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लोकसभा में राहुल बोले-21वीं सदी में नया चक्रव्यूह बना:उसका चिह्न PM छाती पर लगाकर चलते हैं, अंबानी-अडाणी के नाम पर हंगामा

नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र का सोमवार (29 जुलाई) को छठा दिन है। राहुल गांधी दोपहर 2 बजे लोकसभा पहुंचे। उन्होंने करीब 40 मिनट तक भाषण दिया। राहुल ने भाषण की शुरुआत चक्रव्यूह की कहानी के साथ की। इस पर ओम बिरला ने उन्हें टोका। इस पर हंगामा भी हुआ।

हंगामे के बाद राहुल ने बजट पर अपनी बात रखी। राहुल ने अग्निवीर, पेपर लीक, किसान और मिडिल क्लास पर बात की। राहुल ने कहा- मोदी सरकार ने मिडिल क्लास की पीठ पर छुरा घोंपा है। वहीं किसानों के लिए तीन काले कानून लाए थे।

राहुल ने भाषण के दौरान अंबानी-अडाणी का नाम लिया तो स्पीकर ने उन्हें टोका कि, जो सदन में नहीं उसका नाम नहीं ले सकते। तब राहुल ने कहा- क्या इन्हें A1 और A2 कह सकता हूं। राहुल ने कहा चक्रव्यूह को पद्मव्यूह भी कहते हैं, पद्मव्यूह वाले सोचते हैं देश के युवा पिछड़े लोग अभिमन्यु हैं। हिंसा नफरत हिंदुस्तान का नेचर नहीं है। चक्रव्यूह देश का नेचर नहीं है। हर धर्म चक्रव्यूह के खिलाफ फॉर्मेशन होता है। हिंदू धर्म में इसका फॉर्मेशन क्या है- शिव की बारात। इसमें कोई भी आ सकता है। गुरुनानक जी, तो सेवा से किसी को नहीं रोका जा सकता है। लंगर से कोई बाहर नहीं किया जा सकता है। इस्लाम में चर्च में से कोई बाहर नहीं किया जा सकता।

इससे पहले लोकसभा में कार्यवाही के दौरान दिल्ली कोचिंग हादसे का मुद्दा उठाया गया था। बीजेपी, कांग्रेस और सपा ने दिल्ली सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाए।

राहुल ने कहा- मैं कुछ दिनों पहले बढ़ईयों और मोची से मिला

कुछ महीने पहले, चक्रव्यूह जो बनाए गए हैं। मैं इनको समझने की कोशिश करता हूं। अपने तरीके से। मैं बढ़ईयों के साथ काम किया। मैंने उनसे पूछा आपको किस चीज से दुख है, दर्द होता है। उन्होंने कहा- राहुल, मैं ये टेबल बना रहा हूं। मुझे दुख इस बात का है मगर जिस शोरूम में ये रखी जाती है मैं वहां जा ही नहीं सकता। सुल्तानपुर में एक मोची भाई से यही सवाल पूछा उसने कहा- मेरा सम्मान सिर्फ मेरे पिता ने किया और किसी ने नहीं किया।

राहुल बोले- हिंदुस्तान का हलवा 20 लोगों ने बांटा

राहुल ने बजट के हलवा सेरेमनी की फोटो सदन में दिखाते हुए कहा- ये बजट का हलवा इस फोटो में बंट रहा है। इसमें कोई पिछड़ा दलित या आदिवासी अफसर नहीं दिख रहा है। देश का हलवा बंट रहा है इसमें केवल वही लोग नहीं हैं। 20 अफसर ने बजट बनाया है। मतलब हिंदुस्तान का हलवा 20 लोगों ने बांटा है। बांटता कौन है वही दो या तीन प्रतिशत लोग, मिलता किसे है? केवल इन तीन प्रतिशत को ही। बाकी 99 प्रतिशत को क्या मिलता है?

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