नई दिल्ली : देश में लू की लहर जारी है। देश के कई राज्यों में हीटवेव से आम आबादी त्रस्त है। दिल्ली, जयपुर, पटना, जमशेदपुर आदि शहरों में गर्म हवा का प्रकोप जारी है। इस प्रकोप से सिटी ऑफ जॉय यानी कोलकाता भी नहीं बच पा रहा है। वहां भी पारा 40-41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, कोलकाता को आगामी एक सप्ताह तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। कोलकाता का अधिकतम तापमान अगले दो दिनों तक 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रह सकता है। यह बताया जा रहा है कि 2024 का अप्रैल का महीना इस सदी का सबसे गर्म अप्रैल महीना होगा। चालू अप्रैल में सबसे ज्यादा लू वाले दिन देखने को मिलेंगे। बीते रविवार को अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस रहा। यह 19 अप्रैल को लू का प्रकोप शुरू होने के बाद से इस महीने का सातवां दिन है जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित रामादेवी महिला विश्वविद्यालय की छात्राएं प्रदर्शन कर रही हैं और प्रशासन से यह मांग कर रही है कि उनकी परीक्षाएं स्थगित कर दी जाएं। ओडिशा में लू का प्रकोप जारी है।
1998 और 2024 के बीच, अप्रैल 2009 और अप्रैल 2016 में प्रत्येक में आठ दिन ऐसे थे जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को छू गया या पार कर गया। इस महीने अब तक लू की शुरुआत के बाद से नौ दिनों में से सात दिनों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम कार्यालय ने रविवार को दो बुलेटिन जारी कर कहा कि कम से कम 2 मई तक लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है और कम से कम 5 मई तक कोलकाता में बारिश का कोई संकेत नहीं है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) के प्रमुख सोमनाथ दत्ता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 5 से 6 मई के बीच शहर में आंधी आने की बहुत कम संभावना है। 7 अप्रैल को शहर में 0.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। यह इस सीजन में बारिश की पहली घटना होगी। बारिश के बाद पारा कई कई डिग्री तक नीचे आ जाएगा जिससे कोलकाता को लगातार कम से कम 15 दिनों की लू की स्थिति से राहत मिल जाएगी।
इस हफ्ते अप्रैल में 44 साल में सबसे ज्यादा तापमान का रिकॉर्ड टूट चुका है। पिछले गुरुवार को अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था जो 25 अप्रैल 1980 को 41.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बाद से शहर में अप्रैल में सबसे अधिक था।

