना चाहिए

  • जीएलए में अंगदान जागरूकता कार्यक्रम, युवाओं से ब्रांड एंबेसडर बनने की अपील

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में आयोजित एक प्रेरणादायक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रोटेरियन लाल गोयल, संस्थापक एवं चार्टर अध्यक्ष, रोटरी क्लब ऑफ ऑर्गन डोनेशन इंटरनेशनल तथा अध्यक्ष, ऑर्गन डोनेशन इंडिया फाउंडेशन एवं ज्ञान, ने भारत के युवाओं से “अंगदान के ब्रांड एंबेसडर” बनने का आह्वान किया।

अंगदान में युवाओं की भूमिका” विषय पर मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में अंगदान की स्थिति को बदलने की वास्तविक शक्ति युवाओं के हाथों में है। उन्होंने कहा, “आज का युवा डिजिटल रूप से सशक्त, सामाजिक रूप से जुड़ा हुआ और बौद्धिक रूप से जागरूक है। यदि वे अंगदान के प्रति सही और सकारात्मक जानकारी फैलाने में अपनी ऊर्जा और प्रभाव का उपयोग करें, तो हजारों अनमोल जीवन बचाए जा सकते हैं।”

रोटेरियन लाल गोयल ने बताया कि भारत में चिकित्सा विज्ञान ने उल्लेखनीय प्रगति की है, किन्तु सामाजिक संकोच, भ्रांतियाँ, जागरूकता की कमी तथा अपर्याप्त आधारभूत संरचना अंगदान की दर को प्रभावित करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे मिथकों को दूर करें, परिवारों में संवाद शुरू करें और स्वयं अंगदान का संकल्प लें।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रोटेरियन पीएचएफ दीपक गोयल, फाउंडेशन चेयर (2026–27) ने रोटरी इंटरनेशनल तथा उसके मानवीय मिशन की जानकारी दी। रोटेरियन पीएचएफ ऋतिका गुप्ता, इंस्पायर प्रेसिडेंट ने रोटरी क्लब ऑफ ऑर्गन डोनेशन इंटरनेशनल की दृष्टि और चल रही पहलों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण वह रहा जब अमेरिका के कैलिफोर्निया (सनीवेल) से आए रोटेरियन दम्पति सुनील और रेजिना गुप्ता ने किडनी प्राप्तकर्ता और दाता के रूप में अपनी जीवन यात्रा साझा की। यह अंगदान के जीवन बदल देने वाले प्रभाव का जीवंत उदाहरण था।

इंटेल में कार्यरत व्यवसायिक नेता रोटेरियन सुनील गुप्ता ने अपने प्रत्यारोपण अनुभव को साझा करते हुए कहा, हमारे ऑपरेशन को 15 वर्ष हो चुके हैं और हम आज पूर्णत: स्वस्थ और संतुष्ट जीवन जी रहे हैं। रोटेरियन रेजिना गुप्ता ने बताया कि अपने पति को किडनी दान करने के निर्णय में उन्हें अपने दिवंगत पिता, मित्रों और परिवार का पूरा सहयोग मिला। ऑपरेशन के दो दिन बाद ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई, नौ दिनों में उन्होंने पुनः कार्य शुरू कर दिया और आज बिना किसी दीर्घकालिक दवा के सामान्य जीवन जी रही हैं — जो जीवित दान को लेकर लोगों की आशंकाओं को दूर करता है।

उत्तर प्रदेश के प्रख्यात सामाजिक एवं राजनीतिक नेता रोटेरियन प्रदीप माथुर ने रोटेरियन लाल गोयल के समर्पण की सराहना करते हुए छात्रों एवं शिक्षकों से अंगदान का संकल्प लेने और जीवन बचाने के इस अभियान में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। इंटरैक्टिव सत्र के दौरान रोटेरियन लाल गोयल ने विद्यार्थियों के अनेक विचारोत्तेजक प्रश्नों के उत्तर दिए, जिससे युवाओं में अंगदान को लेकर बढ़ती जिज्ञासा और जागरूकता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. अनूप कुमार गुप्ता ने रोटेरियन लाल गोयल के इस महान कार्य के प्रति निरंतर समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह सत्र छात्रों को प्रेरित करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर अंगदान आंदोलन को और मजबूत करेगा। कार्यक्रम के अंत में मंचासीन अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में रोटेरियन प्रतुल अग्रवाल (डायरेक्टर, यूथ), रोटेरियन अविनाश भार्गव (चार्टर सदस्य) सहित विश्वविद्यालय के निदेशकगण, डीन, विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसरगण उपस्थित रहे, जो इस पुनीत उद्देश्य के प्रति संस्थान के सशक्त समर्थन को दर्शाता है।

अपने समापन उद्बोधन में रोटेरियन लाल गोयल ने कुलपति, विश्वविद्यालय प्रशासन, संकाय सदस्यों और छात्रों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता इतनी अधिक थी कि कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दो सभागारों में एक साथ करना पड़ा — जो भारत के युवाओं के अंगदान आंदोलन का नेतृत्व करने के बढ़ते संकल्प का प्रमाण है।

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