- नाराज पैंसेजर (पीली हूडी पहने हुए) की क्रू से बहस भी हुई, इसके बाद एक अन्य पैसेंजर ने उसे सीट पर बैठाया
नई दिल्ली : दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGIA) पर रविवार को इंडिगो की फ्लाइट में एक पैसेंजर ने पायलट को थप्पड़ मार दिया। पैसेंजर उड़ान में 13 घंटे से हो रही देरी से नाराज था। घटना दिल्ली से गोवा जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट (6E-2175) की है। इसे सुबह 7.40 बजे उड़ान भरनी थी, जो कोहरे के कारण लेट हुई।
घटना का एक वीडियो सामने आया है। इसमें पीले रंग की हुडी पहने पैसेंजर सीट से उठकर पायलट के पास गया और थप्पड़ मारने के बाद कहा- चलाना है तो चला नहीं तो गेट खोल दे। पैसेंजर की हरकत पर एयर होस्टेस ने कहा- सर, ये गलत है। आप ऐसा नहीं कर सकते।
घटना के बाद फ्लाइट में मौजूद लोगों ने भी पैसेंजर की हरकत का विरोध किया। इसके बाद उसे विमान से बाहर कर सुरक्षाबलों को सौंप दिया गया। पैसेंजर की पहचान साहिल कटारिया के रूप में हुई है। इंडिगो ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।
इंडिगो की फ्लाइट दिल्ली में घने कोहरे की वजह से उड़ान में लगातार देरी होती रही। सुबह से दोपहर तक फ्लाइट में देरी का शेड्यूल अनाउंस होता रहा। फ्लाइट में कुछ देरी पायलट की अदला-बदली के चलते भी हुई। दरअसल उड़ानों में फ्लाइट्स ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस (FDTL) का नियम लागू होता है, यानी एक तय वक्त के बाद पायलटों को फ्लाइट उड़ाने की इजाजत नहीं होती।
पायलट के साथ मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यूजर्स अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक यूजर्स ने बदसलूकी करने वाले पैंसेजर को नो-फ्लाई सूची में डालने को कहा। यूजर ने लिखा कि पायलट या केबिन क्रू को देरी से क्या लेना-देना है? वे बस अपना काम कर रहे थे। इस आदमी को गिरफ्तार करें और उसे नो-फ्लाई लिस्ट में डाल दें। उसकी फोटो पब्लिश करें ताकि लोगों को सार्वजनिक रूप से उसके बुरे स्वभाव के बारे में पता चले।
कांग्रेस नेता बोले- एयरलाइन का गैर-जिम्मेदाराना रवैया, मंत्री-मीडिया सब खामोश
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने X पर लिखा- सोशल मीडिया उन नाराज यात्रियों की शिकायतों से भरा पड़ा है, जो घंटों तक विमानों, एयरपोर्ट और यहां तक कि एयरोब्रिज के अंदर फंसे हुए हैं। अत्यधिक देरी, खराब कस्टमर सर्विस और एयरलाइंस की गैर-जिम्मेदारी यात्रियों को परेशान कर रही है। वे सिर्फ असहाय होकर @DGCAIndia और उड्डयन मंत्री को टैग कर रहे है, लेकिन मंत्री, मंत्रालय और मीडिया ने चुप्पी साध रखी है। अगर कांग्रेस सरकार में होती तो इस स्थिति में 24×7 नॉन-स्टॉप मीडिया कवरेज होती।

