नई दिल्ली : चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारत मानव मिशन के लिए तैयार है। गगनयान का परीक्षण भी चल रहा है। इसके लिए पैराशूट का परीक्षण सफल हो गया है लेकिन इस मिशन से पहले भरत एक कृत्रिम मेधा का रोबोट ‘वायुमित्र’ को 2024 के शुरुआत में ही अंतरिक्ष में भेजेगा। अंतरिक्ष एवं परमाणु ऊर्जा विभाग के राज्य मंत्री डॉ.जितेन्द्र सिंह ने इस बात की जानकारी दी है।
स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री डॉ.जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि पीएम मोदी ने अंतरिक्ष क्षेत्र पर गोपनीयता के पर्दों को उतार सार्वजनिक क्षेत्र के लिए खोल दिया है। इससे नई तकनीक और प्रतिभाएं लाने का मार्ग खुल गया है। इस समय अंतरिक्ष क्षेत्र में 350 से अधिक स्टार्ट अप्स काम कर रहे हैं। यह सभी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को आधुनिक उपकरणों की आपूर्ति का प्रस्ताव दे रहे हैं।
चंद्रयान-3 के मिशन पर डॉ.सिंह ने कहा कि मिशन इस बार निश्चित रूप से कामयाब होगा और यह तय अवधि से अधिक काम करेगा। इसके प्रक्षेपण की योजना में समय अवश्य लगा है लेकिन इससे खर्च कम हुआ और प्रतिरोध कम होने से मिशन सुरक्षित रहा है। 23 अगस्त को यह तय समय पर चांद की सतह पर उतरेगा। इसके उतरने की सटीक जगह का निर्णय उसी समय किया जाएगा।

