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गीता शोध संस्थान में अठारह अध्याय-अठारह श्लोकों का संगीतमय गायन

  • विद्वानों ने उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के गीता और रासलीला अध्ययन के प्रयासों को सराहा
  • रासलीला प्रशिक्षण के लिए ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का भी शुभारंभ

मथुरा/वृंदावन : उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी वृंदावन में ‘श्लोक गायन एवं गीता सार प्रवचन’ अनूठा आयोजन किया गया। इसमें श्रीमद्भगवद गीता के सभी ‘अठारह अध्याय- अठारह श्लोक’ का संगीतमय सस्वर गायन हुआ। इस मौके पर एक माह की रासलीला प्रशिक्षण कार्यशाला का भी शुभारंभ किया गया।

गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी के निदेशक प्रो दिनेश खन्ना ने अवगत कराया कि संस्थान में बच्चों के लिए गीता अध्ययन की व्यवस्था की गयी है। अध्ययन करने वाले बच्चों को गीता के वे श्लोक कंठस्थ कराए गये, जिन्हे वे अपने जीवन में आत्मसात ही नहीं करेंगे बल्कि दूसरों को भावार्थ सहित मंच पर समझा भी सकेंगे। गीता प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अनेक बच्चे ‘श्रीमद भगवत गीता मंदिरम’ में भागवत सीख रहे हैं। इन बच्चों को गीता मर्मज्ञ महेश चंद्र शर्मा ने संगीत पर गीता के श्लोक कंठस्थ करवाए हैं। उन्ही की देखरेख में प्रस्तुति दी गयी।

इस मौके पर भागवताचार्य आचार्य बद्रीश महाराज, महेशचंद्र शर्मा, महामंडलेश्वर सुबोधानंद, भातखंडे संस्कृति विवि की संगीत की अवकाश प्राप्त प्रवक्ता डा. मीरा दीक्षित व साहित्यकार कपिल उपाध्याय आदि ने उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा गीता अध्ययन और रासलीला संरक्षण हेतु गीता शोध संस्थान में शुरु किए गये प्रयासों को सराहा।
समन्वयक चन्द्र प्रताप सिंह सिकरवार और जगदीश प्रसाद पथसारिया ने मंचस्थ सभी विद्वानों को पटुका पहनाकर सम्मानित किया।

ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डा.उमेश चन्द्र शर्मा ने संस्थान में गीता के अध्ययन और रासलीला के प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी दी। आचार्य बद्रीश महाराज ने बच्चों को गीता के अनेक उदाहरण देते हुए समझाया कि गीता उनके जीवन को किस तरह बदल देगी। अंत में समन्वयक चन्द्र प्रताप सिंह सिकरवार ने सभी का आभार व्यक्त किया।

गीता के सभी 18 अध्याय के 18 श्लोकों की संगीतमय प्रस्तुति में वाद्ययंत्रों पर पुल्कित खंडेलवाल, सुनील पाठक, मन मोहन कौशिक, आकाश, धनंजय, रितु सिंह आदि का योगदान रहा। दीपक शर्मा, जगदीश पथसारिया, रामवीर, मनीष, सुनील आदि ने व्यवस्थाएं संभाली।
कार्यक्रम में उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के तकनीकी सलाहकार आर के जायसवाल व सहायक अभियंता आर पी यादव समेत विशिष्टजन उपस्थित थे।

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