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फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रॉन इस तारीख को आएंगे जयपुर, पीएम मोदी करेंगे स्वागत, गणतंत्र दिवस के हैं मुख्य अतिथि

नई दिल्ली : 75वें गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने से एक दिन पहले जयपुर पधारेंगे। यहां वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भारत-फ्रांस द्विपक्षीय बैठक करेंगे। बतादें कि मैक्रॉन को उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। बता दें कि फ्रांस ने जुलाई, 2023 में पीएम नरेन्द्र मोदी का बास्तिला दिवस के अवसर पर बतौर राजकीय मेहमान जैसा भव्य स्वागत किया था वैसा ही स्वागत भारत राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रा का करना चाहता है। राष्ट्रपति मैक्रा 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजकीय मेहमान होंगे। भारत के दो दिवसीय दौरे पर वह 25 जनवरी को जयपुर पहुंचने पर पीएम मोदी उनका स्वागत करेंगे।

बता दें कि 25 जनवरी को मैक्रों के साथ शीर्ष अधिकारियों और सीईओ समेत 50 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी आ रहा है। 25 जनवरी को स्वागत समारोह के बाद राष्ट्रपति मैक्रॉन और पीएम मोदी के साथ रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा, शिक्षा, रक्षा उपकरणों का स्वदेशी निर्माण, प्रवासन और गतिशीलता और इंडो-पैसिफिक जैसे मुद्दों पर उनकी द्विपक्षीय बैठक और दिन के अंत तक घोषणाएं होने की उम्मीद है।

बता दें कि मैक्रॉन की यात्रा से पहले, उनके राजनयिक सलाहकार इमैनुएल बोने और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने पिछले हफ्ते दिल्ली में मुलाकात की, जिसमें 25 जनवरी को जयपुर और उसके बाद 26 जनवरी को दिल्ली की उनकी यात्रा का विवरण तैयार किया गया।

बता दें कि वैश्विक पटल पर भारत और फ्रांस जिस तरह से एक दूसरे पर भरोसा करते हैं वैसा उदाहरण बहुत ही कम है। यह इस बात से भी समझी जा सकती है कि पिछले छह महीनें के दौरान 25 जनवरी, 2024 को पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रा के बीच छठी बार बैठक होगी। फ्रांस भारत का पहला रणनीतिक साझेदार देश है।

जानकारी के मुताबिक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पीएम मोदी आमेर का किला, हवामहल और जंतर-मंतर भी जा सकते हैं। इसके अलावा जयपुर में ही दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। मैक्रॉन की यह यात्रा इस बात को दर्शाता है कि क्यों फ्रांस को भारतीय कूटनीति में नये रूस के तौर पर देखा जाता है। आगामी गणतंत्र दिवस में मेहमान बनने के लिए भारत सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को आमंत्रित किया था। बाइडन के मना करने के बाद अंत समय में फ्रांसीसी राष्ट्रपति के कार्यालय से बात की गई और मैक्रा ने द्विपक्षीय रिश्तों की अहमियत को देख कर यात्रा को हरी झंडी दिखाई।

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