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CM चंद्रबाबू बोले- अडाणी रिश्वत मामले से आंध्र बदनाम हुआ:हम जल्द एक्शन लेंगे; सरकार को लोगों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए

अमरावती : भाजपा की सहयोगी पार्टी तेलगु देशम पार्टी के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अडाणी रिश्वत मामले पर प्रतिक्रिया दी है। नायडू ने विधानसभा में कहा कि अडाणी रिश्वत मामले से आंध्र प्रदेश बदनाम हुआ है।

उन्होंने कहा कि अडाणी रिश्वत मामले की चार्जशीट हमारे पास पहुंची है। हम जल्द एक्शन लेंगे। सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। सरकार को लोगों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। ऐसे अपराध तब तक दोहराए जाएंगे, जब तक ऐसे काम करने वालों को न्याय के कटघरे में नहीं लाया जाता।

दरअसल, उद्योगपति गौतम अडाणी पर गुरुवार को अमेरिका में सोलर एनर्जी से जुड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए रिश्वत देने और धोखाधड़ी करने के आरोप लगे हैं। न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में यह केस दर्ज हुआ था।

आरोप है कि अडाणी 2021 में आंध्र के तत्कालीन CM जगनमोहन रेड्‌डी से मिले और राज्य सरकार 7 हजार मेगावाट बिजली खरीदने के लिए राजी हो गई। इसके लिए आंध्र के अफसरों को 1750 करोड़ रुपए घूस दी गई।

भाजपा विधायक बोले- जगन के खिलाफ जांच शुरू हो

आंध्र प्रदेश के भाजपा विधायक पी विष्णु कुमार राजू ने भी मांग की है कि राज्य सरकार जगन के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच शुरू करे। उन्होंने कहा कि आरोप बहुत गंभीर हैं और आरोपियों को नहीं बख्शा जाना चाहिए।

इसके अलावा पूर्व मंत्री सोमिरेड्डी चंद्र मोहन रेड्डी ने भी कहा कि CBI और ED के बाद अब जगन के भ्रष्टाचार की जांच अमेरिकी एजेंसी FBI कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग राजनीति में रहने लायक नहीं हैं। उन्होंने पूरे राज्य को शर्मसार किया है।

उधर, जगन की पार्टी YSR कांग्रेस ने कहा कि हमने सीधे सेकी (केंद्र की कंपनी) से करार किया था, जो पारदर्शी और कानूनी रूप से मंजूर था। इसमें अडाणी या कोई निजी कंपनी शामिल नहीं थी।

मामला ऐसे समझें: आंध्र के अफसरों को केंद्र की कंपनी से बिजली खरीदने के लिए 1,750 करोड़ रु. घूस दी

  • अमेरिकी प्रॉसिक्यूटर के अनुसार, अडाणी की कंपनी को हाल ही में केंद्र की कंपनी सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) से 12 गीगावॉट (12 हजार मेगावॉट) सौर ऊर्जा का कॉन्ट्रैक्ट मिला। लेकिन, SECI को सौर ऊर्जा खरीदने के लिए भारत में खरीदार नहीं मिल पा रहे थे। खरीदारों के बिना ये डील मुमकिन ही नहीं थी।
  • ऐसे में अडाणी ग्रीन एनर्जी और एज्योर पावर ने सरकारी अफसरों को रिश्वत दी। 2021 में अडाणी आंध्र के तत्कालीन सीएम (जगनमोहन रेड्‌डी) से मिले और वहां की राज्य सरकार 7 हजार मेगावाट बिजली खरीदने के लिए राजी हो गई। आंध्र के अफसरों को प्रति मेगावॉट 25 लाख रु. यानी कुल 20 करोड़ डॉलर (1750 करोड़ रु.) घूस दी गई। ओडिशा ने इसी तरह 500 मेगावॉट बिजली खरीदी।
  • इसके बाद जुलाई 2021 से दिसंबर 2021 के बीच SECI ने आंध्र प्रदेश, ओडि शा, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु से बिजली खरीदने के समझौते किए।
  • घूस के पैसे देने के लिए दोनों कंपनियों ने कथित तौर पर अमेरिकी बैंकों और निवेशकों से 17.5 करोड़ डॉलर (1478 करोड़ रु.) जुटाए। अपनी भूमिका छिपाने के लिए कोड इस्तेमाल किया। अडाणी का कोड नेम ‘न्यूमेरो यूनो’ या ‘द बिग मैन’ था। डील एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग से की गई।
  • अडाणी पर आरोप है कि रिश्वत के इन पैसों को जुटाने के लिए उन्होंने अमेरिकी निवेशकों और बैंकों से झूठ बोला। अमेरिका में मामला इसलिए दर्ज हुआ, क्योंकि प्रोजेक्ट में अमेरिका के इन्वेस्टर्स का पैसा लगा था और अमेरिकी कानून के तहत उस पैसे को रिश्वत के रूप में देना अपराध है।

अमेरिका का आरोप- भारतीय अफसरों को 2200 करोड़ रिश्वत की पेशकश की

अमेरिका में उद्योगपति गौतम अडाणी समेत 8 लोगों पर अरबों रुपए की धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। यूनाइटेड स्टेट्स अटॉर्नी ऑफिस का कहना है कि अडाणी ने भारत में सोलर एनर्जी से जुड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को 265 मिलियन डॉलर (करीब 2200 करोड़ रुपए) की रिश्वत दी या देने की योजना बना रहे थे।

यह पूरा मामला अडाणी ग्रुप की कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और एक अन्य फर्म से जुड़ा हुआ है। 24 अक्टूबर 2024 को न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में यह केस दर्ज हुआ था। बुधवार को इसकी सुनवाई में गौतम अडाणी, उनके भतीजे सागर अडाणी, विनीत एस जैन, रंजीत गुप्ता, साइरिल कैबेनिस, सौरभ अग्रवाल, दीपक मल्होत्रा और रूपेश अग्रवाल को आरोपी बनाया गया है।

हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि गौतम या सागर अडाणी अमेरिकी अदालत में पेश होंगे या नहीं, क्योंकि वे कोर्ट में पेश हुए बिना अपने ऊपर लगे अभियोग खारिज करवाने का प्रयास कर सकते हैं। ब्रूकलिन में अमेरिकी अटॉर्नी ब्रियोन पीस के प्रवक्ता ने कहा कि गौतम अडाणी किस देश में रहते हैं, यह स्पष्ट नहीं है। अभी तक कोई भी आरोपी हिरासत में नहीं लिया गया है।

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