नई दिल्ली : शीतकालीन सत्र के 7वें दिन मंगलवार को लोकसभा में चुनाव सुधारों और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर चर्चा चल रही है। राहुल गांधी ने कहा, ‘आरएसएस सभी संस्थाओं पर कब्जा करना चाहती है। चुनाव आयोग पर कब्जा किया जा रहा, चुनाव में भाजपा इसका इस्तेमाल कर रही है।
राहुल ने कहा, ‘ED, सीबीआई, IB, Income टैक्स डिपार्टमेंट पर कब्जा किया जा रहा है और ये सब RSS कर रहा है। देशभर की यूनिवर्सिटी में RSS के वाइस चांसलर बैठे हैं। नियमों को ताक पर रखकर इनकी नियुक्ती की गई है।
इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग मिलकर SIR के बहाने अंदर ही अंदर NRC वाला काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा,

यूपी के सीएम कह रहे हैं कि हम डिटेंशन सेंटर बना रहे हैं। जो ये खुलकर नहीं कर सकते हैं वो SIR के बहाने कर रहे हैं।
TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि एसआईआर वोट डिलीट करने का टूल बनकर रह गया है। चुनाव आयोग किसी व्यक्ति की नागरिकता तय करने की अथॉरिटी नहीं है। चुनाव आयोग कह रहा है कि पांच लाख वोटर डिलीट, छह लाख वोटर डिलीट और बीजेपी जश्न मना रही है।
मनीष तिवारी बोले- चुनाव आयोग SIR नहीं करा सकता, ये गैरकानूनी
इससे पहले चर्चा की शुरूआत कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने की। उन्होंने कहा कि देश के 12 राज्यों में किया जा रहा SIR गैरकानूनी है। संविधान में पूरे राज्य में एक साथ SIR को लेकर कोई कानून नहीं है, इसे तत्काल रोकें।
इसके साथ ही तिवारी ने कहा कि देश में चुनावों से पहले डायरेक्ट केस ट्रांसफर करने पर रोक लगनी चाहिए, चुनाव EVM की जगह बैलट पैपर से कराए जाने चाहिए। साथ ही चुनाव आयुक्त के चयन करने वाली कमेटी में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को शामिल करना चाहिए।
विपक्ष के विरोध के बाद चर्चा तय की गई थी

2 दिसंबर को विपक्ष ने संसद के बाहर और अंदर SIR पर बहस की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।
संसद के शीतकालीन सत्र की शुरूआत से ही विपक्ष SIR और वोट चोरी पर चर्चा की मांग कर रहा है। सत्र के पहले और दूसरे दिन यानी 1-2 दिसंबर को विपक्ष ने चर्चा कराने को लेकर हंगामा किया था।
इसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 2 दिसंबर को सरकार और विपक्ष के नेताओं को मुलाकात के लिए बुलाया था। जहां सरकार और विपक्ष ने 9 दिसंबर को लोकसभा में 10 घंटे चर्चा को लेकर सहमति जताई थी।
राहुल ने कहा- बीजेपी लोकतंत्र को डैमेज कर रही
राहुल ने कहा- ‘सीजेआई को सीईसी की नियुक्ति प्रक्रिया से हटाया गया। मैं बैठा था, एक तरफ पीएम मोदी और अमित शाह बैठे थे और दूसरी तरफ मैं। किसी प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया। दिसंबर 2023 में नियम बदल यह प्रावधान किया कि किसी भी चुनाव आयुक्त को दंडित नहीं किया जा सकता। यह 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले किया गया। सीसीटीवी और डेटा को लेकर नियम बदले गए। सत्ता के साथ चुनाव आयोग का तालमेल है। यह डेटा का सवाल नहीं, चुनाव का सवाल है। मेरे पास इसके सबूत हैं। बीजेपी लोकतंत्र को डैमेज करने के लिए चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर रही है।’
राहुल ने 3 सवाल पूछे, कहा- चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से CJI को क्यों हटाया
राहुल ने कहा, मैं 3 सवाल पूछता हूं, इससे साफ है कि बीजेपी चुनाव आयोग को डायरेक्ट कर रहा है , जिससे देश का चुनाव प्रभावित हो रहा है।
1. चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से CJI को क्यों हटाया। 2. 2023 दिसंबर में मौजूदा सरकार ने कानून बदला। CEC को कंट्रोल क्यों किया जा रहा है। 3. चुनाव के 45 दिन बाद सीसीटीवी फुटेज क्यों डिलीट किए जाएंगे।

