गुवाहाटी : असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी विधानसभा चुनाव में गुरुवार को मतदाताओं ने जोरदार उत्साह दिखाया। तीनों प्रदेशों में मतदान पिछले 25 साल का सर्वाधिक मतदान देखने को मिला है। असम में 85.38, केरल में 78 तथा पुदुचेरी में करीब 90 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। छुट-पुट घटनाओं व शिकायतों को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा।
असम उन राज्यों में है, जहां उच्च मतदान अक्सर सियासी संकेत देता है। पिछले चुनावों का पैटर्न देखें तो जब भी मतदान 80% के आसपास या उससे ऊपर जाता है, तब मुकाबला या तो बेहद कड़ा होता है या मतदाता स्पष्ट संदेश देना चाहता है। यानी यह रूटीन वोटिंग नहीं, बल्कि मूड-ड्रिवन वोटिंग जैसी दिख रही है। इस बार 5 बजे तक ही 85% मतदान हो चुका था।
इससे पहले 2016 में 84.72% मतदान हुआ था, तब 2011 के मुकाबले करीब 8% मतदान अधिक हुआ था। इस बार 2021 के मुकाबले मतदान बढ़ा है। 2021 में प्रदेश में 84.42 प्रतिशत वोटिंग हुई थी।
8 प्रतिशत वोटिंग बढ़ने पर बदल जाती है सत्ता
दरअसल, प्रदेश में जब-जब 80 फीसदी से मतदान हुआ है, तब बीजेपी की सरकार आई है। पिछले दो विधानसभा चुनावों में यही हुआ है, 2016 में 84.7 और 2021 में 84.42 प्रतिशत मतदान हुआ था।
हालांकि प्रदेश का इतिहास यह भी कहता है कि जब भी विधानसभा चुनाव में 7 से 8 प्रतिशत वोटिंग बढ़ती है, तब सत्ता बदल जाती है। 2011 की तुलना में 2016 में प्रदेश में 8 प्रतिशत ज्यादा मतदान हुआ था, तो कांग्रेस को हटाकर बीजेपी की सरकार बनी थी। हालांकि 2021 में वोटिंग प्रतिशत में 2 प्रतिशत की कमी हुई और बीजेपी अपनी सत्ता बचाने में सफल रही।
हालांकि इससे पहले असम में 2001 में सत्ता बदली थी। उस समय 1996 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले 8 प्रतिशत ज्यादा वोटिंग हुई थी। नतीजा यह रहा है कि प्रदेश में असम गण परिषद को सत्ता से बाहर होना पड़ा और कांग्रेस ने अपनी सरकार बनाई। हालांकि इस बार प्रदेश में पिछले चुनाव से करीब तीन प्रतिशत ज्यादा वोटिंग हुई है, जिसको लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
असम-केरल और पुदुचेरी में वोटिंग प्रतिशत
| वर्ष | असम (%) | केरल (%) | पुदुचेरी (%) |
|---|---|---|---|
| 2026 | 85.43 | 78.07 | 89.83 |
| 2021 | 82.42 | 76.00 | 83.42 |
| 2016 | 84.72 | 77.53 | 85.08 |
| 2011 | 76.04 | 75.26 | 86.19 |
| 2006 | 75.77 | 72.08 | 86.00 |
| 2001 | 75.11 | 72.47 | 70.10 |

